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क्रासिंग्स सिटी में लैंड एक्सचेंज को मिली मंजूरी
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 23 Dec 2016 12:16 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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गाजियाबाद। लैंड एक्सचेंज के मामले में नगर निगम को फिर बड़ा झटका लगा है। मेरठ अपर आयुक्त की कोर्ट से क्रासिंग्स सिटी में लैंड एक्सचेंज को मंजूरी मिल गई है। काफी दिनों से यह मामला अपर आयुक्त की कोर्ट में विचाराधीन था।
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अब कोर्ट के आदेश के बाद करीब 26 हजार वर्ग मीटर बेशकीमती जमीन बिल्डरों के प्रोजेक्ट में चली जाएंगी। इनके बदले बिल्डर निगम को दूसरे स्थान पर जमीन देगा। पूर्व नगर आयुक्त जितेंद्र सिंह ने वर्ष 2012-13 में गुपचुप लैंड एक्सचेंज के लिए बिल्डरों को एनओसी दे दी थी।
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इसके लिए नगर निगम एक्ट के मुताबिक कार्यकारिणी समिति और बोर्ड से मंजूरी नहीं ली गई थी। लैंड एक्सचेंज के प्रकरण का खुलासा हुआ तो पार्षदों ने इसका विरोध किया था। पूर्व नगरायुक्त के रिटायरमेंट के बाद शासन ने उनके सभी फैसलों पर रोक लगाकर उनके खिलाफ जांच बैठा दी थी।
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अभी तक भी उनके खिलाफ विजिलेंस जांच चल रही है। शासन की ओर से पूर्व नगरायुक्त के निरस्त किए गए निर्णयों में यह लैंड एक्सचेंज का प्रकरण भी शामिल था। निगम ने लैंड एक्सचेंज को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की तो बिल्डर मंडलायुक्त की कोर्ट में चले गए।
यहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली और फैसला नगर निगम के पक्ष में हो गया था। इस पर बिल्डर हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने अपर आयुक्त की कोर्ट में दोबारा सुनवाई करने के आदेश दे दिए। अब अपर आयुक्त की कोर्ट से करीब 26 हजार वर्ग मीटर लैंड एक्सचेंज को मंजूरी मिल गई है।
बदले में मिलने वाली जमीन का किया सर्वे
अपर आयुक्त कोर्ट से बिल्डरों के पक्ष में फैसला होने के बाद नगर निगम ने इस फैसले के विरुद्ध अपील नहीं की। निगम अधिकारियों ने क्रासिंग्स सिटी में बदले में मिलने वाली जमीनों का सर्वे भी करा लिया है। इनमें से करीब 20 हजार वर्ग मीटर जमीन पर अतिक्रमण है।
अधिकारी बोले
लैंड एक्सचेंज का प्रकरण अपर आयुक्त कोर्ट में चल रहा था। नगर निगम की ओर से भी अपना पक्ष रखा गया था। कोर्ट से लैंड एक्सचेंज को मंजूरी दे दी गई है। - डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम