{"_id":"66b6b05475facc583e0bbb14","slug":"police-stopped-sadbhavna-tricolor-yatra-bku-workers-got-angry-traffic-jam-ghaziabad-news-c-30-1-gbd1008-438949-2024-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: पुलिस ने रोकी सद्भावना तिरंगा यात्रा\n\n\n\nभाकियू कार्यकर्ता भड़के, ट्रैफिक जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: पुलिस ने रोकी सद्भावना तिरंगा यात्रा भाकियू कार्यकर्ता भड़के, ट्रैफिक जाम
विज्ञापन
गाजियाबाद / मोदीनगर। भाकियू की सद्भावना तिरंगा यात्रा को पुलिस ने शुक्रवार दोपहर शुरू होने से पहले ही रोक दिया। इससे भाकियू के नेता और कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने तीन जगह पर सड़क जाम कर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दुहाई स्थित ईस्टर्न पेरिफेरल पुल के नीचे, मोदीनगर और भोजपुर में करीब एक घंटे तक हंगामा किया। इस दौरान ट्रैफिक जाम रहा। जिन नेताओं को पुलिस ने नजरबंद किया था, उनको छोड़ने व यात्रा को शुरू कराने के बाद किसान शांत हुए। शाम को डीएम इंद्र विक्रम सिंह को ज्ञापन देने के बाद किसान नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने घरों को गए।
शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर भाकियू के बैनर तले किसान शुक्रवार को सुबह साढ़े नौ बजे ही दुहाई स्थित ईस्टर्न पेरिफेरल के नीचे पहुंचने शुरू हो गए थे। पूरे जिले के कार्यकर्ताओं को यहीं पर एकत्र होकर कलक्ट्रेट तक जाना था। करीब 11 बजे के 15 ट्रैक्टर-ट्राॅली के साथ करीब 100 प्रदर्शनकारी दुहाई में एकत्रित हो गए। इस दौरान उन्हें को पता चला कि जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह समेत भाकियू के 50 से ज्यादा नेताओं उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है।
इससे भड़के कार्यकर्ताओं ने ने करीब 11.30 बजे दुहाई में पहले दिल्ली रोड जाम कर दिया। इसके बाद भी जब पुलिस ने नेताओं को नहीं छोड़ा तो उन्होंने मेरठ रोड पर भी ट्रैक्टर आड़े-तिरछे खड़े करके हंगामा शुरू कर दिया। मोदीनगर और भोजपुर में भी भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने हंगामा किया और सड़क पर जाम लगाया। विवाद बढ़ता देख डीसीपी राजेेश कुमार सिंह दुहाई पहुंच गए। उन्होंने सभी नेताओं को मुक्त करने की बात कही, तब जाकर किसान शांत हुए।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष को लेकर पहुंची पुलिस
: कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बीच पुलिस खुद भाकियू जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह को लेकर दुहाई पहुंची। इसके बाद जिलाध्यक्ष की अगुवाई में किसान ट्रैक्टरों में सवार होकर कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम इंद्र विक्रम सिंह को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन दिया। डीएम ने किसानों को समझाकर किसी तरह शांत किया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस की मनमानी की वजह से शांतिपूर्ण तरीके से निकलने वाली यात्रा को पूरा दिन लग गया। यह किसानों का अपमान है। डीएम से पुलिस के इस रवैये की शिकायत की गई है।
ट्रैफिक जाम से हाल बेहाल
करीब साढ़े 11 बजे जैसे ही किसानों ने जाम लगाया तो कुछ ही देर में वाहनाें की कतारें मुरादनगर तक पहुंच गईं। किसान दूसरी तरफ भी बैठ गए तो मेरठ की तरफ भी वाहनों की कतारें तीन किलोमीटर पीछे तक पहुंच गईं। पुलिस ने मुरादनगर में आयुध निर्माणी और राजनगर एक्सटेंशन चौराहे से वाहनों को एक्सप्रेसवे की तरफ से निकाला। करीब दो बजे यातायात सुचारू हो सका।
भोजपुर थाने के सामने दिया धरना
