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बस और ऑटो का संचालन बंद होने से झेल गए लोग
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Sat, 30 Jul 2016 01:17 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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रूट डायवर्जन से लोकल बसों के न चलने और मोहन नगर से लालकुआं तक ऑटो का संचालन बंद होने से शुक्रवार से दिल्ली से आने-जाने वालों को दिक्कतें बढ़ गईं। खासकर दैनिक यात्रियों को पहले ही दिन मुसीबत का सामना करना पड़ा।
दिल्ली से आने वाले लोगों को मोहन नगर के बाद कोई सवारी नहीं मिलने से गाजियाबाद आने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई लोग सामान लेकर रिक्शे से या पैदल चलते नजर आए जबकि कई लोग लिफ्ट मांगते दिखे।
बता दें कि कांवड़ यात्रा के चलते लोकल बसों का संचालन पहले ही बंद हो चुका है जबकि शुक्रवार से मोहन नगर से गाजियाबाद के लिए चलने वाले ऑटो भी बंद कर दिए गए। यूपी बॉर्डर से गाजियाबाद आने के लिए ऑटो ही एक मात्र सहारा हैं। वे भी सिर्फ मोहन नगर तक ही आ रहे हैं।
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शुक्रवार को मौके का फायदा उठाते हुए कई ऑटो चालकों ने मनमाना किराया वसूला। यूपी बार्डर से आने के लिए यात्रियों को जहां पहले 10 रुपये देने पड़ते थे, वहीं अब 40 से 50 रुपये वसूले जा रहे हैं।
मोहन नगर से गाजियाबाद जाने के लिए कोई साधन नहीं है। रिक्शा ही एक मात्र सहारा होने से लोगों ने रिक्शे का सहारा लिया। हालांकि रिक्शा चालकों ने भी मनमाना किराया वसूला। मोहन नगर से मेरठ तिराहे तक पहुंचाने के लिए रिक्शा चालक 60 से 70 रुपये तक वसूल रहे हैं।
- यात्री बाले
शालीमार गार्डन से गाजियाबाद जाने के लिए ऑटो लिया था, जिसने मोहन नगर पर ही उतार दिया और 40 रुपये किराया लिया। इसके बाद गाजियाबाद जाने के लिए भी खासी मशक्कत करनी पड़ी।
- विशाल, साहिबाबाद
वसुंधरा से ऑटो पकड़कर मोहन नगर आ गई। अब गाजियाबाद जाना है, लेकिन कोई जरिया नहीं है।
- अदिति, वसुंधरा
भोली से छेड़छाड़, हंगामा होते-होते बचा
काजमपुर गेट के पास शुक्रवार दोपहर एक भोली से छेड़छाड़ की वारदात हुई। इसके चलते गुस्साए कांवड़ियों ने हंगामा करने की कोशिश की। मगर अन्य कांवड़ियों और पुलिस के समझाने पर कांवड़िये शांत हो गए।
सूत्रों के मुताबिक गुड़गांव निवासी एक महिला हरिद्वार से कांवड़ लेकर जा रही थी। रास्ते में दूसरे कांवड़ियों ने महिला पर अश्लील फब्तियां कसीं। इस पर भोली ने शोर मचा दिया। इसके चलते कांवड़िये एकत्र हो गए और हंगामा करने की कोशिश की।
सड़क हादसे में तीन कांवड़िए घायल
तेल मिल गेट के पास शुक्रवार दोपहर दो बाइकों की भिड़ंत में तीन कांवड़िए घायल हो गए। दिल्ली भजनपुरा निवासी संजय और प्रमोद कांवड़ लेने बाइक से हरिद्वार जा रहे थे। तेल मिल के पास सामने आ रही बाइक से उनकी बाइक भिड़ गई।
इसके चलते संजय, प्रमोद और दूसरी बाइक पर सवार मोनू निवासी विजय नगर गाजियाबाद घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
आज से झेलना पड़ सकता है डीजल-पेट्रोल का संकट
गाजियाबाद से मेरठ जाने वाले मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप पर शनिवार शाम तक पेट्रोल-डीजल के टैंक सूख सकते हैं। हालांकि पेट्रोल पंप संचालक व्यवस्था बनाने की बात कह रहे है। मगर जिस प्रकार उनके पास स्टॉक कम है, उससे नहीं लगता कि वह रविवार तक आयल दे सकेंगे।
दिल्ली-मेरठ रोड पर मेले जैसा माहौल
कांवड़ यात्रा चरम पर है। ऐसे में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर मेले जैसा माहौल है। हर तरफ शिवभक्त कांवड़िये नजर आ रहे हैं। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कांवड़िये नाचते गाते भोले बाबा की धुन में अपनी मंजिल की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। शुक्रवार सुबह से हाईवे पर गाजियाबाद व आसपास के कांवड़ियों का हुजूम नजर आया, जिससे चारों ओर भोले के जयकारों की गूंज सुनाई पड़ रही थी। बारिश के बावजूद कांवड़िये कांवड़ लेकर झूमते दिखे। इस दौरान डीजे पर हरियाणवी गीतों की धूम रही।
डाक कावंड़ियों की तेज रफ्तार से पुलिस परेशान
पिछले दो दिन से रात और दिन हरिद्वार की ओर जा रहे डाक कांवड़ियों के वाहनों की तेज रफ्तार पुलिस-प्रशासन के पसीने छुड़ा रही है। हाईवे पर बनाए गए अस्थाई डिवाइडर कुछ हद तक वाहनों की गति पर अंकुश लगाने में कामयाब हुए हैं।
सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप
तहसील और ब्लाक के समस्त अधिकारी और कर्मचारी कांवड़ यात्रा की व्यवस्था में लगे हैं, जिस कारण तहसील और ब्लाक में कामकाज लगभग पिछले एक सप्ताह से ठप पड़ा हुआ है। कोर्ट भी बंद है।
वहीं, हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद होने से बड़ी संख्या में लोग ट्रेन से सफर कर रहे हैं। हालांकि स्टेशन तक पहुंचने और स्टेशन से घर जाने के लिए साधन की कमी के चलते लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
मोदीनगर-मुरादनगर में वैसे तो करीब 13 पेट्रोल पंप है। इनमें सबसे अधिक पेट्रोल पंप मेरठ से गाजियाबाद जाने वाले मार्ग पर हैं। इस पर कांवड़िए चल रहे है। इन पेट्रोल पंप पर अभी अच्छा खास पेट्रोल और डीजल का स्टॉक है।
कादराबाद स्थित रमन एण्ड कंपनी के मैनेजर अशोक यादव ने बताया कि उनके पास 16 हजार लीटर पेट्रोल और 15 हजार लीटर डीजल है। कपड़ा मिल के सामने स्थित माडर्न सर्विस स्टेशन के मैनेजर नरेंद्र शर्मा भी दो अगस्त तक पेट्रोल और डीजल का स्टॉक होने की बात कह रहे है।
उनके पेट्रोल पंप पर 13 हजार लीटर पेट्रोल और 9 हजार लीटर डीजल है। वहीं गाजियाबाद से मेरठ की ओर जाने वाले मार्ग पर मोदीनगर में केवल एक पंप नेशनल फिलिंग सेंटर है। उसके मालिक यशपाल गुप्ता बताते है कि उनके यहां 45 हजार लीटर पेट्रोल और 50 हजार लीटर डीजल के टैंक है।
कांवड़ यात्रा शुरू होते वक्त सभी टैंक फुल थे और इस बीच दो बार अधिक रुपये देकर टैंकर बुलाया गया है। मगर अब टैंकर आने की उम्मीद नहीं है। इसके अलावा पंप पर 28 हजार पेट्रोल और 37 हजार डीजल का स्टॉक है।
जिसमें करीब 12 से 15 लीटर पेट्रोल और डीजल रिजर्व रखने का नियम में है। सरकारी सुविधाओं के लिए कभी भी इसकी जरूरत पड़ सकती है। यशपाल गुप्ता का कहना है कि इस तरह लगता है कि शनिवार शाम तक ही पेट्रोल चल पाएगा। मुरादनगर में भी इस मार्ग पर पड़ने वाले पेट्रोल पंप के यहीं हालात है। ऐसे में लोगों को रविवार-सोमवार को डीजल-पेट्रोल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
डीआईजी, डीएम और एसएसपी ने डाला डेरा
कांवड़ यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने मोदीनगर-मुरादनगर में डेरा डाल लिया है। शुक्रवार को डीआईजी लक्ष्मी सिंह, डीएम निधि केसरवानी और एसएसपी केएल इमेनुएल ने हाइवे का निरीक्षण किया और करीब दो घंटे राज चौराहे पर सरकारी कैंप में बैठकर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने शुक्रवार शाम कादराबाद से मुरादनगर तक गंगनहर तक निरीक्षण किया। इसके अलावा डीएम निधि केसरवानी और एसएसपी केएल इमेनुएल ने ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं को पूर्ण रखने के निर्देश दिए।
