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ज्वाइंट डायरेक्टर परिवार कल्याण समेत पांच के खिलाफ चार्जशीट
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 29 Jun 2016 12:32 AM IST
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अदालत का फैसला
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एनआरएचएम घोटाले में सीबीआई ने एक बार फिर से घोटालेबाजों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को लखनऊ में तैनात सीबीआई के डिप्टी एसपी त्रिभुवन ने गाजियाबाद विशेष कोर्ट में एक नई चार्जशीट पेश की है।
आजमगढ़ जिले से संबंधित इस चार्जशीट में हेल्थ डिपार्टमेंट के ज्वाइंट डायरेक्टर परिवार कल्याण, दो फार्मासिस्ट, दवा कारोबारी और एक उसके एजेंट को आरोपी बनाया गया है।
सीबीआई टीम मंगलवार सुबह लखनऊ से चार्जशीट और इससे संबंधित दस्तावेज लेकर गाजियाबाद स्थित सीबीआई विशेष कोर्ट में पहुंची।
सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने कोर्ट में चार्जशीट को पेश किया। इस चार्जशीट में ज्वाइंट डायरेक्टर परिवार कल्याण डा. रामआधार, चीफ फार्मासिस्ट एचएन सिंह, रामप्रीत भारती के अलावा मेरठ का दवा कारोबारी सुरेंद्र चौधरी और उसके एजेंट राजेश शुक्ला का नाम है।
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आरोप है कि 2010 से 2011 के बीच आजमगढ़ जिला अस्पताल के लिए दवाइयां और मेडिकल किट की खरीद एनआरएचएम योजना के तहत हुई। डा. रामआधार उस समय आजमगढ़ के सीएमओ थे। सीबीआई का आरोप है कि इस खरीद-फरोख्त में जमकर बंदरबांट की गई।
आत्महत्या को उकसाने में पति को छह साल कैद
दहेज हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे-13 आरके शुक्ला ने मृतका के पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी माना है। कोर्ट ने आरोपी पति को छह साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मिली जानकारी के अनुसार पत्नी की मौत के मामले में पिलखुवा निवासी शिवकुमार और उसकी मां अंगूरी देवी के खिलाफ मृतका के परिजनों ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सरकारी वकील ब्रजमोहन शर्मा के अनुसार सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे दहेज हत्या न मानकर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला माना। इसके लिए पति को दोषी मानते हुए कोर्ट ने मंगलवार को सजा सुना दी, जबकि नामजद अंगूरी देवी को बरी कर दिया।
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आजमगढ़ जिले से संबंधित इस चार्जशीट में हेल्थ डिपार्टमेंट के ज्वाइंट डायरेक्टर परिवार कल्याण, दो फार्मासिस्ट, दवा कारोबारी और एक उसके एजेंट को आरोपी बनाया गया है।
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सीबीआई टीम मंगलवार सुबह लखनऊ से चार्जशीट और इससे संबंधित दस्तावेज लेकर गाजियाबाद स्थित सीबीआई विशेष कोर्ट में पहुंची।
सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने कोर्ट में चार्जशीट को पेश किया। इस चार्जशीट में ज्वाइंट डायरेक्टर परिवार कल्याण डा. रामआधार, चीफ फार्मासिस्ट एचएन सिंह, रामप्रीत भारती के अलावा मेरठ का दवा कारोबारी सुरेंद्र चौधरी और उसके एजेंट राजेश शुक्ला का नाम है।
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आरोप है कि 2010 से 2011 के बीच आजमगढ़ जिला अस्पताल के लिए दवाइयां और मेडिकल किट की खरीद एनआरएचएम योजना के तहत हुई। डा. रामआधार उस समय आजमगढ़ के सीएमओ थे। सीबीआई का आरोप है कि इस खरीद-फरोख्त में जमकर बंदरबांट की गई।
आत्महत्या को उकसाने में पति को छह साल कैद
दहेज हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे-13 आरके शुक्ला ने मृतका के पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी माना है। कोर्ट ने आरोपी पति को छह साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मिली जानकारी के अनुसार पत्नी की मौत के मामले में पिलखुवा निवासी शिवकुमार और उसकी मां अंगूरी देवी के खिलाफ मृतका के परिजनों ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सरकारी वकील ब्रजमोहन शर्मा के अनुसार सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे दहेज हत्या न मानकर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला माना। इसके लिए पति को दोषी मानते हुए कोर्ट ने मंगलवार को सजा सुना दी, जबकि नामजद अंगूरी देवी को बरी कर दिया।