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उद्योगों को संजीवनी, नौकरीपेशा को राहत
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Thu, 02 Feb 2017 12:36 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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वित्त मंत्री की पोटली से निकले आम बजट से गाजियाबाद के लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों को संजीवनी मिलेगी। इंडस्ट्रीज पर लगने वाले 30 प्रतिशत टैक्स में पांच प्रतिशत की छूट से उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है।
गाजियाबाद में करीब 96 प्रतिशत उद्यमियों को इस टैक्स छूट से लाभ मिलेगा। वहीं, बजट में आम जनता को भी राहत दी गई हे। ई-रेल टिकट लेने पर सरचार्र्ज की छूट मिलने से रेलवे स्टेशन पर लगने वाली भीड़ कम होगी।
छात्रों को स्किल्ड बनाकर नौकरियां दी जाएंगी। ढाई लाख से पांच लाख तक के इनकम टैक्स स्लैब में 5 फीसदी की छूट से नौकरीपेशा लोग खुश हैं हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार पांच लाख तक के इनकम को टैक्स के दायरे से बाहर कर देगी।
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बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को भी अब आशियाने की उम्मीद बंधी है। सरकार ने ऐसे लोगों के लिए 2019 तक एक करोड़ मकान बनाने की घोषणा की है। बजट में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों का भी ख्याल रखे जाने से इस वर्ग के लोग खुश हैं।
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने छोटे उद्यमियों का ध्यान रखा है। बजट से गाजियाबाद के उद्योगों को संजीवनी मिलेगी। यहां करीब 12 हजार छोटे-बड़े उद्योग हैं, जिसमें करीब चार से पांच लाख तक श्रमिक काम करते हैं।
पांच प्रतिशत टैक्स कम होेने पर मध्यम श्रेणी के उद्योग बाजार में टिक पाएंगे। नये स्टार्ट अप को आगे आने का मौका मिलेगा। 50 करोड़ तक के करीब 96 प्रतिशत उद्यमियों को टैक्स कम होने का फायदा मिलेगा।
डिमांड के अनुरूप बैंक ज्यादा से ज्यादा पीओएस मशीन देंगे, जिससे उद्यमियों को लेनदेन में फायदा होगा। लघु और मध्यम श्रेणी के उद्योगों को बढ़ाकर रोजगार और नए उद्यमियों को पैदा करने की प्लानिंग है। ज्यादा स्टार्ट अप होंगे तो बेरोजगारी कम होगी।
बोले उद्यमी
बजट छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देने वाला है। उद्योग सबसे ज्यादा टैक्स की मार झेलते हैं। पांच प्रतिशत टैक्स कम होने से उद्यमी बचत कर पाएंगे। दूसरी जगहों पर इंडस्ट्री खुलेगी तो युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
- जेपी कौशिक, सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी आईआईए
बजट उम्मीदों पर खरा उतरा है। दम तोड़ते छोटे व मध्यम श्रेणी के उद्योगों को टैक्स में छूट मिलने से आक्सीजन मिलेगी। स्टार्टअप को शुरुआती सात साल तक टैक्स न देना अच्छा कदम है।
- एनएन मिश्रा, अध्यक्ष, एमजीआर औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन
बोले नौकरीपेशा
- मध्य वर्ग को खुश करने वाला बजट है। सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में पांच लाख रुपये तक इनकम पाने वाले कर्मचारी काफी संख्या में होते हैं। टैक्स का प्रतिशत आधा होने से बचत बढ़ेगी।
- रजनीश वर्मा
