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Ghaziabad News: जीडीए को 31.23 लाख रुपये लौटाने का आदेश, सात प्रतिशत ब्याज भी देना होगा
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गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम योजना से जुड़े मामले में स्थायी लोक अदालत ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को परिवादी अतर सिंह की जमा धनराशि में से 31 लाख 23 हजार रुपये वापस करने का आदेश दिया है। अदालत ने इस राशि पर वाद दायर करने की तिथि से भुगतान होने तक सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के भी निर्देश दिए हैं। यह आदेश स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष रीता सिंह की पीठ ने पारित किया।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार अतर सिंह ने मधुबन बापूधाम योजना में आवंटित भवन के लिए जीडीए में 34 लाख 70 हजार रुपये जमा किए थे। बाद में उन्होंने जमा धनराशि पर 18 प्रतिशत ब्याज के साथ मानसिक और शारीरिक क्षति के लिए पांच लाख रुपये की मांग की थी। स्थायी लोक अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आवंटन राशि में 10 प्रतिशत यानी तीन लाख 47 हजार रुपये की कटौती की। इसके बाद शेष 31 लाख 23 हजार रुपये परिवादी को वापस करने का आदेश दिया गया। अदालत ने इस राशि पर सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के भी निर्देश दिए। हालांकि परिवादी की ओर से मानसिक और शारीरिक क्षति के लिए मांगे गए पांच लाख रुपये के दावे को अदालत ने स्वीकार नहीं किया। अदालत ने जीडीए को निर्धारित अवधि में भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के बाद जीडीए को अब निर्धारित एक माह की अवधि में परिवादी को धनराशि और देय ब्याज का भुगतान करना होगा।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार अतर सिंह ने मधुबन बापूधाम योजना में आवंटित भवन के लिए जीडीए में 34 लाख 70 हजार रुपये जमा किए थे। बाद में उन्होंने जमा धनराशि पर 18 प्रतिशत ब्याज के साथ मानसिक और शारीरिक क्षति के लिए पांच लाख रुपये की मांग की थी। स्थायी लोक अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आवंटन राशि में 10 प्रतिशत यानी तीन लाख 47 हजार रुपये की कटौती की। इसके बाद शेष 31 लाख 23 हजार रुपये परिवादी को वापस करने का आदेश दिया गया। अदालत ने इस राशि पर सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के भी निर्देश दिए। हालांकि परिवादी की ओर से मानसिक और शारीरिक क्षति के लिए मांगे गए पांच लाख रुपये के दावे को अदालत ने स्वीकार नहीं किया। अदालत ने जीडीए को निर्धारित अवधि में भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के बाद जीडीए को अब निर्धारित एक माह की अवधि में परिवादी को धनराशि और देय ब्याज का भुगतान करना होगा।
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