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छह गांव के किसान नहीं डालेंगे वोट
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Fri, 06 Jan 2017 12:18 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मंडोला गांव में प्रदेश सरकार की भूमि अधिग्रहण नीतियों के खिलाफ धरने पर बैठे छह गांव के किसानों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की है। किसानों ने बृहस्पतिवार धरना स्थल पर पंचायत कर यह निर्णय लिया।
छह गांव मंडोला, नानू, पंचलोक, नवादा, अगरौला और मकसूदाबाद बामला के किसान दो दिसंबर से मंडोला गांव में धरने पर बैठे हैं। किसानों का आरोप है कि आवास विकास परिषद ने किसानों को ठगा है। किसानों की मांग है कि उन्हें पूर्ण अधिकार के साथ उनकी 50 प्रतिशत भूमि वापस दी जाए।
दिए गए मुआवजे को शेष भूमि में समायोजित किया जाए। किसानों को वापस मिलने वाली भूमि 30 प्रतिशत मिश्रित भू-उपयोगी और 70 प्रतिशत कृषि हो। आविप को मिली भूमि की विक्रय दर निर्धारित कर 60 प्रतिशत किसानों को दिया जाए।
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किसानों का आरोप है कि पिछले एक माह के दौरान उनके द्वारा दिए गए ज्ञापन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इससे उनमें रोष है। किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष महेंद्र त्यागी ने बताया बृहस्पतिवार को धरना स्थल पर सभी छह गांवों के लोगों की पंचायत की गई।
पंचायत में 11 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने पर सर्वसहमति जताई गई। साथ ही इन गांवों का कोई भी परिवार वोट नहीं डालेगा।
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छह गांव मंडोला, नानू, पंचलोक, नवादा, अगरौला और मकसूदाबाद बामला के किसान दो दिसंबर से मंडोला गांव में धरने पर बैठे हैं। किसानों का आरोप है कि आवास विकास परिषद ने किसानों को ठगा है। किसानों की मांग है कि उन्हें पूर्ण अधिकार के साथ उनकी 50 प्रतिशत भूमि वापस दी जाए।
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दिए गए मुआवजे को शेष भूमि में समायोजित किया जाए। किसानों को वापस मिलने वाली भूमि 30 प्रतिशत मिश्रित भू-उपयोगी और 70 प्रतिशत कृषि हो। आविप को मिली भूमि की विक्रय दर निर्धारित कर 60 प्रतिशत किसानों को दिया जाए।
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किसानों का आरोप है कि पिछले एक माह के दौरान उनके द्वारा दिए गए ज्ञापन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इससे उनमें रोष है। किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष महेंद्र त्यागी ने बताया बृहस्पतिवार को धरना स्थल पर सभी छह गांवों के लोगों की पंचायत की गई।
पंचायत में 11 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने पर सर्वसहमति जताई गई। साथ ही इन गांवों का कोई भी परिवार वोट नहीं डालेगा।