भोजपुर की ओर से भाकियू के तहसील अध्यक्ष वेदपाल मुखिया और मोदीनगर की तरफ से नगर अध्यक्ष पवन चौधरी के नेतृत्व में किसान गाजियाबाद के लिए रवाना हुए। भोजपुर की तरफ से वेदपाल मुखिया और कुलदीप त्यागी ट्रैक्टर के काफिले के साथ निकले। पुलिस ने सभी को रोक दिया। किसानों ने एक्सप्रेसवे पर चढ़ने का प्रयास किया ,लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। गुस्साए प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए भोजपुर थाने के सामने धरना देकर बैठ गए। उधर दिल्ली-मेरठ मार्ग स्थित राज चौचले पर पुलिस ने पवन चौधरी का काफिला रोक दिया। विरोध में किसान मुख्य मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए। एसीपी से वार्ता के बाद किसानों ने थाने के सामने धरना समाप्त करल जाम खोल दिया।
विज्ञापन
शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर भाकियू के बैनर तले किसान शुक्रवार को सुबह साढ़े नौ बजे ही दुहाई स्थित ईस्टर्न पेरिफेरल के नीचे पहुंचने शुरू हो गए थे। पूरे जिले के कार्यकर्ताओं को यहीं पर एकत्र होकर कलक्ट्रेट तक जाना था। करीब 11 बजे के 15 ट्रैक्टर-ट्राॅली के साथ करीब 100 प्रदर्शनकारी दुहाई में एकत्रित हो गए। इस दौरान उन्हें को पता चला कि जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह समेत भाकियू के 50 से ज्यादा नेताओं उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है।
विज्ञापन
इससे भड़के कार्यकर्ताओं ने ने करीब 11.30 बजे दुहाई में पहले दिल्ली रोड जाम कर दिया। इसके बाद भी जब पुलिस ने नेताओं को नहीं छोड़ा तो उन्होंने मेरठ रोड पर भी ट्रैक्टर आड़े-तिरछे खड़े करके हंगामा शुरू कर दिया। मोदीनगर और भोजपुर में भी भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने हंगामा किया और सड़क पर जाम लगाया। विवाद बढ़ता देख डीसीपी राजेेश कुमार सिंह दुहाई पहुंच गए। उन्होंने सभी नेताओं को मुक्त करने की बात कही, तब जाकर किसान शांत हुए।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष को लेकर पहुंची पुलिस
: कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बीच पुलिस खुद भाकियू जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह को लेकर दुहाई पहुंची। इसके बाद जिलाध्यक्ष की अगुवाई में किसान ट्रैक्टरों में सवार होकर कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम इंद्र विक्रम सिंह को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन दिया। डीएम ने किसानों को समझाकर किसी तरह शांत किया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस की मनमानी की वजह से शांतिपूर्ण तरीके से निकलने वाली यात्रा को पूरा दिन लग गया। यह किसानों का अपमान है। डीएम से पुलिस के इस रवैये की शिकायत की गई है।
ट्रैफिक जाम से हाल बेहाल
करीब साढ़े 11 बजे जैसे ही किसानों ने जाम लगाया तो कुछ ही देर में वाहनाें की कतारें मुरादनगर तक पहुंच गईं। किसान दूसरी तरफ भी बैठ गए तो मेरठ की तरफ भी वाहनों की कतारें तीन किलोमीटर पीछे तक पहुंच गईं। पुलिस ने मुरादनगर में आयुध निर्माणी और राजनगर एक्सटेंशन चौराहे से वाहनों को एक्सप्रेसवे की तरफ से निकाला। करीब दो बजे यातायात सुचारू हो सका।
भोजपुर थाने के सामने दिया धरना
भोजपुर की ओर से भाकियू के तहसील अध्यक्ष वेदपाल मुखिया और मोदीनगर की तरफ से नगर अध्यक्ष पवन चौधरी के नेतृत्व में किसान गाजियाबाद के लिए रवाना हुए। भोजपुर की तरफ से वेदपाल मुखिया और कुलदीप त्यागी ट्रैक्टर के काफिले के साथ निकले। पुलिस ने सभी को रोक दिया। किसानों ने एक्सप्रेसवे पर चढ़ने का प्रयास किया ,लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। गुस्साए प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए भोजपुर थाने के सामने धरना देकर बैठ गए। उधर दिल्ली-मेरठ मार्ग स्थित राज चौचले पर पुलिस ने पवन चौधरी का काफिला रोक दिया। विरोध में किसान मुख्य मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए। एसीपी से वार्ता के बाद किसानों ने थाने के सामने धरना समाप्त करल जाम खोल दिया।