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गाजियाबाद में चिकनगुनिया से दूसरी मौत

Tue, 13 Sep 2016 10:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद Updated Tue, 13 Sep 2016 10:18 PM IST
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second death of chikungunya in Ghaziabad
zfgsdfgrse - फोटो : Getty Images

दिल्ली में चिकनगुनिया से गाजियाबाद के एक और व्यक्ति की मौत के बाद इस बीमारी से मरने वालों की संख्या दो हो गई है। हालांकि डॉक्टरों का दावा है कि आमतौर पर चिकनगुनिया जानलेवा नहीं होता है। किसी खास तरह के केस में ही इससे जान जा सकती है। हालांकि इस साल इसके मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

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स्प्रे और फॉगिंग के साथ-साथ लोगों को खुद भी सावधानियां बरतनी चाहिए।सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में लगातार फीवर और चिकनगुनिया के मरीज आ रहे हैं। वर्ष 2013 में जहां सिर्फ 2 चिकनगुनिया के मरीज चिन्हित हुए थे वहीं इस बार चिकनगुनिया के मरीजों का आंकड़ा सौ के पार हो गया है।
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मरीजों में हाई फीवर, जोड़ों में दर्द के साथ पचास फीसदी मरीजों में शरीर पर लाल चकते दिखाई दे रहे हैं।  जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा का कहना है कि चिकनगुनिया जानलेवा नहीं है। हो सकता है पीड़ित व्यक्ति पहले से भी किसी बीमारी से पीड़ित हों।
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उन्होंने कहा कि जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उन पर बीमारियों का असर ज्यादा होता है। डॉक्टरों का कहना है कि शिशुओं और 60 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति में चूंकि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, ऐसे में उनकी जान जाने की आशंका बन

 फिजिशियन डॉ. अंशुल वार्ष्णेय ने बताया कि चिकनगुनिया में बुखार के साथ शरीर के जोड़ों में बहुत तेज दर्द होता है। इसे बर्दाश्त कर पाना मरीज के बस के बाहर होता है, इसमें प्लटलेट्स 80 हजार से कम नहीं होता जबकि डेंगू में तेज बुखार के साथ सिर दर्द और प्लेटलेट्स 20 हजार से भी कम हो जाता है।

इस बीमारी में एस्प्रीन या ब्रुफेन जैसी दर्द निवारक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। बुखार आते ही पैरासिटामोल ही लेना चाहिए और जल्द से जल्द चिकित्सक को दिखाना चाहिए।

चिकनगुनिया से मौत पर छिड़ी बहस
नई दिल्ली। राजधानी में चिकनगुनिया से हो रही मौत पर अब यह बहस होने लगी है कि क्या चिकनगुनिया से भी मौत हो सकती है। जबकि बार-बार यह कहा जा रहा था कि चिकनगुनिया से मौत नहीं होती।

पिछले एक सप्ताह में दिल्ली में इस बीमारी से चार मरीजों की मौत हुई है, जिसमें तीन की उम्र 60 वर्ष से ऊपर और एक मरीज जिसकी उम्र 22 वर्ष थी और वह हृदय संबंधी गंभीर बीमारी से पीड़ित थी।

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके रॉय का कहना है कि सिर्फ चिकनगुनिया से मरीज की मौत की संभावना बहुत कम होती है। चिकित्सा साहित्य के अनुसार यदि एक लाख मरीज को चिकनगुनिया हुआ हो तो उसमें से एक मरीज की मौत की आशंका होती है।

डॉ. रॉय का कहना है कि यदि किसी मरीज को कोई गंभीर बीमारी हो और ब्लड शुगर काफी बढ़ा हुआ हो, शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी हो और चिकनगुनिया हो जाए तो ऐसी स्थिति में मौत की आशंका होती है।

मरीजों का मैन्यू बदला
बुखार के मरीजों को देखते हुए सरकारी अस्पतालों के मरीजों को अधिकतर तरल पदार्थ खाने में दिया जा रहा है। खाने में बुखार के सभी मरीजों को रोटी के बदले खिचड़ी दी जा रही है। इसके अलावा फल भी दिए जा रहे हैं।  


चिकनगुनिया के लक्षण
- तेज बुखार, सिर दर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों में असहनीय दर्द

- प्लेटलेट्स 90 हजार तक
- आंखों के पीछे दर्द होना

- लाल चकते होना

डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव
- पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों आदि को ढंक कर रखें
- सप्ताह में एक बार कूलर को खाली करके सुखा दें

- यह मच्छर दिन के समय काटता है, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें
- सोने के लिए दिन में भी मच्छरदानी का इस्तेमाल करें

- बुखार आने पर पैरासिटामोल ले सकते हैं, ज्यादा परेशानी पर डॉक्टर से मिलें


 डेंगू के 15 और चिकनगुनिया के 11 मरीज मिले
मंगलवार को डेंगू के 186 सैंपल की जांच हुई, जिसमें से 15 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें से एक मरीज गौतमबुद्धनगर का है। इसके अलावा 43 चिकनगुनिया के सैंपल की जांच की गई, जिसमें से 11 मरीजों में पुष्टि हुई है। इसको मिला कर चिकनगुनिया के अब तक कुल 121 और डेंगू के कुल 107 मरीज चिन्हित हुए हैं।

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