{"_id":"684885bd7e7530ee7b0103aa","slug":"so-far-only-51-rte-admissions-have-been-done-ghaziabad-news-c-30-gbd1016-654390-2025-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: अब तक 51 फीसदी ही हुए आरटीई के दाखिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: अब तक 51 फीसदी ही हुए आरटीई के दाखिले
विज्ञापन
गाजियाबाद। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत जिले में बच्चों के दाखिलों की संख्या रुक गई है। दिसंबर 2024 से चली आ रही आरटीई के दाखिलों की प्रक्रिया में अभी तक 51 फीसदी बच्चों के ही दाखिले हुए हैं। चार चरणों में चयनित कुल 6306 बच्चों में से 3272 बच्चों का दाखिला स्कूलों में कराया गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के शत प्रतिशत चयनित बच्चों के दाखिले कराने के दावे फेल हो रहे हैं। स्कूल हर वर्ष की तरह अभिभावकों से चक्कर पर चक्कर लगवा रहे हैं। कोई न कोई बहाना बनाकर दाखिलों को टाल रहे हैं लेकिन एक भी स्कूल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विभाग स्कूलों को नोटिस देने तक ही सीमित हैं। जिला समन्वयक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि स्कूलों को नोटिस जारी किए गए, उनसे कई बार बात भी की गई लेकिन स्कूल अपनी मनमानी पर अड़े हैं। हर वर्ष स्कूलों की मान्यता प्रत्याहरण के लिए निदेशालय को पत्र भेजे जाते हैं।
विज्ञापन
पिछले वर्ष जिलाधिकारी के हस्ताक्षर के साथ दाखिले न करने वाले स्कूलों की मान्यता प्रत्याहरण के लिए पत्र भेजा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कुछ स्कूल ऐसे हैं जो दाखिले न करने की जिद पर अड़े हैं। बाकी स्कूल फोन पर बात करने से दाखिले कर रहे हैं। कार्यालय आ रहे अभिभावकों की परेशानी सुनी जा रही है व स्कूलों में बात करके दाखिले कराए जा रहे हैं।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग के शत प्रतिशत चयनित बच्चों के दाखिले कराने के दावे फेल हो रहे हैं। स्कूल हर वर्ष की तरह अभिभावकों से चक्कर पर चक्कर लगवा रहे हैं। कोई न कोई बहाना बनाकर दाखिलों को टाल रहे हैं लेकिन एक भी स्कूल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
विभाग स्कूलों को नोटिस देने तक ही सीमित हैं। जिला समन्वयक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि स्कूलों को नोटिस जारी किए गए, उनसे कई बार बात भी की गई लेकिन स्कूल अपनी मनमानी पर अड़े हैं। हर वर्ष स्कूलों की मान्यता प्रत्याहरण के लिए निदेशालय को पत्र भेजे जाते हैं।
विज्ञापन
पिछले वर्ष जिलाधिकारी के हस्ताक्षर के साथ दाखिले न करने वाले स्कूलों की मान्यता प्रत्याहरण के लिए पत्र भेजा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कुछ स्कूल ऐसे हैं जो दाखिले न करने की जिद पर अड़े हैं। बाकी स्कूल फोन पर बात करने से दाखिले कर रहे हैं। कार्यालय आ रहे अभिभावकों की परेशानी सुनी जा रही है व स्कूलों में बात करके दाखिले कराए जा रहे हैं।