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Ghaziabad News: सीएचसी पर दवाइयों और एंटीरेबीज के स्टॉक में मिली गड़बड़ी
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गाजियाबाद। मुरादनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी रेबीज वैक्सीन की वायल कम मिलने और एंटी वायरल दवाई होने के बावजूद स्टॉक में शून्य दिखाने पर सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने तीन दिन में केंद्र प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
शनिवार को सीएमओ के निर्देश पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था। पांच डॉक्टर और चार स्टाफ ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। इनमें एक डॉक्टर दो दिनों से बिना बताए ड्यूटी पर नहीं थीं। सीएचसी पर एंटी रेबीज इंजेक्शन की एक वॉयल कम पाई गई , जबकि रजिस्टर में संख्या ज्यादा दर्ज थी। स्टॉक में टेबलेट एसाइक्लोवीर की संख्या शून्य दर्ज थी, जबकि निरीक्षण में 200 टेबलेट स्टोर में उपलब्ध थी।
निरीक्षण में ये मिलीं कमियां
पैथोलॉजी लैब में मशीन दो महीने से खराब पड़ी है, इसकी सूचना सीएमओ कार्यालय को नहीं दी गई थी।
लैब में जरूरी केमिकल समाप्त होने से खून की जांच बंद थी।
एचआईवी की जांच के लिए किट समाप्त होने से जांच बंद।
डिजिटल एक्स-रे मशीन होने के बावजूद बहुत कम संख्या में मरीजों की जांच हो रही थी।
एएनएम को नियमित टीकाकरण के लिए टीका नहीं दिया गया था। टीका सेंटर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सीएचसी प्रबंधन की है।
सीएचसी पर कोल्ड चेन बॉक्स भी नहीं था। एएनएम को टीका लेने के लिए सीएचसी आना पड़ता है, इस कारण से टीकाकरण देरी से शुरू होता है।
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शनिवार को सीएमओ के निर्देश पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था। पांच डॉक्टर और चार स्टाफ ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। इनमें एक डॉक्टर दो दिनों से बिना बताए ड्यूटी पर नहीं थीं। सीएचसी पर एंटी रेबीज इंजेक्शन की एक वॉयल कम पाई गई , जबकि रजिस्टर में संख्या ज्यादा दर्ज थी। स्टॉक में टेबलेट एसाइक्लोवीर की संख्या शून्य दर्ज थी, जबकि निरीक्षण में 200 टेबलेट स्टोर में उपलब्ध थी।
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निरीक्षण में ये मिलीं कमियां
पैथोलॉजी लैब में मशीन दो महीने से खराब पड़ी है, इसकी सूचना सीएमओ कार्यालय को नहीं दी गई थी।
लैब में जरूरी केमिकल समाप्त होने से खून की जांच बंद थी।
एचआईवी की जांच के लिए किट समाप्त होने से जांच बंद।
डिजिटल एक्स-रे मशीन होने के बावजूद बहुत कम संख्या में मरीजों की जांच हो रही थी।
एएनएम को नियमित टीकाकरण के लिए टीका नहीं दिया गया था। टीका सेंटर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सीएचसी प्रबंधन की है।
सीएचसी पर कोल्ड चेन बॉक्स भी नहीं था। एएनएम को टीका लेने के लिए सीएचसी आना पड़ता है, इस कारण से टीकाकरण देरी से शुरू होता है।