पांच लाख रुपये तक आय वालों को कर प्रतिशत में रियायत मिलने से प्राइवेट कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिलेगा, क्योंकि जिस हिसाब से महंगाई बढ़ती है उसके मुताबिक सैलरी नहीं बढ़ती।
- नीरज प्रसाद
लंबे समय बाद ऐसा बजट आया है, जिससे आम आदमी को लगा है कि सरकार उनके बारे में भी सोचती है। महंगाई से जूझ रही पब्लिक को राहत मिलेगी। मध्यम वर्ग का भी जीवन स्तर बढ़ेगा।
- पंकज शर्मा
बोले सीए
यह बजट दूरगामी सोच का बजट है। इंडस्ट्री और स्टार्टअप को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर बढ़ाने की कोशिश की गई है। वहीं, कैशलेस ट्रांजेक्शन बढ़ेगा तो पारदर्शिता आएगी। करप्शन खत्म होगा।
- अंकुर तायल
बजट पूरी तरह जनता के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। जहां टैक्स बढ़ाना चाहिए, वहां बढ़ा है। राजनीतिक पार्टियों के डोनेशन पर ब्रेक लगाना सराहनीय कदम है।
- पुनीत सुखेजा
बोले शेयर मार्केट एक्सपर्ट
शेयर मार्केट में लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। यह अच्छा कदम है। इससे नए निवेशक मार्केट में आएंगे। मार्केट में लोगों का विश्वास बढ़ेगा। यदि टैक्स 10 प्रतिशत कर दिया जाता तो काफी नुकसान होता।
- आलोक गर्ग, मेंबर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज
बोले अधिवक्ता
मध्यम वर्ग के लिए यह बजट बहुत अच्छा है। जिस तरह महंगाई बढ़ी है उससे समाज का हर वर्ग प्रभावित है। यदि टैक्स में छूट मिलती है तो इससे प्रोफेशनल को भी फायदा मिलेगा।
- अरुण गुप्ता
क्या कहते हैं युवा
उच्च शिक्षक संस्थानों के लिए सभी प्रवेश परीक्षाओं को आयोजित कराने के लिए राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी के गठन का फैसला स्वागत योग्य है। इससे प्रेवश परीक्षा की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
- कमल यादव
युवाओं को स्किल्ड बनाना सबसे ज्यादा जरूरी है। सरकार इसके लिए संकल्प योजना शुरू कर रही है। योजना के तहत पढ़े लिखे बेरोजगार युवा ट्रेंड होकर जॉब पा सकेंगे।
-हिमांशु गर्ग
बोली गृहिणियां
- महंगाई पर रोक लगे यही जरूरी है। तनख्वाह वाले कर्मचारियों को उनकी आय में छूट देने से घर का बजट भी संभलेगा। जो जरूरी खर्चे हैं, वह पूरे हो पाएंगे।
- रश्मि शर्मा, नेहरू नगर
खाने पीने की वस्तुएं सस्ती होनी चाहिए। बजट में पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में कमी होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो खाद्य वस्तुएं निश्चित तौर पर सस्ती हो जाएंगी।
- विनीता सिंह, बसंत रोड
गर्भवती महिलाओं को मिलेगा लाभ
गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार द्वारा 6 हजार रुपये देने की पहल सराहनीय है। एनीमिया की वजह से अब भी कई गर्भवती महिलाओं की मौत हो जाती है। यह पैसे पौष्टिक भोजन के काम आ पाएगा।
- निकिता, शाहपुर बम्हैटा
आधार बेस्ड स्मार्ट कार्ड अच्छी पहल
बढ़ती उम्र के साथ बीमारियां बुजुर्गों की सबसे बड़ी समस्या होती है। आधार बेस्ड स्मार्ट कार्ड से हेल्थ रिकार्ड रखने में सुविधा मिलेगी, यह एक अच्छी पहल है। - कृष्णा मलिक, कविनगर
तीन लाख कैश लेनदेन का पड़ेगा असर
तीन लाख से ऊपर खरीदारी करने पर उपभोक्ताओं को चेक देना होगा। यानी ग्राहक अधिकतम तीन लाख तक का कैश लेनदेन ही कर पाएंगे। इससे सराफा व्यापार, प्रॉपर्टी, ऑटो सेक्टर पर असर पड़ने की संभावना है। उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के महासचिव रवि वर्मा का कहना है कि कैश लिमिट लगाने से ग्रामीण क्षेत्र के सराफा व्यापारियों पर बुरा असर पड़ेगा। आज भी ग्रामीण लोेग चेक या डीडी बनवाकर गहने नहीं खरीदते हैं। वह अधिकतर कैश का ही उपयोग करते हैं।
