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Ghaziabad News: सुरक्षा बीमा कराने के लिए अब चुुकाने होंगे 45 पैसे
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गाजियाबाद। रेल यात्रियों को सुरक्षा बीमा कराने के लिए अब 45 पैसे चुकाने हाेंगे। यह सुविधा केवल ऑनलाइन टिकट कराने वाले यात्रियों को ही मिलेगी और वैकल्पिक होगी। सामान्य बोगी में सफर करने वाले व रेलवे टिकट काउंटर से टिकट लेने वाले यात्रियों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।
नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि एक अप्रैल से आईआरसीटीसी ने रेल यात्रियों के लिए यात्री सुरक्षा बीमा की राशि बढ़ाकर 45 पैसे कर दी है। पहले इसके लिए यात्री को 35 पैसे चुकाने पड़ते थे। यह सुविधा वैकल्पिक होगी, यानी यह यात्री की मर्जी है कि वह इसको लेना चाहता है या नहीं। टिकट कराते समय ही इसका विकल्प यात्री को चुनना होगा। 45 पैसे चुकाने पर रेलवे ट्रेवल इंश्योरेंस कंपनी दुर्घटना में मृत्यु होने, पूरी तरह दिव्यांग होने पर दस लाख, आंशिक रूप से दिव्यांग होने पर साढे सात लाख और घायल होने पर यात्री को दो लाख रुपये उपचार के लिए देती है। ट्रेन की सभी श्रेणियों के एसी 1, 2, 3 व स्लीपर के कन्फर्म टिकट पर ही इसका लाभ यात्री को मिल सकता है। इसमें आधे टिकट यानी बच्चे को तभी कवर कराया जा सकता है जब उसका पूरा टिकट लिया जाएगा। आधे टिकट पर इसका लाभ नहीं लिया जा सकता है।
-लोकल यात्रियों ने उठाई मांग : जिले के लोकल स्टेशनों को छोड़ दें तो पुराने रेलवे स्टेशन से रोजाना एक लाख से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही हाेती है। गाजियाबाद से लोकल, एक्सप्रेस समेत 300 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं। दैनिक यात्री कुलदीप ने बताया कि रेलवे को सामान्य बोगी में सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी यह सुविधा लागू करनी चाहिए।
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नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि एक अप्रैल से आईआरसीटीसी ने रेल यात्रियों के लिए यात्री सुरक्षा बीमा की राशि बढ़ाकर 45 पैसे कर दी है। पहले इसके लिए यात्री को 35 पैसे चुकाने पड़ते थे। यह सुविधा वैकल्पिक होगी, यानी यह यात्री की मर्जी है कि वह इसको लेना चाहता है या नहीं। टिकट कराते समय ही इसका विकल्प यात्री को चुनना होगा। 45 पैसे चुकाने पर रेलवे ट्रेवल इंश्योरेंस कंपनी दुर्घटना में मृत्यु होने, पूरी तरह दिव्यांग होने पर दस लाख, आंशिक रूप से दिव्यांग होने पर साढे सात लाख और घायल होने पर यात्री को दो लाख रुपये उपचार के लिए देती है। ट्रेन की सभी श्रेणियों के एसी 1, 2, 3 व स्लीपर के कन्फर्म टिकट पर ही इसका लाभ यात्री को मिल सकता है। इसमें आधे टिकट यानी बच्चे को तभी कवर कराया जा सकता है जब उसका पूरा टिकट लिया जाएगा। आधे टिकट पर इसका लाभ नहीं लिया जा सकता है।
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-लोकल यात्रियों ने उठाई मांग : जिले के लोकल स्टेशनों को छोड़ दें तो पुराने रेलवे स्टेशन से रोजाना एक लाख से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही हाेती है। गाजियाबाद से लोकल, एक्सप्रेस समेत 300 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं। दैनिक यात्री कुलदीप ने बताया कि रेलवे को सामान्य बोगी में सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी यह सुविधा लागू करनी चाहिए।
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