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Ghaziabad News: कार का शीशा तोड़ने वालों के आगे बेदम पुलिस दे रही केवल सलाह
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साहिबाबाद। ट्रांस हिंडन जोन के इंदिरापुरम, कौशांबी और लिंकरोड क्षेत्र में कार का शीशा तोड़कर कीमती सामान चोरी करने वाला गिरोह लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा है। वहीं पुलिस केवल सड़क किनारे कार खड़ी न करने की सलाह देती दिखाई दे रही है। इन इलाकों में कार से कीमती सामान चोरी करने के मामले कोई नई बात नहीं है। पिछले कई वर्षों से लगातार वारदातें सामने आ रही हैं। चोर इतनी सफाई से वारदात को अंजाम देते हैं कि न केवल सामान उड़ा ले जाते हैं, बल्कि पुलिस को चकमा देने में भी कामयाब हो जाते हैं।
इंदिरापुरम निवासी राजीव ने बताया कि कार्रवाई के बजाय पुलिस महज सलाह देने तक सीमित रह गई है। पुलिस की ओर से जारी सुझावों में कहा गया है कि लोग गाड़ी में कीमती सामान न छोड़ें और गाड़ी बंद करते समय दरवाजे व खिड़कियों की सुरक्षा जांच लें। हालांकि, पीड़ितों का कहना है कि जब चोरी हो ही रही है तो केवल सलाह देने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता। चोर नए-नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन पुलिस की रणनीति पुरानी पड़ती जा रही है। पिछले पांच माह में कार के शीशे तोड़कर लैपटॉप, कीमती मोबाइल फोन व अन्य सामान तक चुराने के करीब 30 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से केवल आधा दर्जन मामलों का ही खुलासा पुलिस कर पाई है।
पुलिस गश्त पर उठे सवाल
भले ही लोग मॉल, अस्पताल की पार्किंग में गाड़ी खड़ी न करते हुए सड़क पर करते होए लेकिन क्या ऐसा करने से पुलिस को गश्त कम करने या न करने की छूट मिल जाती है। यह सवाल खड़ा होता है जब इस तरह के मामले सामने आते हैं। स्थानीय लोगों का भी कहना है पुलिस को दिन और रात्रि गश्त बढ़ाना चाहिए। ताकि सतर्कता बनी रहे। वहीं लोगों को भी अपने वाहनों को पार्किंग में खड़ा करने की तरफ भी ध्यान देना होगा।
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-- वर्जन--
वारदात सामने आने के बाद उनके खुलासे के लिए पुलिस सर्विलांस टीम जांच करती है। कई मामलों में पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार कर खुलासा किया है। सभी थानों व चौकी प्रभारियों को गश्त बढ़ाने और निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। आम जनता से भी अपील है कि वाहनों को पार्किंग में ही खड़ा करें। -धवल जायसवाल, प्रभारी डीसीपी ट्रांस हिंडन
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इंदिरापुरम निवासी राजीव ने बताया कि कार्रवाई के बजाय पुलिस महज सलाह देने तक सीमित रह गई है। पुलिस की ओर से जारी सुझावों में कहा गया है कि लोग गाड़ी में कीमती सामान न छोड़ें और गाड़ी बंद करते समय दरवाजे व खिड़कियों की सुरक्षा जांच लें। हालांकि, पीड़ितों का कहना है कि जब चोरी हो ही रही है तो केवल सलाह देने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता। चोर नए-नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन पुलिस की रणनीति पुरानी पड़ती जा रही है। पिछले पांच माह में कार के शीशे तोड़कर लैपटॉप, कीमती मोबाइल फोन व अन्य सामान तक चुराने के करीब 30 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से केवल आधा दर्जन मामलों का ही खुलासा पुलिस कर पाई है।
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पुलिस गश्त पर उठे सवाल
भले ही लोग मॉल, अस्पताल की पार्किंग में गाड़ी खड़ी न करते हुए सड़क पर करते होए लेकिन क्या ऐसा करने से पुलिस को गश्त कम करने या न करने की छूट मिल जाती है। यह सवाल खड़ा होता है जब इस तरह के मामले सामने आते हैं। स्थानीय लोगों का भी कहना है पुलिस को दिन और रात्रि गश्त बढ़ाना चाहिए। ताकि सतर्कता बनी रहे। वहीं लोगों को भी अपने वाहनों को पार्किंग में खड़ा करने की तरफ भी ध्यान देना होगा।
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वारदात सामने आने के बाद उनके खुलासे के लिए पुलिस सर्विलांस टीम जांच करती है। कई मामलों में पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार कर खुलासा किया है। सभी थानों व चौकी प्रभारियों को गश्त बढ़ाने और निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। आम जनता से भी अपील है कि वाहनों को पार्किंग में ही खड़ा करें। -धवल जायसवाल, प्रभारी डीसीपी ट्रांस हिंडन