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विधायक जी जीत मुबारक...मगर चुनौतियां हजार
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 11 Mar 2017 12:17 AM IST
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ईवीएम
- फोटो : अमर उजाला
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समस्याओं के अंबार से जूझ रही जनता को एक बार फिर से अपना प्रतिनिधि मिलने जा रहा है। इंतजार की घड़ियां अब समाप्त हो चुकी हैं। ईवीएम में बंद प्रमुख राजनीतिक दलों के दिग्गजों के भाग्य का फैसला शनिवार को होने जा रहा है।
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गाजियाबाद की पांचों विधानसभाओं में विभिन्न दलों से इस चुनाव में भाग्य आजमाने वाले पुराने दिग्गज हैं, तो कुछ नए चेहरों ने भी इस बार ताल ठोंकी थी। शहर की दशा सुधारने को इस बार मतदान में महिलाओं और युवाओं ने भी जबरदस्त भागीदारी निभाई थी। जनता का फैसला बताएगा कि आखिर किस पार्टी के प्रत्याशी की नैया यहां से पार लगेगी।
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अपने नए विधायक जी से शहर की दशा सुधारने की उम्मीद लिए जनता भी चुनाव का परिणाम जानना चाहती है। जनता को उम्मीद है कि इस बार उनका विधायक क्षेत्र के विकास के साथ-साथ, सड़क, पानी, ओवरफ्लो होते सीवर और शहर में कभी भी-कहीं भी लगने वाले जाम से निजात दिलाएगा।
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गाजियाबाद शहर सीट पर इस बार मुकाबले में बसपा से सुरेश बंसल, भाजपा से अतुल गर्ग, कांग्रेस-सपा गठबंधन से केके शर्मा और रालोद से सुल्तान खारी मैदान में हैं। सुरेश बंसल वर्तमान विधायक हैं तो केके शर्मा भी पूर्व में विधायक रह चुके हैं।
जबकि राजनीतिक परिवार से संबंध रखने वाले अतुल गर्ग के पिता लगातार दो बार गाजियाबाद नगर निगम के मेयर रह चुके हैं। सुल्तान सिंह खारी नगर निगम चुनाव में वार्ड-52 से पार्षद रहे हैं। शहर को गंगाजल नहीं मिला है। शहर की बड़ी आबादी खारा पानी पीने को मजबूर हैं।
लाइनपार (विजय नगर) क्षेत्र में डिग्री कालेज और सरकारी अस्पताल का निर्माण प्रमुख है। उद्योगों को संजीवनी चाहिए। अपराधों का ग्राफ साल-दर-साल बढ़ता ही जा रहा है। टूटी सड़कों, ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण से शहर की जनता बदहाल है।
मतदान की स्थिति:
पुरुष महिला योग कुल प्रतिशत
128383 96969 225353 53.16
विधानसभा: साहिबाबाद
वोटरों के लिहाज से यूपी की सबसे बड़ी विधानसभा साहिबाबाद की सीट पर बैठने वाले विधायक को भी जनता का भरोसा जीतने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पडे़गी। इस सीट पर भाजपा से सुनील शर्मा, बसपा से जलालुद्दीन और सपा कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी अमरपाल शर्मा के बीच हार-जीत का फैसला होना है।
प्रमुख समस्याएं:
मोहन नगर जोन में गंगाजल की आपूर्ति नहीं है। सीवर समस्या से कभी निजात नहीं मिली। बिल्डरों ने अवैध निर्माण कर रखे हैं। खस्ता हाल सड़कें, अतिक्रमण, पार्किंग और जाम की समस्याएं हैं। बिल्डरों की मनमानी से रेजिडेंट्स परेशान हैं। कई बिल्डर प्रोजेक्ट अटके हैं और बुकिंग के बावजूद लोगों को घर नहीं मिला है।
पुरुष महिला योग कुल प्रतिशत
244127 180850 424989 49.12
विधानसभा: लोनी
लोनी में खेकड़ा विधानसभा में शामिल होने तक यहां से मदन भइया चार बार विधायक रहे। वर्ष 2007 में रालोद से और वर्ष 2002 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल हुई थी लेकिन वर्ष 2012 में मदन भइया लोनी विधानसभा से रालोद के प्रत्याशी के तौर पर उतरे, लेकिन हार गए।
इस बार भाजपा से नंदकिशोर गुर्जर, बसपा से जाकिर अली, सपा कांग्रेस गठबंधन से राशिद मलिक और रालोद से मदन भैया मैदान में हैं।
प्रमुख समस्याएं:
दिल्ली के नजदीक होने और एनसीआर में शामिल होने के बावजूद लोनी विकास की बाट जोह रहा है। यहां डिग्री कॉलेज और सरकारी अस्पताल नहीं, जिसकी मांग चली आ रही है। यहां की सबसे बड़ी समस्या अपराध हैं।
पुरुष महिला योग कुल प्रतिशत
156823 118111 274935 60.22
विधानसभा: मोदीनगर
वर्ष 2012 चुनाव में यह गाजियाबाद की पांच विधानसभाओं में एक मात्र सीट रही जहां बसपा को जीत हासिल नहीं हुई और राष्ट्रीय लोकदल को जीत मिली। इस बार भाजपा से मंजू शिवाच, बसपा से वहाब चौधरी, रालोद से सुदेश शर्मा और सपा-कांग्रेस गठबंधन से रामआसरे शर्मा मैदान में हैं।
प्रमुख समस्याएं:
मोदी कपड़ा मिल के श्रमिकों को भुगतान नहीं मिलने और आवास नहीं मिलने, मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल को पूरी तरह से नहीं चलवा पाने और बस डिपो नहीं होने की समस्याएं यहां पर हैं। औद्योगिक नगरी के तौर पर मशहूर मोदीनगर के कई उद्योग बंद हो चुके हैं, जिनके पलायन को रोकना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा दिल्ली-मेरठ रोड का आए दिन लगने वाला जाम यहां नासूर बना हुआ है।
पुरुष महिला योग कुल प्रतिशत
119888 95575 215465 64.76
विधानसभा: मुरादनगर
मुरादनगर विधानसभा सीट पर वर्ष 2012 में बसपा ने कब्जा जमाया। इस सीट पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी का दबदबा था लेकिन वह बीते चुनाव में जीत नहीं सके। इस बार भाजपा से राजपाल त्यागी के बेटे अजितपाल त्यागी, बसपा से सुधन रावत, सपा-कांग्रेस से सुरेंद्र प्रकाश गोयल औरअजयपाल सिंह की किस्मत का फैसला होना है।
प्रमुख समस्याएं:
यहां की मुख्य समस्या जलालपुर रोड की खस्ताहालत है, जो 20 गांवों का संपर्क मार्ग है। बीते पांच वर्ष में इन गांवों के लिए संपर्क मार्ग बनाए जाने की कभी ध्यान ही नहीं दिया गया। आए दिन लगने वाले जाम से स्थानीय लोग भी परेशान हैं।
पुरुष महिला योग कुल प्रतिशत
141379 111273 252652 60.35