फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Notbandi making a booking cancel weddings

नोटबंदी करा रही शादियों की बुकिंग केंसल

Thu, 01 Dec 2016 10:55 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Thu, 01 Dec 2016 10:55 PM IST
विज्ञापन
Notbandi making a booking cancel weddings
weddings - फोटो : demo pic

विज्ञापन

नोटबंदी का शादियों के बाजार पर बड़ा असर पड़ा है। काफी संख्या में लोगों ने इसके चलते शादियों की तारीख आगे बढ़ा दीं है। उन्हें उम्मीद है कि फरवरी तक हालात सुधर जाएंगे और शादियों के खर्च में आ रही दिक्कत नहीं रहेगी। हालात ये हैं कि जो छोटे व्यापारी सहालग के महीनों में पूरे साल का कारोबार करते थे, इस वक्त 60 फीसदी के घाटे में चल रहे हैं।

मैरिज हॉल, फार्म हाउस, घोड़े-बग्घी, मेहंदी पार्लर सहित सभी सीजन में तंगहाली के दौर से गुजर रहे हैं।
..
- मैरिज हॉल का एडवांस ले रहे वापस
नोटबंदी की घोषणा के दस दिन के अंदर जो शादियां थीं, वे किसी तरह हो गईं, लेकिन अब अधिकतर लोग शादियां कैंसल करा रहे हैं। फार्म हाउस और मैरिज हॉल की बुकिंग में काफी गिरावट है। यहां तक कि जिनकी पहले से बुकिंग थी, उन्होंने भी एडवांस वापस ले लिया है।
विज्ञापन


फार्म हाउस एंड बैंक्वेट हॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष मदन लाल चड्ढा ने बताया कि इस बार कारोबार में काफी मंदी है, बुकिंग बंद है। सीजन के एक महीने जहां एक मैरिज होम में आठ से दस बुकिंग होती थीं,  इस वक्त दो से तीन बुकिंग भी काफी मुश्किल से हो रहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई लोगों ने बुकिंग के लिए दिया गया एडवांस वापस ले लिया है, उन लोगों ने शादियों की तारीख ही आगे बढ़ा दी हैं।
..
- नोटबंदी से मुरझाए फूल
शादियों के सीजन में फूलों का कारोबार सबसे अधिक होता है। शादियां कैंसल होने का असर फूलों के कारोबार पर भी पड़ा है। शर्मा फ्लावर डेकोरेटर्स एंड इवेंट प्लानर सुधीर शर्मा ने बताया कि खाने-पीने में तो कटौती नहीं होती लेकिन सजावट आदि में कटौती हो रही है।

नोटबंदी के चलते जो लोग 20-25 हजार के फूलों की सजावट करते थे, वह आठ दस हजार में काम चला रहे हैं।
..
- बैंड बाजे - घोड़े बग्गी वालों का काम भी हुआ मंदा
घोड़े बग्गी वालों और बैंड बाजे वालों की सीजन में 40-50 बुकिंग हो जाती थीं, वहां मुश्किल से 15-20 बुकिंग हो पा रही हैं। घंटाघर स्थित भाई जी एंड सन्स घोड़ी बग्घी वाले सुहैब ने बताया कि इस बार खाली से बैठे हैं। शुरुआत में जिनकी बुकिंग हो चुकी थीं, उनकी शादियां तो जैसे तैसे निपट गईं लेकिन अब लोगों ने बुकिंग कैंसल करना शुरू कर दिया है।
..
- मेहंदी का रंग हुआ फीका, पार्लर में भीड़ कम
ब्यूटी पार्लर बिल्कुल सूने पड़े हैं और तुराबनगर मार्केट के मेहंदी वाले खाली बैठे हैं। जेस्मीन ब्यूटी पार्लर की संचालिका गीता चांदना ने बताया कि ब्राइडल की बुकिंग का पेमेंट तो हो जा रहा है लेकिन शादियों में जाने वाले लोग जो मेकअप या हेयर स्टाइलिंग कराते थे, वो नहीं हो रहा है।

सुभाष मेहंदी आर्ट के मालिक सुभाष ने बताया कि ब्राइडल मेहंदी की बुकिंग 15 से 20 की बजाय महज पांच से छह ही रह गई हैं।
 ..
- नोट बंद, ठप हुआ ज्वैलरी कारोबार
500 व 1000 के नोट बंद होने के बाद सबसे ज्यादा असर ज्वैलरी बाजार पर पड़ा है। ज्वैलर अनिल गर्ग ने बताया कि शादियों के सीजन में पहले अच्छा कारोबार होता था, लेकिन अब ग्राहक आर्डर ही कैंसल करा रहे हैं। कारोबार 70 से 80 प्रतिशत तक गिर गया है।

लोगों के पास कैश नहीं होगा तो वह कहां से ज्वैलरी खरीदेंगे। दूसरी ओर सरकार रोजाना नए-नए नियम ला रही है, जिसकी वजह से सोने के भाव में भी फर्क हो रहा है। नए ऑर्डर मिलना बंद हो गए हैं।
..
- किराना कारोबार हुआ चेक के भरोसे
शादी में एक बड़ा खर्चा मेहमानाें के खाने में होता है। जब से नोट बंदी हुई तब से किराना कारोबार भी 35 से 40 प्रतिशत तक गिर गया। किराना कारोबारी देेवेंद्र हितकारी ने बताया कि ज्यादातर किराना कारोबारी चेक से पेमेंट ले रहे हैं। शुुरुआत में तो हालत और बुरे थे।


व्यापारी उधार देने को तैयार नहीं थे, क्योंकि कई ग्राहक ऐसे होते हैं, जो सिर्फ कैश से ही राशन लेते हैं। अब लोगों के पास कैश नहीं है। इस स्थिति में व्यापारी स्वैप मशीन या चेक से पेमेंट लेकर शादी वाले घरों में सामान दे रहे हैं।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed