{"_id":"59daf2d64f1c1b65548b662a","slug":"politicians-skip-wreath-laying-ceremony-of-tawang-crash","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शहीद जवान की अंतिम विदाई में न सांसद पहुंचे और न ही कोई अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद जवान की अंतिम विदाई में न सांसद पहुंचे और न ही कोई अफसर
amarujala.com, Presented by: अंशुल तलमले
Updated Mon, 09 Oct 2017 09:23 AM IST
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देश की रक्षा के लिए अपनी जान न्यौछावर कर देने वाले जवानों की अंतिम यात्रा में शामिल होना देश के नेताओं और अधिकारियों को जरूरी नहीं लगता। अरुणाचल प्रदेश में शहीद हुए स्क्वॉड्रन लीडर शिशिर तिवारी के अंतिम संस्कार में शुक्रवार को हिंडन घाट पर न डीएम पहुंचीं और न ही उनका कोई प्रतिनिधि।
हद तो तब हो गई जब जिले के सांसद वीके सिंह भी नहीं आए जो खुद थल सेनाध्यक्ष रह चुके हैं। इतना ही नहीं क्षेत्रीय विधायक सुनील शर्मा तक जवान के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे। जन प्रतिनिधियों और अफसरों की इस संवेदनहीनता से स्थानीय लोगों में रोष है।
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हद तो तब हो गई जब जिले के सांसद वीके सिंह भी नहीं आए जो खुद थल सेनाध्यक्ष रह चुके हैं। इतना ही नहीं क्षेत्रीय विधायक सुनील शर्मा तक जवान के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे। जन प्रतिनिधियों और अफसरों की इस संवेदनहीनता से स्थानीय लोगों में रोष है।
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तिरंगे में लिपटा शव देख बिलख उठे परिजन
बिलखते परिजन
पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में तैनाती के दौरान अरुणाचल प्रदेश के तवांग प्रांत में शहीद हुए स्क्वॉड्रन लीडर शिशिर तिवारी का पार्थिव शरीर रविवार सुबह करीब पांच बजे इंदिरापुरम स्थित अंबे जी सोसायटी में उनके आवास पर पहुंचा। तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर देखते ही परिजन बिलख उठे।
कुछ ही देर में उनके अंतिम दर्शन करने वालों का तांता लग गया। यहां तक कि योग गुरु बाबा रामदेव भी उन्हें श्रद्धांजलि देने आए लेकिन जिन्हें अनिवार्य तौर पर मौजूद होना चाहिए था, वो कहीं नहीं दिखे। इनमें जिला प्रशासन के अधिकारी, सांसद और विधायक प्रमुख हैं। हिंडन घाट पर सुरक्षा मद्देनजर कोतवाली प्रभारी और नया बस अड्डा चौकी इंचार्ज ही मौजूद रहे।
कुछ ही देर में उनके अंतिम दर्शन करने वालों का तांता लग गया। यहां तक कि योग गुरु बाबा रामदेव भी उन्हें श्रद्धांजलि देने आए लेकिन जिन्हें अनिवार्य तौर पर मौजूद होना चाहिए था, वो कहीं नहीं दिखे। इनमें जिला प्रशासन के अधिकारी, सांसद और विधायक प्रमुख हैं। हिंडन घाट पर सुरक्षा मद्देनजर कोतवाली प्रभारी और नया बस अड्डा चौकी इंचार्ज ही मौजूद रहे।
क्या बोले सांसद प्रतिनिधि
जिले से सांसद, केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री और पूर्व थल सेना अध्यक्ष वीके सिंह की गैर मौजूदगी पर सांसद प्रतिनिधि संजीव शर्मा ने बताया कि शहीद का पार्थिव शरीर लाए जाने की कोई सूचना नहीं थी अगर सूचना दी गई होती तो सांसद जरूर पहुंचते।
तवांग में क्रैश हुआ था विमान
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छह अक्टूबर को वायुसेना का हेलीकॉप्टर एमआई-17 अरुणाचल प्रदेश के तवांग में क्रैश हो गया था। हेलीकॉप्टर में सवार 7 जवानों की मौत हो गई थी। जवान हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाने गए थे। एमआई-17 हेलीकॉप्टर ट्रांसपोर्ट चॉपर है।
इससे पहले शिशिर ने अपने सात साल के कार्यकाल में उत्तराखंड त्रासदी और जम्मू में राहत कार्य में अहम योगदान दिया था। जम्मू में रेस्क्यू के दौरान घायल होने से शिशिर को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।
इससे पहले शिशिर ने अपने सात साल के कार्यकाल में उत्तराखंड त्रासदी और जम्मू में राहत कार्य में अहम योगदान दिया था। जम्मू में रेस्क्यू के दौरान घायल होने से शिशिर को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।