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लोगों का टूटा सब्र, पीएनबी में हंगामा, एनएच 24 पर जाम लगाया

Tue, 22 Nov 2016 10:37 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Tue, 22 Nov 2016 10:37 PM IST
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 Patience broken people, PNB ruckus, put jam on NH 24
बैंक - फोटो : अमर उजाला

गाजियाबाद। बैंकाें से पर्याप्त मात्रा में कैश न मिलने के कारण अब लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है। बैंकों और एटीएम के बाहर लगी लोगों की लंबी कतार और कैश न आने से परेशान लोग अब आक्रोशित होने लगे हैं।

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मंगलवार को भी जब कई बैंकों में कैश न होने की सूचना बैंकों पर चिपकी तो गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। नेहरू नगर स्थित पीएनबी के बाहर लोगों ने जमकर हंगामा किया। उधर एनएच-24 पर भी लोगों ने जाम लगाकर करीब आधा घंटे तक हाईवे पर वाहनों के संचालन को प्रभावित किया।
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नोट बंदी के 14वें दिन भी लोगों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। मंगलवार को नेहरू नगर स्थित पीएनबी के बाहर सुरक्षा में लगी महिला कांस्टेबल के साथ एक बुजुर्ग ने अभद्रता की। पुलिस ने बुजुर्ग को हिरासत में लिया।
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पीएनबी में कैश लेने के लिए लोगों की लाइन लगी थी। करीब तीन बजे एक  बुजुर्ग लाइन को तोड़ता हुआ बैंक के अंदर घुसने की कोशिश करने लगा। इस दौरान महिला कांस्टेबल ने बुजुर्ग को रोकने की कोशिश की।

महिला कांस्टेबल ने बुजुर्ग से कहा कि लाइन में लगकर ही वह बैंक में आ सकते हैं। इसके बाद भी बुजुर्ग न माना और कांस्टेबल के साथ गाली-गालौच की। महिला कांस्टेबल का आरोप है कि बुजुर्ग व्यक्ति ने लोगों के सामने उससे अभद्रता की है।

लाइन में लगे अन्य लोगों ने महिला कांस्टेबल का साथ दिया। बुजुर्ग व्यक्ति पांच मिनट तक महिला कांस्टेबल के साथ अभद्रता करता रहा। हंगामे की सूचना पर पुलिस ने बुजुर्ग को हिरासत में ले लिया है। एसएचओ अवनीश दीक्षित ने बताया कि पुलिस ने बुजुर्ग को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बैंक कर्मी कर रहे मनमानी, गुस्साए लोगों ने जाम किया एनएच-24
बैंक कर्मचारियों द्वारा रुपये नहीं दिए जाने से नाराज लोगों ने एनएच-24 की दोनों सड़कों पर करीब आधे घंटे जाम लगा दिया। इसके बाद कविनगर पुलिस ने लोगों को हटवाकर जाम खुलवाया। जाम लगा रहे लोगों का आरोप था कि महरौली स्थित एसबीआई के कर्मचारी सिर्फ अपनी पहचान वालों का ही नोट बदलने या कैश देने का काम कर रहे हैं।

मंगलवार को सैकड़ाें लोग लाइन में खड़े थे। जब बैंक खुला तो कुछ ही देर में बैंक कर्मियों ने बाहर आकर कहा कि कैश खत्म हो गया है। जैसे ही बैंक को कैश मिलेगा तो वह लोगों को कैश दे पाएंगे। इतना सुनते ही गुस्साए लोगों ने हंगामा कर दिया और एनएच 24 पर जाम लगा दिया।

लोगों का कहना था कि नोट बदलने की बात ही छोड़ दीजिए यहां तो अपने एकाउंट से भी एक मुश्त 24 हजार रुपये नहीं निकाल पा रहे हैं। इसके अलावा शादी वाले परिवारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जाम की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची कविनगर पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम को खुलवाया।

पोस्ट ऑफिस में कम हुई लोगों की भीड़
पोस्ट ऑफिस में नोट बदलने वालों की भीड़ अब कम हो गई है। बुजुर्गों के लिए हेड पोस्ट ऑफिस में टोकन व्यवस्था कर दी गई है। इससे बुजुर्ग लाइन में लगने की बजाए कुर्सी पर अपनी बारी की प्रतीक्षा करते हैं।

सीनियर पोस्ट मास्टर जेएस बिष्ट ने बताया कि नोट बदलने के लिए मारामारी नहीं हो रही है। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक लोगों के नोट बदलने को तीन काउंटर लगाए गए हैं। पोस्ट ऑफिस के अंदर बुजुर्गों की लाइन है।

आधी रात को जाओ तब मिलेगा एटीएम से कैश
दिन में एटीएम से कुछ ही घंटाें में कैश खत्म हो जाता है। हालत यह है कि जैसे ही एटीएम में कैश पड़ता है। वैसे ही लोगों की लाइन लग जाती है। यदि आपको कैश चाहिए तो आधी रात में एटीएम में जाएं। कई बैंक आधी रात को एटीएम में कैश डालते हैं। उस वक्त लोगों की भीड़ नहीं लगती।


बैंकों में कैश हुआ खत्म
मंगलवार को भी अधिकांश बैंकों में कैश खत्म हो गया। खासतौर से प्राइवेट सेक्टर बैंकों की हालत ज्यादा खराब है। एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, इंडसाइंड बैंक के साथ यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्रांचों में कैश की किल्लत हो रही है। बैंक सूत्रों के मुताबिक जिन बैंकों की चेस्ट करेंसी गाजियाबाद में है, उन्हें ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

क्या कहते हैं लोग
- बैंकों के पास जब तक कैश की कमी होगी तब तक लोगों की परेशानी कम नहीं होगी। प्रशासन कैश की व्यवस्था करे। -भूपेश कुमार
- कैश की कमी से आम पब्लिक बहुत परेशान है। लाइन में लगने के बाद भी निश्चित नहीं है कि कैश मिल जाएगा। -सतीश
- पब्लिक की परेशानी को देखते हुए बैंकों को काउंटर बढ़ाने चाहिए। कई बैंक ऐसे हैं, जहां सिर्फ दो से तीन काउंटर ही चल रहे हैं। -अमित कुमार

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