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पैसा हुआ खत्म तो मजबूरी में पैदल ही घर चल दिए लोग
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पैसा हुआ खत्म तो मजबूरी में पैदल ही घर चल दिए लोग - दिल्ली से प्रवासी मजदूरों का पलायन नहीं हो रहा खत्म - लगातार लिंक रोड और एनएच-९ पर घर जाते हुए दिखाई दे रहे लोग
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माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। दिल्ली से प्रवासी मजदूरों का पलायन रूक नहीं रहा है। मजदूर पैदल ही अपने घर जाने को मजबूर है। शनिवार को भी टीएचए से काफी संख्या में मजदूर पैदल ही अपने घर जाते दिखाई दिए। इनके पास न तो खाना है और न ही पैसा। पुलिस वाले इन्हें लौटा रहे हैं तो यह अपना रास्ता बदल कॉलोनियों के बीच से होकर गुजरने को मजबूर हो गए हैं। लॉकडाउन को हुए ४५ दिनों से ऊपर का समय हो गया है। ऐसे में मजदूरों की समस्या बढ़ गई है। इनके पास जो पैसा था वह खत्म हो गया है। अब इनके पास न तो खाना बनाने के लिए राशन है और न ही पैसा। इनके सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है। ऐसे में यह लोग पैदल ही अपने घर को निकलने लगे हैं। शनिवार को लिंक रोड और एनएच-९ पर मजदूर अपने घर की तरफ जाते दिखाई दिए। दिल्ली के नांगलोई से इलाहाबाद जा रहे अविनाश राणा ने बताया कि वह अपने सात साथियों के साथ पैदल ही इलाहाबाद जा रहे है। उनके पास एक भी रुपया नहीं है। जहां पर किराये पर रह रहे थे वहां पर मकान मालिक लगातार किराए की मांग कर रहे है। ऐसे में उनके पास अपने घर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। वह अपने साथियों के साथ सुबह नांगलोई से निकले थे। वह यूपी गेट बॉर्डर पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस उन्हें और उनके साथियों को लेकर चौकी ले गई। जहां पर कई घंटे उन्हें बैठाए रखा। बाद में पुलिस ने उन्हें आगे न जाने की बात कहकर छोड़ दिया। अब वह न तो दिल्ली जा सकते है और न ही इलाहाबाद। ऐसे में वह करें तो क्या करें। वह इंदिरापुरम के गौड़ चौक पर अपने साथियों के साथ रूके हुए हैं।
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