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गाजियाबाद में करीब 96 प्रतिशत उद्यमियों को इस टैक्स छूट से लाभ मिलेगा। वहीं, बजट में आम जनता को भी राहत दी गई हे। ई-रेल टिकट लेने पर सरचार्र्ज की छूट मिलने से रेलवे स्टेशन पर लगने वाली भीड़ कम होगी।
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छात्रों को स्किल्ड बनाकर नौकरियां दी जाएंगी। ढाई लाख से पांच लाख तक के इनकम टैक्स स्लैब में 5 फीसदी की छूट से नौकरीपेशा लोग खुश हैं हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार पांच लाख तक के इनकम को टैक्स के दायरे से बाहर कर देगी।
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बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को भी अब आशियाने की उम्मीद बंधी है। सरकार ने ऐसे लोगों के लिए 2019 तक एक करोड़ मकान बनाने की घोषणा की है। बजट में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों का भी ख्याल रखे जाने से इस वर्ग के लोग खुश हैं।
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने छोटे उद्यमियों का ध्यान रखा है। बजट से गाजियाबाद के उद्योगों को संजीवनी मिलेगी। यहां करीब 12 हजार छोटे-बड़े उद्योग हैं, जिसमें करीब चार से पांच लाख तक श्रमिक काम करते हैं।
पांच प्रतिशत टैक्स कम होेने पर मध्यम श्रेणी के उद्योग बाजार में टिक पाएंगे। नये स्टार्ट अप को आगे आने का मौका मिलेगा। 50 करोड़ तक के करीब 96 प्रतिशत उद्यमियों को टैक्स कम होने का फायदा मिलेगा।
डिमांड के अनुरूप बैंक ज्यादा से ज्यादा पीओएस मशीन देंगे, जिससे उद्यमियों को लेनदेन में फायदा होगा। लघु और मध्यम श्रेणी के उद्योगों को बढ़ाकर रोजगार और नए उद्यमियों को पैदा करने की प्लानिंग है। ज्यादा स्टार्ट अप होंगे तो बेरोजगारी कम होगी।
बोले उद्यमी
बजट छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देने वाला है। उद्योग सबसे ज्यादा टैक्स की मार झेलते हैं। पांच प्रतिशत टैक्स कम होने से उद्यमी बचत कर पाएंगे। दूसरी जगहों पर इंडस्ट्री खुलेगी तो युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
- जेपी कौशिक, सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी आईआईए
बजट उम्मीदों पर खरा उतरा है। दम तोड़ते छोटे व मध्यम श्रेणी के उद्योगों को टैक्स में छूट मिलने से आक्सीजन मिलेगी। स्टार्टअप को शुरुआती सात साल तक टैक्स न देना अच्छा कदम है।
- एनएन मिश्रा, अध्यक्ष, एमजीआर औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन
बोले नौकरीपेशा
- मध्य वर्ग को खुश करने वाला बजट है। सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में पांच लाख रुपये तक इनकम पाने वाले कर्मचारी काफी संख्या में होते हैं। टैक्स का प्रतिशत आधा होने से बचत बढ़ेगी।
- रजनीश वर्मा
पांच लाख रुपये तक आय वालों को कर प्रतिशत में रियायत मिलने से प्राइवेट कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिलेगा, क्योंकि जिस हिसाब से महंगाई बढ़ती है उसके मुताबिक सैलरी नहीं बढ़ती।
- नीरज प्रसाद
लंबे समय बाद ऐसा बजट आया है, जिससे आम आदमी को लगा है कि सरकार उनके बारे में भी सोचती है। महंगाई से जूझ रही पब्लिक को राहत मिलेगी। मध्यम वर्ग का भी जीवन स्तर बढ़ेगा।
- पंकज शर्मा
बोले सीए
यह बजट दूरगामी सोच का बजट है। इंडस्ट्री और स्टार्टअप को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर बढ़ाने की कोशिश की गई है। वहीं, कैशलेस ट्रांजेक्शन बढ़ेगा तो पारदर्शिता आएगी। करप्शन खत्म होगा।
- अंकुर तायल
बजट पूरी तरह जनता के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। जहां टैक्स बढ़ाना चाहिए, वहां बढ़ा है। राजनीतिक पार्टियों के डोनेशन पर ब्रेक लगाना सराहनीय कदम है।
- पुनीत सुखेजा
बोले शेयर मार्केट एक्सपर्ट
शेयर मार्केट में लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। यह अच्छा कदम है। इससे नए निवेशक मार्केट में आएंगे। मार्केट में लोगों का विश्वास बढ़ेगा। यदि टैक्स 10 प्रतिशत कर दिया जाता तो काफी नुकसान होता।
- आलोक गर्ग, मेंबर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज
बोले अधिवक्ता
मध्यम वर्ग के लिए यह बजट बहुत अच्छा है। जिस तरह महंगाई बढ़ी है उससे समाज का हर वर्ग प्रभावित है। यदि टैक्स में छूट मिलती है तो इससे प्रोफेशनल को भी फायदा मिलेगा।
- अरुण गुप्ता
क्या कहते हैं युवा
उच्च शिक्षक संस्थानों के लिए सभी प्रवेश परीक्षाओं को आयोजित कराने के लिए राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी के गठन का फैसला स्वागत योग्य है। इससे प्रेवश परीक्षा की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
- कमल यादव
युवाओं को स्किल्ड बनाना सबसे ज्यादा जरूरी है। सरकार इसके लिए संकल्प योजना शुरू कर रही है। योजना के तहत पढ़े लिखे बेरोजगार युवा ट्रेंड होकर जॉब पा सकेंगे।
-हिमांशु गर्ग
बोली गृहिणियां
- महंगाई पर रोक लगे यही जरूरी है। तनख्वाह वाले कर्मचारियों को उनकी आय में छूट देने से घर का बजट भी संभलेगा। जो जरूरी खर्चे हैं, वह पूरे हो पाएंगे।
- रश्मि शर्मा, नेहरू नगर
खाने पीने की वस्तुएं सस्ती होनी चाहिए। बजट में पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में कमी होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो खाद्य वस्तुएं निश्चित तौर पर सस्ती हो जाएंगी।
- विनीता सिंह, बसंत रोड
गर्भवती महिलाओं को मिलेगा लाभ
गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार द्वारा 6 हजार रुपये देने की पहल सराहनीय है। एनीमिया की वजह से अब भी कई गर्भवती महिलाओं की मौत हो जाती है। यह पैसे पौष्टिक भोजन के काम आ पाएगा।
- निकिता, शाहपुर बम्हैटा
आधार बेस्ड स्मार्ट कार्ड अच्छी पहल
बढ़ती उम्र के साथ बीमारियां बुजुर्गों की सबसे बड़ी समस्या होती है। आधार बेस्ड स्मार्ट कार्ड से हेल्थ रिकार्ड रखने में सुविधा मिलेगी, यह एक अच्छी पहल है। - कृष्णा मलिक, कविनगर
तीन लाख कैश लेनदेन का पड़ेगा असर
तीन लाख से ऊपर खरीदारी करने पर उपभोक्ताओं को चेक देना होगा। यानी ग्राहक अधिकतम तीन लाख तक का कैश लेनदेन ही कर पाएंगे। इससे सराफा व्यापार, प्रॉपर्टी, ऑटो सेक्टर पर असर पड़ने की संभावना है। उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के महासचिव रवि वर्मा का कहना है कि कैश लिमिट लगाने से ग्रामीण क्षेत्र के सराफा व्यापारियों पर बुरा असर पड़ेगा। आज भी ग्रामीण लोेग चेक या डीडी बनवाकर गहने नहीं खरीदते हैं। वह अधिकतर कैश का ही उपयोग करते हैं।