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नोटबंदी से गोशालाएं भी बदहाल
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Thu, 29 Dec 2016 12:30 AM IST
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गोशाला
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के बाद से शहर की गोशालाओं का बुरा हाल है। मेरठ रोड इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित श्री शिव गोशाला की 275 गायों का पोषण जैसे-तैसे हो रहा है। गोशाला के संस्थापक के मुताबिक नोटबंदंी के बाद से लोग अब दान भी नहीं दे रहे हैं, जिसकी वजह से गायों के लिए चारा, भूसा, चोकर की कमी है। बाजार से भी अब उधार मिलना बंद हो गया है।
नोटबंदी ने लोगों के जीवन के साथ उनके कारोबार तक को प्रभावित किया। इससे उपयोगी पशु भी अछूते नहीं रहे। शहर की गोशाला में रह रही सैकड़ों गायों के सामने चारे का संकट पैदा हो गया है। एक तरफ कारोबार ठप है, दूसरी ओर गोशाला को मिलने वाला दान भी बंद हो गया।
श्री शिव गोशाला के संस्थापक संग्राम सिंह ने बताया कि इस गोशाला में उन गायों को रखा जाता है, जो कटान होने से बच जाती है। गोशाला में 275 गायें हैं, जिसमें से सिर्फ 7 गाय ही दूध देती हैं। बाकी गायों के लिए चारा, भूसा, चोकर, खल की व्यवस्था करनी पड़ती है।
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गोशाला पूरी तरह से दान पर चलती है। नोटबंदी के बाद व्यापारियों ने भी दान देना बंद कर दिया। जैसे-तैसे उधार लेकर नकद में चारा खरीदना पड़ा। उन्होंने बताया कि गोशाला में प्रतिदिन 10 क्विंटल भूसा, 50 किलो चोकर और 2 से 4 क्विंटल हरे चारे की जरूरत पड़ती है।
बाजार पर करीब पांच लाख रुपये उधार हो गया है। इन गायाें की रक्षा के लिए अब वह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे कि नोटबंदी से गोमाता के जीवन पर भी संकट आया है।
- बस तीन दिन और बचे हैं पुराने नोट जमा करने के लिए
500 व 1000 के पुराने नोट बदलने के लिए लोेगों के पास अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं। माह के अंतिम दिन बैंकों में क्लोजिंग होती है। इसलिए संभावना है कि उस वक्त कैश जमा भी नहीं किया जाए। लिहाजा ग्राहक बचे हुए पुराने नोट दो दिन के अंदर ही बदल सकते हैं।
- कैश का फ्लो बढ़ा
बैंकों और एटीएम में कैश का फ्लो धीरे-धीरे बढ़ रहा है। बुधवार को कई बैंकों में लोगाें को निर्धारित 24 हजार रुपये दिए गए जबकि जिन बैंकों में कैश पहुंचा वहां भी 5 से 10 हजार रुपये दिए गए।
बैंक अधिकारियों के मुताबिक स्थिति सामान्य होने लगी है। एटीएम से भी कैश निकल रहा है। जब से 500 के नोट मिलना शुरू हो गया है तब से स्थिति बदल गई हैं। लोग जमा धनराशि को खर्च कर रहे हैं।
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नोटबंदी ने लोगों के जीवन के साथ उनके कारोबार तक को प्रभावित किया। इससे उपयोगी पशु भी अछूते नहीं रहे। शहर की गोशाला में रह रही सैकड़ों गायों के सामने चारे का संकट पैदा हो गया है। एक तरफ कारोबार ठप है, दूसरी ओर गोशाला को मिलने वाला दान भी बंद हो गया।
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श्री शिव गोशाला के संस्थापक संग्राम सिंह ने बताया कि इस गोशाला में उन गायों को रखा जाता है, जो कटान होने से बच जाती है। गोशाला में 275 गायें हैं, जिसमें से सिर्फ 7 गाय ही दूध देती हैं। बाकी गायों के लिए चारा, भूसा, चोकर, खल की व्यवस्था करनी पड़ती है।
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गोशाला पूरी तरह से दान पर चलती है। नोटबंदी के बाद व्यापारियों ने भी दान देना बंद कर दिया। जैसे-तैसे उधार लेकर नकद में चारा खरीदना पड़ा। उन्होंने बताया कि गोशाला में प्रतिदिन 10 क्विंटल भूसा, 50 किलो चोकर और 2 से 4 क्विंटल हरे चारे की जरूरत पड़ती है।
बाजार पर करीब पांच लाख रुपये उधार हो गया है। इन गायाें की रक्षा के लिए अब वह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे कि नोटबंदी से गोमाता के जीवन पर भी संकट आया है।
- बस तीन दिन और बचे हैं पुराने नोट जमा करने के लिए
500 व 1000 के पुराने नोट बदलने के लिए लोेगों के पास अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं। माह के अंतिम दिन बैंकों में क्लोजिंग होती है। इसलिए संभावना है कि उस वक्त कैश जमा भी नहीं किया जाए। लिहाजा ग्राहक बचे हुए पुराने नोट दो दिन के अंदर ही बदल सकते हैं।
- कैश का फ्लो बढ़ा
बैंकों और एटीएम में कैश का फ्लो धीरे-धीरे बढ़ रहा है। बुधवार को कई बैंकों में लोगाें को निर्धारित 24 हजार रुपये दिए गए जबकि जिन बैंकों में कैश पहुंचा वहां भी 5 से 10 हजार रुपये दिए गए।
बैंक अधिकारियों के मुताबिक स्थिति सामान्य होने लगी है। एटीएम से भी कैश निकल रहा है। जब से 500 के नोट मिलना शुरू हो गया है तब से स्थिति बदल गई हैं। लोग जमा धनराशि को खर्च कर रहे हैं।