{"_id":"582623664f1c1b6729b3b1de","slug":"now-the-city-will-increase-in-weddings-fireworks-pollution","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब शहर में शादियों की आतिशबाजी बढ़ाएगी प्रदूषण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब शहर में शादियों की आतिशबाजी बढ़ाएगी प्रदूषण
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Sat, 12 Nov 2016 01:31 AM IST
विज्ञापन
जाम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवोत्थान एकादशी पर शुक्रवार को शहर में हजारों शादियां हुईं। बैंक्वेट हॉल, मैरेज हॉल, होटलों और पार्कों शादियों की धूम रही। बारात में जमकर आतिशबाजी भी की गई। शादियों की वजह से कई जगहों पर लोगों को जाम से भी जूझना पड़ा।
मालीवाड़ा, जीटी रोड, हापुड़ रोड, एनएच-58, लाल कुआं, मोहन नगर, इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा आदि जगहों पर जाम की स्थिति रही। इसके अलावा वसुंधरा, वैशाली इंदिरापुरम में अंदर के क्षेत्रों में फार्म हाउस होने के जाम की स्थित बनी रही।
दिवाली के बाद प्रदूषण को लगातार इतने दिनों तक झेलने के बाद भी लोग नहीं चेते। शादियों में जगह-जगह खूब पटाखे चले। अभी 15 दिसंबर तक शादियों के शुभ मुहूर्त हैं और शहर में लगातार शादियां भी होंगी।
विज्ञापन
घरों और मंदिरों में हुआ तुलसी विवाह
देवोत्थान एकादशी के दिन शुक्रवार को तुलसी विवाह का आयोजन हुआ। विभिन्न मंदिरों और घरों में लोगों ने शाम को तुलसी विवाह का आयोजन किया। कविनगर स्थित स्वयंभू मंदिर, दूधेश्वरनाथ मंदिर, ठाकुरद्वारा मंदिर और कविनगर बी- ब्लॉक स्थित शिव मंदिर में महिलाओं ने तुलसी जी की पूजा की।
न्यू आर्य नगर में भी महिलाओं ने सामूहिक रूप से तुलसी पूजन किया और तुलसी के पौधों की परिक्रमा की। पंडित जीवेश शास्त्री ने बताया कि इस दिन विष्णु जी के रूप भगवान शालीग्राम और तुलसी जी का विवाह किया जाता है।
मंदिरों में और घरों में भी लोग विधि-विधान से तुलसी विवाह करते हैं। तुलसी जी के पौधे और चबूतरे को सजाया जाएगा। मंडप सजाकर और फलाहार बनाकर सभी शृंगार के सामान के साथ पूजा की जाती है।
विज्ञापन
मालीवाड़ा, जीटी रोड, हापुड़ रोड, एनएच-58, लाल कुआं, मोहन नगर, इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा आदि जगहों पर जाम की स्थिति रही। इसके अलावा वसुंधरा, वैशाली इंदिरापुरम में अंदर के क्षेत्रों में फार्म हाउस होने के जाम की स्थित बनी रही।
विज्ञापन
दिवाली के बाद प्रदूषण को लगातार इतने दिनों तक झेलने के बाद भी लोग नहीं चेते। शादियों में जगह-जगह खूब पटाखे चले। अभी 15 दिसंबर तक शादियों के शुभ मुहूर्त हैं और शहर में लगातार शादियां भी होंगी।
विज्ञापन
घरों और मंदिरों में हुआ तुलसी विवाह
देवोत्थान एकादशी के दिन शुक्रवार को तुलसी विवाह का आयोजन हुआ। विभिन्न मंदिरों और घरों में लोगों ने शाम को तुलसी विवाह का आयोजन किया। कविनगर स्थित स्वयंभू मंदिर, दूधेश्वरनाथ मंदिर, ठाकुरद्वारा मंदिर और कविनगर बी- ब्लॉक स्थित शिव मंदिर में महिलाओं ने तुलसी जी की पूजा की।
न्यू आर्य नगर में भी महिलाओं ने सामूहिक रूप से तुलसी पूजन किया और तुलसी के पौधों की परिक्रमा की। पंडित जीवेश शास्त्री ने बताया कि इस दिन विष्णु जी के रूप भगवान शालीग्राम और तुलसी जी का विवाह किया जाता है।
मंदिरों में और घरों में भी लोग विधि-विधान से तुलसी विवाह करते हैं। तुलसी जी के पौधे और चबूतरे को सजाया जाएगा। मंडप सजाकर और फलाहार बनाकर सभी शृंगार के सामान के साथ पूजा की जाती है।