एसपीआरए राकेश पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को दो पहिया का आवागमन जारी रखा गया है। शनिवार को व्यवस्था के मद्देनजर वाहनों पर पूर्णतया वाहन बंद पर तत्काल निर्णय लिया जाएगा।
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दिल्ली से आने वाले लोगों को मोहन नगर के बाद कोई सवारी नहीं मिलने से गाजियाबाद आने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई लोग सामान लेकर रिक्शे से या पैदल चलते नजर आए जबकि कई लोग लिफ्ट मांगते दिखे।
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बता दें कि कांवड़ यात्रा के चलते लोकल बसों का संचालन पहले ही बंद हो चुका है जबकि शुक्रवार से मोहन नगर से गाजियाबाद के लिए चलने वाले ऑटो भी बंद कर दिए गए। यूपी बॉर्डर से गाजियाबाद आने के लिए ऑटो ही एक मात्र सहारा हैं। वे भी सिर्फ मोहन नगर तक ही आ रहे हैं।
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शुक्रवार को मौके का फायदा उठाते हुए कई ऑटो चालकों ने मनमाना किराया वसूला। यूपी बार्डर से आने के लिए यात्रियों को जहां पहले 10 रुपये देने पड़ते थे, वहीं अब 40 से 50 रुपये वसूले जा रहे हैं।
मोहन नगर से गाजियाबाद जाने के लिए कोई साधन नहीं है। रिक्शा ही एक मात्र सहारा होने से लोगों ने रिक्शे का सहारा लिया। हालांकि रिक्शा चालकों ने भी मनमाना किराया वसूला। मोहन नगर से मेरठ तिराहे तक पहुंचाने के लिए रिक्शा चालक 60 से 70 रुपये तक वसूल रहे हैं।
- यात्री बाले
शालीमार गार्डन से गाजियाबाद जाने के लिए ऑटो लिया था, जिसने मोहन नगर पर ही उतार दिया और 40 रुपये किराया लिया। इसके बाद गाजियाबाद जाने के लिए भी खासी मशक्कत करनी पड़ी।
- विशाल, साहिबाबाद
वसुंधरा से ऑटो पकड़कर मोहन नगर आ गई। अब गाजियाबाद जाना है, लेकिन कोई जरिया नहीं है।
- अदिति, वसुंधरा
भोली से छेड़छाड़, हंगामा होते-होते बचा
काजमपुर गेट के पास शुक्रवार दोपहर एक भोली से छेड़छाड़ की वारदात हुई। इसके चलते गुस्साए कांवड़ियों ने हंगामा करने की कोशिश की। मगर अन्य कांवड़ियों और पुलिस के समझाने पर कांवड़िये शांत हो गए।
सूत्रों के मुताबिक गुड़गांव निवासी एक महिला हरिद्वार से कांवड़ लेकर जा रही थी। रास्ते में दूसरे कांवड़ियों ने महिला पर अश्लील फब्तियां कसीं। इस पर भोली ने शोर मचा दिया। इसके चलते कांवड़िये एकत्र हो गए और हंगामा करने की कोशिश की।
सड़क हादसे में तीन कांवड़िए घायल
तेल मिल गेट के पास शुक्रवार दोपहर दो बाइकों की भिड़ंत में तीन कांवड़िए घायल हो गए। दिल्ली भजनपुरा निवासी संजय और प्रमोद कांवड़ लेने बाइक से हरिद्वार जा रहे थे। तेल मिल के पास सामने आ रही बाइक से उनकी बाइक भिड़ गई।
इसके चलते संजय, प्रमोद और दूसरी बाइक पर सवार मोनू निवासी विजय नगर गाजियाबाद घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
आज से झेलना पड़ सकता है डीजल-पेट्रोल का संकट
गाजियाबाद से मेरठ जाने वाले मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप पर शनिवार शाम तक पेट्रोल-डीजल के टैंक सूख सकते हैं। हालांकि पेट्रोल पंप संचालक व्यवस्था बनाने की बात कह रहे है। मगर जिस प्रकार उनके पास स्टॉक कम है, उससे नहीं लगता कि वह रविवार तक आयल दे सकेंगे।
दिल्ली-मेरठ रोड पर मेले जैसा माहौल
कांवड़ यात्रा चरम पर है। ऐसे में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर मेले जैसा माहौल है। हर तरफ शिवभक्त कांवड़िये नजर आ रहे हैं। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कांवड़िये नाचते गाते भोले बाबा की धुन में अपनी मंजिल की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। शुक्रवार सुबह से हाईवे पर गाजियाबाद व आसपास के कांवड़ियों का हुजूम नजर आया, जिससे चारों ओर भोले के जयकारों की गूंज सुनाई पड़ रही थी। बारिश के बावजूद कांवड़िये कांवड़ लेकर झूमते दिखे। इस दौरान डीजे पर हरियाणवी गीतों की धूम रही।
डाक कावंड़ियों की तेज रफ्तार से पुलिस परेशान
पिछले दो दिन से रात और दिन हरिद्वार की ओर जा रहे डाक कांवड़ियों के वाहनों की तेज रफ्तार पुलिस-प्रशासन के पसीने छुड़ा रही है। हाईवे पर बनाए गए अस्थाई डिवाइडर कुछ हद तक वाहनों की गति पर अंकुश लगाने में कामयाब हुए हैं।
सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप
तहसील और ब्लाक के समस्त अधिकारी और कर्मचारी कांवड़ यात्रा की व्यवस्था में लगे हैं, जिस कारण तहसील और ब्लाक में कामकाज लगभग पिछले एक सप्ताह से ठप पड़ा हुआ है। कोर्ट भी बंद है।
वहीं, हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद होने से बड़ी संख्या में लोग ट्रेन से सफर कर रहे हैं। हालांकि स्टेशन तक पहुंचने और स्टेशन से घर जाने के लिए साधन की कमी के चलते लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
मोदीनगर-मुरादनगर में वैसे तो करीब 13 पेट्रोल पंप है। इनमें सबसे अधिक पेट्रोल पंप मेरठ से गाजियाबाद जाने वाले मार्ग पर हैं। इस पर कांवड़िए चल रहे है। इन पेट्रोल पंप पर अभी अच्छा खास पेट्रोल और डीजल का स्टॉक है।
कादराबाद स्थित रमन एण्ड कंपनी के मैनेजर अशोक यादव ने बताया कि उनके पास 16 हजार लीटर पेट्रोल और 15 हजार लीटर डीजल है। कपड़ा मिल के सामने स्थित माडर्न सर्विस स्टेशन के मैनेजर नरेंद्र शर्मा भी दो अगस्त तक पेट्रोल और डीजल का स्टॉक होने की बात कह रहे है।
उनके पेट्रोल पंप पर 13 हजार लीटर पेट्रोल और 9 हजार लीटर डीजल है। वहीं गाजियाबाद से मेरठ की ओर जाने वाले मार्ग पर मोदीनगर में केवल एक पंप नेशनल फिलिंग सेंटर है। उसके मालिक यशपाल गुप्ता बताते है कि उनके यहां 45 हजार लीटर पेट्रोल और 50 हजार लीटर डीजल के टैंक है।
कांवड़ यात्रा शुरू होते वक्त सभी टैंक फुल थे और इस बीच दो बार अधिक रुपये देकर टैंकर बुलाया गया है। मगर अब टैंकर आने की उम्मीद नहीं है। इसके अलावा पंप पर 28 हजार पेट्रोल और 37 हजार डीजल का स्टॉक है।
जिसमें करीब 12 से 15 लीटर पेट्रोल और डीजल रिजर्व रखने का नियम में है। सरकारी सुविधाओं के लिए कभी भी इसकी जरूरत पड़ सकती है। यशपाल गुप्ता का कहना है कि इस तरह लगता है कि शनिवार शाम तक ही पेट्रोल चल पाएगा। मुरादनगर में भी इस मार्ग पर पड़ने वाले पेट्रोल पंप के यहीं हालात है। ऐसे में लोगों को रविवार-सोमवार को डीजल-पेट्रोल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
डीआईजी, डीएम और एसएसपी ने डाला डेरा
कांवड़ यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने मोदीनगर-मुरादनगर में डेरा डाल लिया है। शुक्रवार को डीआईजी लक्ष्मी सिंह, डीएम निधि केसरवानी और एसएसपी केएल इमेनुएल ने हाइवे का निरीक्षण किया और करीब दो घंटे राज चौराहे पर सरकारी कैंप में बैठकर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने शुक्रवार शाम कादराबाद से मुरादनगर तक गंगनहर तक निरीक्षण किया। इसके अलावा डीएम निधि केसरवानी और एसएसपी केएल इमेनुएल ने ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं को पूर्ण रखने के निर्देश दिए।
एसपीआरए राकेश पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को दो पहिया का आवागमन जारी रखा गया है। शनिवार को व्यवस्था के मद्देनजर वाहनों पर पूर्णतया वाहन बंद पर तत्काल निर्णय लिया जाएगा।