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Ghaziabad News: प्रताप विहार ए ब्लॉक की पहचान... टूटी सड़कें, गंदा पानी और बंद स्ट्रीट लाइटें
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प्रताप विहार ए ब्लॉक सेक्टर 11 की नाली जाम। संवाद
गाजियाबाद। प्रताप विहार सेक्टर-11 के ए ब्लॉक में रहने वाले लोग लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। गंगाजल की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने को खोदी गई सड़क सात माह से उसी स्थिति में है। इससे दिनभर धूल उड़ती रहती है। बारिश होने पर जलभराव और कीचड़ से जूझना पड़ता है।
क्षेत्र में लगभग 2200 घर है, जिनमें करीब 10 हजार लोग रहते हैं। इनका कहना है कि जलभराव, गंदगी, खराब स्ट्रीट लाइटों और नशाखोरों की मौजूदगी से जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
सात महीने से बदहाल हैं सड़कें, आए दिन हो रहे हादसे
स्थानीय निवासी हिमांशु ने बताया कि गंगाजल की आपूर्ति के लिए करीब सात माह पहले पाइपलाइन बिछाई गई थी। काम पूरा होने के बाद सड़कें नहीं बनाई गईं। कई जगह गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। कई बच्चे इनमें गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
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बारिश में जलभराव, कूड़ा उठान भी लचर
पीएस चौहान के अनुसार, नालों की महीनों से सफाई नहीं हुई है। निचला इलाका होने के कारण बारिश के दौरान घरों के सामने दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है। इससे हादसों का खतरा बना रहता है। कूड़ा उठाने वाला वाहन सुबह आता तो है, लेकिन कई बार बिना रुके निकल जाता है। मजबूरन लोग खाली जगहों पर कूड़ा फेंक देते हैं, जिससे गंदगी और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
रात में अंधेरा और नशाखोरों का डर
निवासियों का कहना है कि पेड़ों की छंटाई नहीं होने से स्ट्रीट लाइटें ढक गई हैं, जबकि कई लाइटें खराब पड़ी हैं। इससे रात में सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है। चौराहों पर नशाखोरों का जमावड़ा होने से महिलाएं और बच्चे रात में बाहर निकलने से कतराते हैं।
पार्क भी बदहाल
इलाके का पार्क भी रखरखाव के अभाव में बदहाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद पार्क की स्थिति नहीं सुधारी गई। इस कारण लोगों ने वहां जाना लगभग छोड़ दिया है।
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क्षेत्र में लगभग 2200 घर है, जिनमें करीब 10 हजार लोग रहते हैं। इनका कहना है कि जलभराव, गंदगी, खराब स्ट्रीट लाइटों और नशाखोरों की मौजूदगी से जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
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सात महीने से बदहाल हैं सड़कें, आए दिन हो रहे हादसे
स्थानीय निवासी हिमांशु ने बताया कि गंगाजल की आपूर्ति के लिए करीब सात माह पहले पाइपलाइन बिछाई गई थी। काम पूरा होने के बाद सड़कें नहीं बनाई गईं। कई जगह गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। कई बच्चे इनमें गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
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बारिश में जलभराव, कूड़ा उठान भी लचर
पीएस चौहान के अनुसार, नालों की महीनों से सफाई नहीं हुई है। निचला इलाका होने के कारण बारिश के दौरान घरों के सामने दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है। इससे हादसों का खतरा बना रहता है। कूड़ा उठाने वाला वाहन सुबह आता तो है, लेकिन कई बार बिना रुके निकल जाता है। मजबूरन लोग खाली जगहों पर कूड़ा फेंक देते हैं, जिससे गंदगी और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
रात में अंधेरा और नशाखोरों का डर
निवासियों का कहना है कि पेड़ों की छंटाई नहीं होने से स्ट्रीट लाइटें ढक गई हैं, जबकि कई लाइटें खराब पड़ी हैं। इससे रात में सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है। चौराहों पर नशाखोरों का जमावड़ा होने से महिलाएं और बच्चे रात में बाहर निकलने से कतराते हैं।
पार्क भी बदहाल
इलाके का पार्क भी रखरखाव के अभाव में बदहाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद पार्क की स्थिति नहीं सुधारी गई। इस कारण लोगों ने वहां जाना लगभग छोड़ दिया है।

प्रताप विहार ए ब्लॉक सेक्टर 11 की नाली जाम। संवाद

प्रताप विहार ए ब्लॉक सेक्टर 11 की नाली जाम। संवाद

प्रताप विहार ए ब्लॉक सेक्टर 11 की नाली जाम। संवाद