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Ghaziabad News: हृदय सेतु एप से मिली मदद, हार्ट अटैक की मरीज को समय पर मिला इलाज
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गाजियाबाद। चिपियाना बुजुर्ग निवासी 50 वर्षीय सावित्री को हार्ट अटैक आने पर शनिवार को एमएमजी अस्पताल में हृदय सेतु एप के जरिये दिल्ली के हृदय रोग विशेषज्ञ की मदद से समय पर इलाज मिला तब उनकी जान बची। सावित्री के पति पृथ्वीपाल ने बताया कि बाहर घूमने जाने के बाद पत्नी को अचानक सीने में दर्द और सांस फूलने की परेशानी होने लगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
नोडल अधिकारी डॉक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में सावित्री को हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टरों ने तत्काल जांच की। इसके बाद विशेषज्ञों से परामर्श लेकर मरीज को टेनेक्टेप्लेस (थ्रोम्बोलिसिस) इंजेक्शन दिया गया। यह इंजेक्शन नसों में बने खून के थक्के को घोलने में मदद करता है, जिससे हृदय तक रक्त का प्रवाह बेहतर हो सके।
डॉ. मुकेश ने बताया कि हृदय सेतु एप के माध्यम से एलएलआरएम के वरिष्ठ कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ से सलाह ली जाती है। इंजेक्शन देने के बाद मरीज की पूरी जानकारी एप पर अपलोड की जाती है। इसके आधार पर दिल्ली के अस्पताल में मरीज के लिए बेड भी आरक्षित कराया जाता है। इंजेक्शन देने के बाद करीब 30 मिनट तक मरीज को निगरानी में रखा जाता है।
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डॉ. मुकेश के मुताबिक, हार्ट अटैक के लक्षण सामने आने पर शुरुआती पल में यह इंजेक्शन काफी अहम होता है। बाजार में इसकी कीमत 50 से 60 हजार रुपये तक है, जबकि एमएमजी अस्पताल में मरीजों को यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। अस्पताल में अब तक तीन मरीजों को यह उपचार दिया जा चुका है। पिछले महीने डॉ. अमन और डॉ. दीपक ने कैला भट्ठा निवासी मोहम्मद सगीर को भी यह इंजेक्शन दिया था।
सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि हार्ट अटैक के मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिला एमएमजी अस्पताल में हृदय सेतु एप की मदद ली जा रही है। इस तकनीक के जरिये मरीज की ईसीजी दिल्ली के विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट को भेजी जाती है। उनकी सलाह के आधार पर तत्काल उपचार शुरू किया जाता है।
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नोडल अधिकारी डॉक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में सावित्री को हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टरों ने तत्काल जांच की। इसके बाद विशेषज्ञों से परामर्श लेकर मरीज को टेनेक्टेप्लेस (थ्रोम्बोलिसिस) इंजेक्शन दिया गया। यह इंजेक्शन नसों में बने खून के थक्के को घोलने में मदद करता है, जिससे हृदय तक रक्त का प्रवाह बेहतर हो सके।
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डॉ. मुकेश ने बताया कि हृदय सेतु एप के माध्यम से एलएलआरएम के वरिष्ठ कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ से सलाह ली जाती है। इंजेक्शन देने के बाद मरीज की पूरी जानकारी एप पर अपलोड की जाती है। इसके आधार पर दिल्ली के अस्पताल में मरीज के लिए बेड भी आरक्षित कराया जाता है। इंजेक्शन देने के बाद करीब 30 मिनट तक मरीज को निगरानी में रखा जाता है।
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डॉ. मुकेश के मुताबिक, हार्ट अटैक के लक्षण सामने आने पर शुरुआती पल में यह इंजेक्शन काफी अहम होता है। बाजार में इसकी कीमत 50 से 60 हजार रुपये तक है, जबकि एमएमजी अस्पताल में मरीजों को यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। अस्पताल में अब तक तीन मरीजों को यह उपचार दिया जा चुका है। पिछले महीने डॉ. अमन और डॉ. दीपक ने कैला भट्ठा निवासी मोहम्मद सगीर को भी यह इंजेक्शन दिया था।
सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि हार्ट अटैक के मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिला एमएमजी अस्पताल में हृदय सेतु एप की मदद ली जा रही है। इस तकनीक के जरिये मरीज की ईसीजी दिल्ली के विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट को भेजी जाती है। उनकी सलाह के आधार पर तत्काल उपचार शुरू किया जाता है।