गर्मी के साथ बढ़ी ये परेशानी: रोज अस्पताल पहुंच रहे 100-150 मरीज, कई हो रहे भर्ती; जानें बचाव और लक्षण
सोमवार को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया। यह स्थिति पिछले एक सप्ताह से बनी है। गर्मी आते ही अस्पतालों में मरीज बढ़ने लगे।
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गर्मी बढ़ने के साथ ही डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) से परेशानी होने लगी है। जिला अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी में रोजाना 600 से 700 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें से 100 से 150 मरीजों में डिहाइड्रेशन की वजह से हाथ-पैर में ऐंठन व दर्द की परेशानी है। पांच मरीजों को भर्ती कर इलाज किया गया। सोमवार को ओपीडी में 1,694 मरीजों का पंजीकरण हुआ। जबकि 85 मरीजों को भर्ती किया गया। इनमें 812 महिलाएं, 606 पुरुष और 276 बच्चे थे। बुखार से ग्रसित 419 मरीजों का इलाज हुआ।
सोमवार को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया। यह स्थिति पिछले एक सप्ताह से बनी है। गर्मी आते ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इन दिनों सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। लोग उल्टी-दस्त और पानी की कमी के शिकार हो रहे हैं। महिला अस्पताल के सिक न्यू बॉर्न चाइल्ड यूनिट (एसएनसीयू) में भी उल्टी दस्त के शिकार बच्चों की संख्या बढ़ी है।
एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ.आलोक रंजन का कहना है कि घर से खाली पेट ना निकलें। धूप के सीधे संपर्क में आने से बचें। अधिक तली-भुनी चीजों का प्रयोग न करें। शरीर में पानी की कमी नहीं होने पाए, इसलिए कुछ देर में तरल पदार्थ जरूर लेते रहें।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
जी मिचलाना, उल्टी दस्त होना, चक्कर आना व चिड़चिड़ापन महसूस होना, सिर दर्द, पेट में मरोड़ उठना, मुंह सूखना।
इस तरह से करें बचाव
पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
समय-समय पर ओआरएस का घोल पीते रहें।
साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
बाहर का खाना खाने से बचें।
गरिष्ठ भोजन न करें।
तरल पेय पदार्थों का खूब सेवन करें।
धूप में घर से बाहर निकलते समय टोपी, साफा आदि से सिर ढंककर निकलें।
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि गर्मी बढ़ने से उल्टी-दस्त और पानी की कमी के मरीज बढ़े हैं। ओपीडी में इलाज के अलावा इमरजेंसी में भी ओआरएस घोल और डिहाइड्रेशन होने पर दवाई के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।