फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Hospital closed in the afternoon; patients left wandering in search of treatment.

Ghaziabad News: अस्पताल दोपहर में बंद, इलाज के लिए भटकते रहे मरीज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
Hospital closed in the afternoon; patients left wandering in search of treatment.
जिला अस्पताल की ओपीडी में लाइन में खड़े मरीज। संवाद - फोटो : 1
गाजियाबाद। मोहर्रम के सार्वजनिक अवकाश के कारण शुक्रवार को जिले के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी दोपहर 12 बजे तक ही संचालित हुई। इसके बाद अस्पताल बंद होने से इलाज कराने पहुंचे कई मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग अस्पताल पहुंचने के बाद बंद ओपीडी देखकर मायूस लौट गए, जबकि कुछ मरीजों को इमरजेंसी विभाग का रुख करना पड़ा। सिर्फ 1090 मरीजों का ही पंजीकरण हो सका था। जिला महिला और संयुक्त अस्पताल संजय नगर में भी ओपीडी कम रही।
विज्ञापन


एमएमजी अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही, लेकिन दोपहर 12 बजे ओपीडी बंद होने के बाद नए मरीजों का पंजीकरण और चिकित्सकीय परामर्श बंद कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार शुक्रवार को ओपीडी में कुल 1090 मरीजों का पंजीकरण हुआ। सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन करीब दो हजार से ढाई हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अवकाश के कारण मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। अस्पताल पहुंचे कई मरीजों ने बताया कि उन्हें ओपीडी के समय की जानकारी नहीं थी। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को अस्पताल बंद मिलने पर काफी निराशा हुई। जिन मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श, जांच या दवा की आवश्यकता थी, उन्हें अगले कार्यदिवस तक इंतजार करने की सलाह दी गई। हालांकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों का उपचार इमरजेंसी विभाग में जारी रहा।
विज्ञापन


बिना इलाज वापस लौटे
करहेड़ा निवासी राजेश कुमार अपनी 65 वर्षीय मां को घुटनों के तेज दर्द और सूजन की शिकायत लेकर दोपहर करीब 12:30 बजे एमएमजी अस्पताल पहुंचे। ओपीडी बंद होने की जानकारी मिलने पर उन्हें इलाज नहीं मिल सका। परिजनों ने बताया कि उन्हें अवकाश के कारण ओपीडी जल्दी बंद होने की जानकारी नहीं थी। अस्पताल कर्मियों ने शनिवार को उसी पर्चे पर डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी, जिसके बाद वे बिना इलाज कराए लौट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इमरजेंसी में भीड़ होने से नहीं दिखाया
आकाश नगर निवासी शबाना अपनी सात वर्षीय बेटी को लगातार बुखार और गले में दर्द की शिकायत लेकर संयुक्त अस्पताल पहुंचीं। ओपीडी बंद होने के कारण बच्ची का सामान्य चिकित्सक से परीक्षण नहीं हो सका। शबाना का कहना था कि बच्ची की हालत गंभीर नहीं थी, इसलिए इमरजेंसी में नहीं दिखाया। उन्हें अगले दिन ओपीडी में आने की सलाह दी गई, जिसके बाद वापस लौट गईं।


शनिवार को पुराने पर्चे पर जांच और इलाज करा सकेंगे मरीज
एमएमजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि सार्वजनिक अवकाश के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12 बजे तक ओपीडी में मरीजों का इलाज किया गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई मरीज ओपीडी में जांच या इलाज से वंचित रह गया है तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। वे शुक्रवार को बने पर्चे के आधार पर शनिवार को ओपीडी में चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जांच करा सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed