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नवरात्र आज से, घोड़े पर सवार होकर आईं मां अंबे
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Sat, 01 Oct 2016 12:44 AM IST
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बाजार में माता की चुन्नी खरीदतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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शारदीय नवरात्र का शुभारंभ शनिवार से हो रहा है। इसके लिए दुर्गा पंडाल भी सज गए हैं। मूर्तिकारों ने मां अंबे की मूर्तियों को अंतिम रूप दे दिया है। मंदिरों में तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
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दिल्ली गेट प्राचीन देवी मंदिर, डासना देवी मंदिर, श्री मनन धाम मंदिर, घंटाघर स्थित गुफा वाला मंदिर सहित शहर के सभी प्रमुख देवी मंदिरों में शनिवार की सुबह से मंदिरों में कलश स्थापना होगी। मनन धाम मंदिर में नवरात्र में नौ दिनों में अलग-अलग जागरण मंडली माता का गुणगान करेगी।
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नवरात्र की पूर्व संध्या पर बाजारों में भी शुक्रवार को रौनक दिखाई दी। चुनरी, मूर्ति, पूजन सामग्री और फलों आदि की खरीदारी करने के लिए बाजारों में भीड़ रही। बता दें कि इस बार माता का आगमन घोड़े पर हो रहा है, जिससे उथल-पुथल की स्थिति बन सकती है। पंडितों के अनुसार माता के घोड़े पर आगमन का मतलब काफी भयावह होगा, युद्ध और मारकाट की स्थिति बन सकती हैं।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
सुबह 7.12 बजे से 9.29 बजे तक कन्या लग्न
सुबह 7.30 बजे से 9.12 बजे तक शुभ की चौघड़िया
सुबह 9.00 बजे से 10.30 बजे तक राहू काल रहेगा
11.47 बजे से 12.00 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
क्यों करना चाहिए व्रत
नवरात्र में व्रत का विधान भी है। पंडित गिरीश मिश्र ने बताया कि शारदीय नवरात्रों में उपवास विधि विधान के अनुसार रखने से पुण्य प्राप्त होगा। आरके आर्य ने बताया कि शारीरिक शुद्धि के लिए आयुर्वेद में प्रत्येक छ: महीने या दो प्रमुख मौसमों गर्मी और सर्दी के बाद पंचकर्म कराने की सलाह दी जाती है।
इसके लिए चैत्र (मार्च-अप्रैल) और अश्विन (सितंबर-अक्टूबर) महीना बेहतर माना जाता है।इसलिए शारीरिक शुद्धि का एक आसान स्वरूप हमें नवरात्र में मिल जाता है।
कंजक पूजन का महत्व
पं. देवेंद्र शास्त्री ने बताया कि नौ दिन व्रत रखने वालों को माता के नौ रूप में कंजक पूजन करना चाहिए। कन्याओं की आयु दो वर्ष से 10 वर्ष के बीच की होनी चाहिए। इसमें दो वर्ष की कन्या कुमारी, तीन वर्ष की कन्या त्रिमूर्ति, चार वर्ष की कल्याणी, पांच वर्ष की कन्या रोहिणी, छह वर्ष की कन्या कालिका, सात वर्ष की चंडिका, आठ वर्ष की शांभवी, नौ वर्ष की कन्या दुर्गा और दस वर्ष की सुभद्रा मानी जाती हैं।
फलों के दाम बढ़े
नवरात्र के चलते शुक्रवार से ही फलों के दाम बढ़ गए। सेब जहां 120 रुपये प्रति किलो हो गया, वहीं केला 60 रुपये दर्जन तक पहुंच गया। इसके अलावा मिट्टी का छोटा सा कलश 40 रुपये में बिक रहा था और तांबे के कलश की कीमत 500 तक रही।