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नहीं हो सका 37 हजार व्यापारियों का जीएसटीएन माइग्रेशन
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 10 Jan 2017 10:57 PM IST
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वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण 37,620 व्यापारियों का भविष्य दांव पर लग गया है। जीएसटीएन (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क) में अपलोड होने के लिए व्यापारियों की समय सीमा मंगलवार को खत्म हो गई। विभाग में दोनों जोन मिलाकर 55,887 व्यापारी रजिस्टर्ड हैं।
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केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही पूरे देश में एक समान कर प्रणाली जीएसटी को लागू किया जाना है। जीएसटी को शुरू करने से पहले वाणिज्य कर विभाग में रजिस्टर्ड सभी व्यापारियों को जीएसटीएन से जोड़ना जरूरी है। अधिकारियों की लेटलतीफी और लापरवाही का ही परिणाम है कि 37620 व्यापारियों का भविष्य दांव पर लग गया है।
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इन व्यापारियों को जीएसटी का आईडी और पासवर्ड नहीं मिला है जबकि शासन स्तर से जीएसटीएन में अपलोड होने के लिए समय सीमा 10 जनवरी निर्धारित की गई थी। एडिशनल कमिश्नर एसके गुप्ता ने बताया कि जोन प्रथम में कुल 31276 व्यापारी रजिस्टर्ड हैं।
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इनमें से 647 व्यापारी एनरोल हो चुके हैं जबकि 10671 व्यापारियों को प्रोविजनल आईडी और पासवर्ड दिया गया है। 20605 व्यापारी बचे हुए हैं। जोन द्वितीय में 24611 व्यापारी रजिस्टर्ड हैं।
जिसमें से 392 व्यापारी एनरोल हो चुके हैं और 7597 व्यापारियों को प्रोविजनल आईडी पासवर्ड मिल चुका है। अब ये व्यापारी खुद ही वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करेंगे। बचे हुए व्यापारी के संबंध में कोई निर्देश नहीं मिला है।