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Ghaziabad News: दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं के यहां लगेंगे एमआरआई मीटर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 25 Feb 2024 01:22 AM IST
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MRI meters will be installed at more than two lakh consumers
गाजियाबाद। पांच से आठ किलोवाट भार के अलावा अब ऊर्जा निगम तीन किलोवाट से ज्यादा भार वाले कनेक्शनों पर एमआरआई आधारित मीटर लगाने की तैयारी में है। दो लाख से अधिक उपभोक्ता इस दायरे में आएंगे। इसके लिए निगम की ओर से मार्च के पहले सप्ताह से उपभोक्ताओं की बिजली खपत की जांच का सर्वे किया जाएगा और अप्रैल में मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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बिजली बिलों में गड़बड़ी और राजस्व में बढ़ोतरी करने के लिए ऊर्जा निगम के चेयरमैन आशीष गोयल ने सभी उपभोक्ताओं के कनेक्शनों की जांच करने को कहा है। तीन किलोवाट से चार किलोवाट के भार वाले उपभोक्ताओं के यहां एमआरआई मीटर लगाने के निर्देश दिए गए है। माना जा रहा है कि सर्वे के बाद तीनों जोन में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या तीन लाख से ज्यादा हो सकती है। फिलहाल इस भार पर अभी तक दो लाख से ज्यादा कनेक्शन चल रहे हैं। जोन तीन के मुख्य अभियंता अजय ओझा ने बताया कि सर्वे के लिए टीम बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एमआरआई मीटरों की रीडिंग एक खास तरह की मशीन से ली जाएगी। इन मीटर से रीडिंग लेने के बाद उपभोक्ताओं को हाथोंहाथ बिल नहीं मिलेगा, रीडर इन मीटराें का डाटा कंप्यूटर पर अपलोड करेंगे और साॅफ्टवेयर के जरिये बिजली बिल जनरेट होगा। इससे बिजली बिलों में हेराफेरी नहीं हो सकेगी। पहले चरण में पांच से आठ किलोवाट भार के करीब 20 हजार मीटर लगा दिए गए है और बाकी जगहों पर मीटर लगाने का काम किया जा रहा है।
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मीटर रीडरों की मनमानी पर लगेगा अंकुश
अब तक मीटर रीडर मैनुअल तरीके से बिजली के मीटरों की रीडिंग लेते थे, जिससे मीटर में हुई छेड़छाड़ का पता नहीं चलता था। एमआरआई आधारित मीटरों की रीडिंग स्कैन की जा सकेगी। ऊर्जा निगम के अधिकारियों मुताबिक उपभोक्ताओं का डाटा फीड करने का काम मार्च माह में सर्वे के साथ ही शुरू कर दिया जाएगा।
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बदले जाएंगे चीनी मीटर
ऊर्जा निगम के तीनों जोन में 10.50 लाख से ज्यादा उपभोक्ता है। इनमें ज्यादातर लोगों के यहां चीन के बने हुए मीटर लगे हुए हैं। इन मीटरों को एमआरआई मशीन से स्कैन नहीं किया जा सकता है। इसकी वजह से इन मीटरों में गड़बड़ी की गुंजाइश ज्यादा रहती है।

कंट्रोल रूम से रहेगी रीडरों पर निगाह
एमआरआई मीटर की रीडिंग लेने वाले मीटर रीडर का पता चल सकेगा कि वो किस क्षेत्र में रीडिंग ले रहा है। इसके अलावा रीडर को ओवरलोडिंग की जानकारी आसानी से पता चल सकेगी।

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उपभोक्ताओं की संख्या
दो किलोवाट तक - पांच लाख
तीन से चार किलोवाट तक- दो लाख
पांच से आठ किलोवाट तक- 93 हजार
आठ किलोवाट से ज्यादा- 50 हजार
नलकूप कनेक्शन- 73 हजार
औद्योगिक कनेक्शन- 70 हजार
----्र
तीन से चार किलोवाट के उपभोक्ता जोनवार
जोन- 1
50000
जोन-2
100000
जोन-3
50000
------
मौजूदा समय में ऊर्जा निगम द्वारा पांच से आठ किलोवाट लोड तक के कनेक्शनों पर एमआरआई आधारित मीटर लगाए जा रहे हैं। मार्च के पहले सप्ताह से उपभोक्ताओं का सर्वे कार्य शुरू कराकर तीन किलोवाट से ऊपर भार वाले उपभोक्ताओं के यहां एमआरआई मीटर लगाने का काम किया जाएगा।
- अजय ओझा, मुख्य अभियंता, जोन तीन
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