{"_id":"57c9b9984f1c1b3d782cc896","slug":"strike-was-crumbling-system","type":"story","status":"publish","title_hn":" हड़ताल से चरमरा गया सिस्टम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हड़ताल से चरमरा गया सिस्टम
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Sat, 03 Sep 2016 12:29 AM IST
विज्ञापन
नारेबाजी करते विभिन्न संगठनों के कर्मचारी नेता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार का दिन हड़ताल के नाम रहा। रोडवेज, विद्युत निगम और सरकारी बैंकों के कर्मचारी सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में हड़ताल पर रहे। जगह-जगह धरना प्रदर्शन किए गए। सरकारी बैंकों में कामकाज लगभग ठप रहा। केवल बैंक के अफसर ही कार्य कर रहे थे। उधर, रोडवेज कर्मियों की हड़ताल का भी मिलाजुला असर रहा।
विज्ञापन
संविदा कर्मियों के हड़ताल पर न होने से कुछ बसों का संचालन हुआजबकि डिपो पर परिवहन निगम की बसें खड़ी रहीं। पूर्व घोषित हड़ताल से शहर की शांति भंग न हो इसलिए एडीएम सिटी समेत पुलिस अधिकारियों ने सुबह ही पुराने बस अड्डे पर डेरा डाल दिया था। सुबह 8 से 9 बजे के बीच पुराने बस अड्डे पर नियमित कर्मचारियों ने बसों को रोकने की कोशिश की।
विज्ञापन
बाद में सरकारी अमला पहुंचने पर स्थिति को संभाला गया। दोपहर तक बस अड्डे से अनुबंधित बसों का संचालन ठीक हुआ। दोपहर 12 बजे तक मेरठ के लिए 40 और बुलंदशहर के लिए 37 बसें जा चुकी थीं। कौशांबी में वोल्वो बसों के ड्राइवरों ने हड़ताल में शामिल न होने का दिखावा करते हुए संचालन प्रभावित किया ।
विज्ञापन
दूसरी ओर, यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के पदाधिकारी ओमवीर सिंह सिरोही, ओमवीर सिंह, राजेंद्र कुमार समेत दर्जनों कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की मांग है कि रोड ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल को समाप्त किया जाए, श्रम कानूनों में बदलाव हो, श्रमिकों की स्थायी नियुक्ति की जाए, ईपीएफ की पेंशन दर में वृद्धि की जाए आदि।उधर, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने चीफ इंजीनियर ऑफिस पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में संविदा कर्मियों के साथ नियमित कर्मचारी भी शामिल रहे। समिति के अध्यक्ष आरएस राय ने आरोप लगाया विभाग में 65 हजार नियमित कर्मचारियों के पद खाली हैं। इनके बदले सरकार संविदा कर्मियों से काम करा रही है। नियमित कर्मचारियों के वेतनमान में विसंगतियां हैं। संविदाकर्मियों का वेतनमान 15 हजार किया जाए।
वर्ष 2000 के बाद लगे कर्मचारियों को पेंशन दी जाए, कर्मचारियों का प्रमोशन किया जाए।
बैंकों में 400 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
सरकारी बैंकों की एक दिन की हड़ताल से गाजियाबाद में करीब 400 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ। सिंडिकेट बैंक इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील गोयल ने बताया कि सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी आरडीसी स्थित सिंडिकेट बैंक के सामने एकत्र हुए और सरकार विरोधी नारेबाजी की। कुछ कर्मचारियों ने नवयुग मार्केट स्थित पीएनबी के सामने प्रदर्शन किया।
हड़ताल की वजह से बैंकों में कामकाज ठप रहा। केवल अधिकारी ही अपना काम कर रहे थे।
सरकारी अस्पतालों की नर्सें भी गईं हड़ताल पर
अपनी मांगों को लेकर सरकारी अस्पताल में तैनात नर्सें शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गईं। ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन के आह्वान पर राजकीय नर्सेज संघ गाजियाबाद शाखा के बैनर तले नर्सों ने हड़ताल का एलान कर दिया। अस्पताल की व्यवस्था बनाने के लिए सीएमओ डा. अजेय अग्रवाल ने संविदा पर तैनात नर्सों को ड्यूटी पर लगाया।
संघ की अध्यक्ष राजकुमारी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री भारत सरकार के साथ एक माह पहले बैठक हुई थी, जिसमें कई मांगें रखी गईं थीं। मंत्री हिना विक्टर ने बताया कि नर्सों की आउटसोर्सिंग बंद करना और नर्सेज का जोखिम भत्ता देने की मांग प्रमुख हैं। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी।
अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी
अल्ट्र्रासाउंड सेंटर संचालकों की हड़ताल दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। इस दौरान कुछ सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों समेत कुछ अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद रहे। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं चालू रहीं, जिससे मरीजों पर उतना असर नहीं दिखा। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों की काफी भीड़ रही।
इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन गाजियाबाद के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के नाम पर प्राइवेट डाक्टर्स का शोषण के विरोध में हड़ताल अभी जारी रहेगी। इसको लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन जारी है और सरकार से बातचीत भी चल रही है। अगर अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों और रेडियोलॉजिस्ट के हक में फैसला हुआ तो हड़ताल खत्म होगी नहीं तो हड़ताल जारी रहेगी।
मजदूर महासंघ ने निकाली विरोध रैली
गाजियाबाद। राष्ट्रीय मजदूर महासंघ ने केंद्र सरकार द्वारा 12 सूत्रीय मांगें पूरी न किए जाने पर शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में बढ़-चढ़ कर भागीदारी की। मजदूर संघ ने अपना विरोध जताने के लिए औद्योगिक क्षेत्र बुलंदशहर रोड और जीटी रोड से जुलूस निकाला। मजदूर संघ ने अलग-अलग चौक चौराहों पर विरोध प्रदर्शन किया।
मेरठ रोड के श्रमिकों ने ईएसई इंडस्ट्रीज से हमदर्द चौराहा, पावर हाउस चौराहा, ब्रिटेनिया चौक होते हुए जुलूस निकाली और लोहिया नगर स्थित श्रम कार्यालय तक पहुंचे। विरोध प्रदर्शन में श्रीकृष्ण सिंह, कैलाश चंद पांडेय, कन्हैया मिश्रा, वेदपाल नागर, नानक चंद, हसरत अली, दीपक कुमार आदि बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान जिस ओर से भी यह रैली निकली सड़कों पर जाम की स्थिति रही।