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पाइपलाइन फटने से नहीं ठप होगी पानी की सप्लाई
ब्यूरो, अमर उजाला /साहिबाबाद
Updated Sun, 22 Jan 2017 12:29 AM IST
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- फोटो : Getty Images
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वसुंधरा जोन में पाइपलाइन फटने के दौरान होने वाली हजारों लीटर पानी की बर्बादी को रोका जा सकेगा। नगर निगम पुरानी लाइनों की जगह नई पाइप लाइन बिछाने की योजना बना रहा है। नए मानकों के अनुरूप पानी की लाइन बिछाई जाएगी।
वसुंधरा जोन की वैशाली, वसुंधरा, कौशांबी और डेल्टा कालोनी में आबादी बसने के समय पानी की लाइन बिछाई गई थी। यह पानी की लाइनें चार किलोग्राम तक का प्रेशर ही झेल सकने की क्षमता रखती हैं।
कालोनियों में हाईराइज बिल्डिंग और एकल यूनिट पर तीन से चार मंजिल बिल्डिंग बन गई हैं। इनमें एक फ्लोर पर कई फ्लैट हैं। ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंच सके, इसके लिए नगर निगम को अधिक प्रेशर से पानी की सप्लाई करनी पड़ती है।
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प्रेशर अधिक होने से पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इन्हें ठीक करने में नगर निगम को हर वर्ष लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसको देखते हुए नगर निगम ने पानी की लाइनों को बदलने की योजना बनाई है।
अवर अभियंता लाइनों का सर्वे पूरा कर लिया है। चुनाव के बाद स्टीमेट तैयार किया जाएगा। इसके बाद लाइन को बदलने का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। अवर अभियंता योगेंद्र यादव ने बताया कि लाइनें पुरानी हो चुकी हैं।
इसकी वजह से वह अधिक प्रेशर नहीं झेल पाती। लाइनों को बदलने की योजना बनाई है। प्रस्ताव बनाकर जल्द ही मुख्यालय भेज दिया जाएगा। पहले चरण में वैशाली की लाइनों को बदलने का काम किया जाएगा।
- पानी की लाइन क्षतिग्रस्त होने से होती है पानी की किल्लत
टीएचए में आए दिन पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है। इसकी वजह लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ता है। नगर निगम को लाइन को ठीक करने में दो दिन का समय लगता है। जब तक लाइन ठीक नहीं होती है तब कालोनी में सप्लाई ठप रहती है। नई लाइनों के बिछाने से लाइनें क्षतिग्रस्त नहीं होगी और लोगों को सुचारु रूप से रोजाना पानी मिलेगा।
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वसुंधरा जोन की वैशाली, वसुंधरा, कौशांबी और डेल्टा कालोनी में आबादी बसने के समय पानी की लाइन बिछाई गई थी। यह पानी की लाइनें चार किलोग्राम तक का प्रेशर ही झेल सकने की क्षमता रखती हैं।
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कालोनियों में हाईराइज बिल्डिंग और एकल यूनिट पर तीन से चार मंजिल बिल्डिंग बन गई हैं। इनमें एक फ्लोर पर कई फ्लैट हैं। ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंच सके, इसके लिए नगर निगम को अधिक प्रेशर से पानी की सप्लाई करनी पड़ती है।
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प्रेशर अधिक होने से पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इन्हें ठीक करने में नगर निगम को हर वर्ष लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसको देखते हुए नगर निगम ने पानी की लाइनों को बदलने की योजना बनाई है।
अवर अभियंता लाइनों का सर्वे पूरा कर लिया है। चुनाव के बाद स्टीमेट तैयार किया जाएगा। इसके बाद लाइन को बदलने का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। अवर अभियंता योगेंद्र यादव ने बताया कि लाइनें पुरानी हो चुकी हैं।
इसकी वजह से वह अधिक प्रेशर नहीं झेल पाती। लाइनों को बदलने की योजना बनाई है। प्रस्ताव बनाकर जल्द ही मुख्यालय भेज दिया जाएगा। पहले चरण में वैशाली की लाइनों को बदलने का काम किया जाएगा।
- पानी की लाइन क्षतिग्रस्त होने से होती है पानी की किल्लत
टीएचए में आए दिन पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है। इसकी वजह लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ता है। नगर निगम को लाइन को ठीक करने में दो दिन का समय लगता है। जब तक लाइन ठीक नहीं होती है तब कालोनी में सप्लाई ठप रहती है। नई लाइनों के बिछाने से लाइनें क्षतिग्रस्त नहीं होगी और लोगों को सुचारु रूप से रोजाना पानी मिलेगा।