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स्मार्ट होगी मेट्रो, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा सफर
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sun, 01 Jan 2017 10:39 PM IST
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मेट्रो
- फोटो : amar ujala
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दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की लाइफलाइन बन चुकी मेट्रो की नई लाइन जब इस वर्ष खुलेगी तो पहले से चल रही ऑपरेशनल लाइनों से ज्यादा सुरक्षित, सुविधाजनक और स्मार्ट होगी। दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने मेट्रो को अपग्रेड कर रहा है। इसका पहला नजारा आपको मेट्रो फेज तीन के स्टेशनों पर दिखेगा।
जब आप स्टेशन के अंदर घुसेंगे तो प्लेटफॉर्म पर स्क्रीन डोर नजर आएगा। मेट्रो के अंदर जब आप चलेंगे तो आपको वाई-फाई की कनेक्टविटी मिलेगी। यही नहीं फेज तीन के एलिवेटेड लाइन पर बने मेट्रो स्टेशन सोलर एनर्जी की पावर से रोशन होंगे। मसलन वह ऊर्जा भी बचाएगी।
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वर्तमान में मेट्रो की ऑपरेशनल लाइनों (एयरपोर्ट लाइन को छोड़कर) पर वाई-फाई की सुविधा नहीं है। यही नहीं खुद मोबाइल का अपना इंटरनेट नेटवर्क भी नहीं मिलता है। मगर मेट्रो फेज तीन में इस तरह की दिक्कतें नहीं आएगी।
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स्टेशनों को फिर वह एलिवेटेड हो या भूमिगत सभी जगह खासतौर से ऐसी व्यवस्था की गई है जिससे नेटवर्क मिले। इस बार मेट्रो में लोगों को वाई-फाई की सुविधा भी दी जाएगी। इसे लेकर मेट्रो एक कंपनी को काम भी दे दिया है।
मेट्रो फेज तीन की दो प्रमुख लाइन सबसे लंबी 58.59 पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार) और 34.27 किलोमीटर की मजेंटा लाइन (जनकपुरी पश्चिम से बॉटेनिकल गार्डन) के सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म पर स्क्रीन डोर मिलेंगे। सुरक्षा के लिहाज से यह स्क्रीन डोर इसलिए लगाए गए जिससे कोई भी ट्रैक पर ना जा सके।
यह डर तभी खुलेंगे जब प्लेटफॉर्म पर मेट्रो ट्रेन आकर खड़ी होगी। उसके दरवाजे के साथ यह खुलेगा और फिर बंद होगा। वर्तमान में किसी भी लाइन पर यह सुविधा नहीं है।मेट्रो फेज तीन में कुल 109 स्टेशन है। इसमें 35 भूमिगत, 74 एलिवेटेड लाइन पर स्थित है।
मेट्रो ने ग्रीन एनर्जी को अपनाते हुए सभी एलिवेटेड लाइन के मेट्रो स्टेशनों व फेज तीन में बन रहे मेट्रो डिपो की छत पर सोलर एनर्जी प्लांट लगा रहा है। स्टेशनों इसी सोलर एनर्जी से रोशन होगी। अकेले मुकुंदपुर में बना मेट्रो डिपो 31.2 किलोवाट बिजली का उत्पादन कर रहा है।
इसके अलावा बिजली की खपत कम करने के लिए स्टेशनों पर एलईडी लाइटिंग, स्प्लिट एसी की जगह अल्प सीएफसी रेफ्रीजरेटर और इंवर्टर कम्प्रेसर वाली वीआरवी एसी लगाई गई है, जिससे बिजली की खपत कम होगी।
मेट्रो फेज तीन के सभी स्टेशनों पर दिव्यांगों के लिए अलग सुविधाएं होगी। सड़क से मेट्रो परिसर में घुसने से रैंप मिलेगा। सभी स्टेशन उनके लिए अलग से वाशरूम होंगे। इसके अलावा इस बार मेट्रो स्टेशन पर जिस लाइन का स्टेशन है उसी रंग के ग्रेनाइट पत्थर लगाएं जा रहे है।
मसलन पिंक लाइन पर पिंक पत्थर तो मजेंटा लाइन मजेंटा कलर। चूकि इंटरचेंज की संख्या बढ़ रही है तो इससे लाइन की पहचान करने में आसानी होगी।
213 किलोमीटर मेट्रो लाइन ऑपरेशनल है।
160 किलोमीटर मेट्रो फेज तीन में बनना है।
23 किलोमीटर ऑपरेशन हो चुका है।
109 कुल नए स्टेशन बनेंगे।
74 एलिवेटेड लाइन पर है।
35 भूमिगत मेट्रो स्टेशन है।