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Ghaziabad News: ऑफिस मैनेजमेंट का काम करने वाली फर्म से टैक्स चोरी कर ले लिया आईटीसी क्लेम
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गाजियाबाद। ऑफिस मैनेजमेंट का काम करने वाली इंदिरापुरम की एक फर्म ने बोगस फर्माें से खरीद दर्शाकर 1.19 करोड़ का आईटीसी क्लेम ले लिया। राज्यकर विभाग की टीम ने फर्म के ऑनलाइन दस्तावेजों की जांच कर फर्जीवाड़ा पकड़ा है। राज्यकर विभाग की कार्रवाई के बाद फर्म ने 1.19 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। अब अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
गाजियाबाद जोन-दो के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 ओपी तिवारी ने बताया कि यह फर्म सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में फर्नीचर व अन्य उपकरण की आपूर्ति करती है। करीब एक साल पहले इस फर्म का पंजीकरण हुआ था। एक साल में ही इस फर्म का टर्नओवर करीब 30 करोड़ पहुंच गया। फर्म की ओर से ऑनलाइन दाखिल की गई रिटर्न में पेश किए गए दस्तावेजों की पड़ताल करने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में पाया गया कि इस फर्म ने कई ऐसी फर्माें से खरीद दर्शायी है, जिनका अस्तित्व ही नहीं है। बोगस फर्माें से खरीद दर्शाकर इस फर्म ने आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) ले लिया। यानी जो टैक्स राज्यकर विभाग को चुकाया जाना चाहिए था, वह नहीं चुकाया गया। प्राथमिक जांच में 1.19 करोड़ की टैक्स चोरी पाई गई है। फर्म से यह रकम जमा कराकर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जांच में अगर जीएसटी चोरी की रकम बढ़ती है तो फर्म को नोटिस जारी कर रकम जमा कराई जाएगी। इसके दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
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गाजियाबाद जोन-दो के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 ओपी तिवारी ने बताया कि यह फर्म सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में फर्नीचर व अन्य उपकरण की आपूर्ति करती है। करीब एक साल पहले इस फर्म का पंजीकरण हुआ था। एक साल में ही इस फर्म का टर्नओवर करीब 30 करोड़ पहुंच गया। फर्म की ओर से ऑनलाइन दाखिल की गई रिटर्न में पेश किए गए दस्तावेजों की पड़ताल करने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में पाया गया कि इस फर्म ने कई ऐसी फर्माें से खरीद दर्शायी है, जिनका अस्तित्व ही नहीं है। बोगस फर्माें से खरीद दर्शाकर इस फर्म ने आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) ले लिया। यानी जो टैक्स राज्यकर विभाग को चुकाया जाना चाहिए था, वह नहीं चुकाया गया। प्राथमिक जांच में 1.19 करोड़ की टैक्स चोरी पाई गई है। फर्म से यह रकम जमा कराकर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जांच में अगर जीएसटी चोरी की रकम बढ़ती है तो फर्म को नोटिस जारी कर रकम जमा कराई जाएगी। इसके दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
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