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पांच लाख कांवड़िये करेंगे दूधेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:38 AM IST
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धार्मिक
- फोटो : अमर उजाला
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इस बार शिवरात्रि पर पौराणिक श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर में पांच लाख कांवड़ियों के आने की उम्मीद है। कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक की तैयारियों की जानकारी बृहस्पतिवार को एक प्रेसवार्ता में मंदिर के महंत नारायण गिरि ने दी।
महंत नारायण गिरि ने बताया कि शिवरात्रि का मुख्य मेला 31 जुलाई और एक अगस्त को रहेगा। 31 जुलाई त्रयोदशी के दिन हाजिरी का जल चढ़ना शुरू होगा। शिवरात्रि को मंदिर में लगभग पांच लाख कांवड़िया हरिद्वार, गंगोत्री और गोमुख से गंगाजल लाकर भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक करेंगे।
उन्होंने बताया कि एक अगस्त को मंदिर में आठ प्रहर की पूजा होगी। मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग ने बताया कि जिला प्रशासन और नगर-निगम की ओर से सफाई, सुरक्षा व्यवस्था के जो इंतजाम किए जा रहे हैं, वह जल्द ही पूरे हो जाएंगे। सुरक्षा-व्यवसथा के लिए महिला पुलिस, पीएसी, सिविल डिफेंस और मंदिर समिति के करीब 500 लोग तैनात रहेंगे।
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मीडिया प्रभारी एसआर सुथार ने बताया कि कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्था धर्मशाला, एसडी इंटर कॉलेज, एसडी डिग्री कॉलेज और घंटाघर रामलीला मैदान में की जा रही है। इस बार साईं उपवन में भी कांवड़ियों के लिए शिविर लगाया गया है।
इस अवसर पर शृंगार समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, कन्हैया गिरि. आचार्य लक्ष्मीकांत पाढी, डा. राजेेंद्र शर्मा, अनिल अग्रवाल, स्वामी रुद्र गिरि और संजीव वर्मा मौजूद रहे।
- हाजरी और त्रयोदशी का जल 31 जुलाई से सुबह 6.30 बजे से
- चतुर्दशी का जल सोमवार एक अगस्त सुबह 5.00 बजे से
24 घंटे रहेगी गंगाजल की व्यवस्था
दूधेश्वरनाथ में कांवड़ियों के लिए नगर-निगम ने सावन के पूरे महीने 24 घंटे गंगाजल की व्यवस्था की है। इसके साथ ही कांवड़ रखने के लिए लोहे के स्टैंड बनाए हैं।
अभिजीत मुहूर्त में होगा जलाभिषेक
मुख्य पुजारी आचार्य लक्ष्मीकांत पाढी ने बताया कि एक अगस्त को 4.48 बजे तक त्रयोदशी रहेगा उसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। अभिजीत मुहूर्त में की गई शिव पूजा का अभीष्ट फल मिलता है। इसलिए सुबह 11.40 से 12.40 बजे तक अभिजीत मुहूर्त के योग में जल चढ़ाएं।
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महंत नारायण गिरि ने बताया कि शिवरात्रि का मुख्य मेला 31 जुलाई और एक अगस्त को रहेगा। 31 जुलाई त्रयोदशी के दिन हाजिरी का जल चढ़ना शुरू होगा। शिवरात्रि को मंदिर में लगभग पांच लाख कांवड़िया हरिद्वार, गंगोत्री और गोमुख से गंगाजल लाकर भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक करेंगे।
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उन्होंने बताया कि एक अगस्त को मंदिर में आठ प्रहर की पूजा होगी। मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग ने बताया कि जिला प्रशासन और नगर-निगम की ओर से सफाई, सुरक्षा व्यवस्था के जो इंतजाम किए जा रहे हैं, वह जल्द ही पूरे हो जाएंगे। सुरक्षा-व्यवसथा के लिए महिला पुलिस, पीएसी, सिविल डिफेंस और मंदिर समिति के करीब 500 लोग तैनात रहेंगे।
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मीडिया प्रभारी एसआर सुथार ने बताया कि कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्था धर्मशाला, एसडी इंटर कॉलेज, एसडी डिग्री कॉलेज और घंटाघर रामलीला मैदान में की जा रही है। इस बार साईं उपवन में भी कांवड़ियों के लिए शिविर लगाया गया है।
इस अवसर पर शृंगार समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, कन्हैया गिरि. आचार्य लक्ष्मीकांत पाढी, डा. राजेेंद्र शर्मा, अनिल अग्रवाल, स्वामी रुद्र गिरि और संजीव वर्मा मौजूद रहे।
- हाजरी और त्रयोदशी का जल 31 जुलाई से सुबह 6.30 बजे से
- चतुर्दशी का जल सोमवार एक अगस्त सुबह 5.00 बजे से
24 घंटे रहेगी गंगाजल की व्यवस्था
दूधेश्वरनाथ में कांवड़ियों के लिए नगर-निगम ने सावन के पूरे महीने 24 घंटे गंगाजल की व्यवस्था की है। इसके साथ ही कांवड़ रखने के लिए लोहे के स्टैंड बनाए हैं।
अभिजीत मुहूर्त में होगा जलाभिषेक
मुख्य पुजारी आचार्य लक्ष्मीकांत पाढी ने बताया कि एक अगस्त को 4.48 बजे तक त्रयोदशी रहेगा उसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। अभिजीत मुहूर्त में की गई शिव पूजा का अभीष्ट फल मिलता है। इसलिए सुबह 11.40 से 12.40 बजे तक अभिजीत मुहूर्त के योग में जल चढ़ाएं।