फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   OPDs in government hospitals closed as early as 11 AM; patients returned without receiving treatment.

Ghaziabad News: सरकारी अस्पतालों में 11 बजे ही बंद हो गई ओपीडी, बिना इलाज लौटे मरीज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 01:28 AM IST
विज्ञापन
OPDs in government hospitals closed as early as 11 AM; patients returned without receiving treatment.
गाजियाबाद। सरकारी अस्पतालों में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को सोमवार को परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रीराम नवमी पर सार्वजनिक अवकाश घोषित होने के चलते अस्पतालों में सुबह 11 बजे ही ओपीडी बंद हो गई। इसके बाद इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को बिना उपचार कराए ही वापस लौटना पड़ा। एमएमजी की ओपीडी में इलाज के लिए 1171 मरीजों ने पंजीकरण कराया था, जबकि सामान्य दिनों में 2500 से 2700 मरीजों का इलाज होता है। वहीं संयुक्त अस्पताल में 432 मरीजों का पंजीकरण हुआ।
विज्ञापन


अस्पताल पहुंचने के बाद ओपीडी बंद मिलने से मरीज और उनके तीमारदार परेशान दिखाई दिए। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद श्रीराम नवमी पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था, लेकिन इसके बारे में सामान्य मरीजों को कोई जानकारी नहीं थी। अवकाश के कारण ओपीडी सेवाएं प्रभावित होने से उन मरीजों को दिक्कत हुई, जो पहले से उपचार कराने की तैयारी करके घर से निकले थे।
विज्ञापन

सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें बुखार, खांसी, दर्द और अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज शामिल होते हैं। सोमवार को भी कई मरीज चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन ओपीडी बंद होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। कुछ मरीजों को अस्पताल पहुंचने के बाद अवकाश की जानकारी मिली। ऐसे में उन्हें बिना इलाज कराए ही घर वापस जाना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन



अस्पताल पहुंचे मरीजों को हुई परेशानी

ओपीडी में इलाज नहीं मिलने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों का कहना था कि वह चिकित्सक को दिखाने के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन वहां उपचार नहीं मिल सका। ऐसे में उन्हें दोबारा अस्पताल आना पड़ेगा। कुछ मरीजों को बीमारी की स्थिति में निजी चिकित्सक के पास जाने या अगले दिन तक इंतजार करने की मजबूरी भी रही।


मरीजों ने बताई अपनी परेशानी
नहीं मिला इलाज हुआ वापस
इलाज कराने पहुंचे भीमनगर के रजनीश ने बताया कि तीन दिन से बुखार और गले में खराश है। सुबह 10:30 बजे अस्पताल इस उम्मीद से पहुंचे कि चिकित्सक को दिखाकर दवा ले सकेंगे। अस्पताल पहुंचने पर पर्चा बनना बंद हो गया था। बताया गया कि 11 बजे अस्पताल बंद हो जाएगा। बिना उपचार कराए वापस जाना पड़ा।

बाथरूम में फिसलने से लगी चोट, दर्द की दवाई दे भेजा
साहिबाबाद से आईं संगीता ने बताया कि सोमवार को सुबह नौ बजे बाथरूम में पैर फिसलने से गिर गई थीं। 11 बजे अस्पताल पहुंची तो बंद हो गया था। इतने पैसे थे नहीं कि निजी अस्पताल में इलाज कराएं। इमरजेंसी में दो दिन की दवाई देकर वापस भेज दिया।


इमरजेंसी में की गई थी इलाज की व्यवस्था
अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि शासन ने सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। जो मरीज इलाज से रह गए थे, उनके लिए इमरजेंसी में व्यवस्था की गई थी। सामान्य मरीज सोमवार के पर्चे से ही मंगलवार को भी जांच और इलाज करा सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed