फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Horoscope of Engineering Colleges to be opened on one click

एक क्लिक पर खुलेगी इंजीनियरिंग कालेजों की कुंडली

Tue, 20 Jun 2017 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद Updated Tue, 20 Jun 2017 11:13 PM IST
विज्ञापन
Horoscope of Engineering Colleges to be opened on one click
aktu - फोटो : अमर उजाला

गाजियाबाद। इंजीनियरिंग कालेजों की मानीटरिंग और शैक्षिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एकेटीयू ने बड़ा कदम उठाया है। एकेटीयू ने अपनी वेबसाइट पर नो योर कालेज (केवाईसी) लिंक  जारी किया है।

विज्ञापन


इस लिंक के माध्यम से छात्र-छात्राएं और उनके परिजन प्रदेश के सभी इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मा सहित अन्य संस्थानों की पूरी कुंडली खंगाल सकेंगे। इंजीनियरिंग में दाखिले की दौड़ में शामिल छात्र-छात्राएं काउंसलिंग में च्वॉइस लाकिंग से पहले कालेज की पूरी जानकारी एक लिंक के माध्यम से ही प्राप्त कर सकेंगे।
विज्ञापन


केवाईसी लिंक  में जिले के 28 इंजीरियरिंग व मैनेजमेंट कालेजों के साथ सूबे के सभी करीब 650 कालेजों का लिंक उपलब्ध है। यूपी राज्य प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों की प्रथम चरण की काउंसलिंग में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं व उनके परिजनों को केवाईसी लिंक का सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


लिंक के जरिए कालेज में चलने वाले कोर्सेज, विभिन्न शैक्षिक  गतिविधियों, शिक्षकों की योग्यता, उपलब्धियों, प्लेसमेंट सहित हर छोटी-बड़ी जानकारी कालेजों के लिंक पर जाकर हासिल कर सकते हैं।

जानकारी के आधार पर छात्र-छात्राएं तुलनात्मक अध्ययन करके बेहतर विकल्प का चुनाव कर सकेंगे। लिंक के जरिए मिली जानकारी के जरिए विद्यार्थियों के साथ उनके परिजनों की शंकाओं का समाधान हो जाएगा।

विवि की मुख्य वेबसाइट के होम पेज पर इंस्टीट्यूशंस के विकल्प पर छात्र-छात्राओं को क्लिक करना होगा। इसमें जिला, कोर्सेज और ब्रांचेज वाइस कालेजों को आसानी से खोज सकेंगे। उन्हें एक-एक कर कालेजों की वेबसाइट को सर्च नहीं करना होगा।


सूचनाओं में कालेज नहीं कर सकेंगे खेल
विवि के केवाईसी लिंक पर दी गई जानकारी के साथ कालेज खेल नहीं कर सकेंगे। विवि के पोर्टल पर सभी जानकारी होने से विवि स्तर पर भी मानीटरिंग होगी। साथ ही निगरानी होने के कारण कालेज गलत और बढ़ा-चढ़ाकर सूचनाओं को नहीं दे सकेंगे। सूचनाओं में गड़बड़ी पाए जाने पर छात्र-छात्राओं की ओर से की जाने वाली शिकायतों पर विवि की ओर से एक्शन भी लिया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed