{"_id":"680e7c3278e739f535025044","slug":"hanging-poles-and-dangling-wires-of-the-city-ghaziabad-news-c-30-gbd1017-621754-2025-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: शहर के लटकते खंभे और झूलते तारों से जरा बच के...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: शहर के लटकते खंभे और झूलते तारों से जरा बच के...
विज्ञापन
गाजियाबाद। विभिन्न योजनाओं के नाम पर ऊर्जा निगम की ओर से करोड़ों रुपये विद्युत सुधार के लिए खर्च हो चुके हैं। लेकिन उसके बाद भी व्यवस्थाएं जस की तस हैं। आरडीएसएस के तहत जनपद में 17151 खंभे बदले और नए लगाये गए हैं। लेकिन उसके बाद भी शहर में टेढ़े खंभों और लटकते तारों की भरमार है और यह शहर के सबसे पॉश इलाकों का हाल है। इससे जरा बचकर चलना होगा, जिससे हादसा होने पर कहीं आप चपेट में न आ जाएं। शहर के बीच महिलाओं के मुख्य बाजारों में से एक सीताराम बाजार (तुराब नगर) में तो हाल यह है कि आधे तारों को बदल दिया गया है और आधे वैसे ही लटक रहे हैं। जबकि इस बाजार में शार्ट सर्किट की वजह से दो बार आग लगने की घटना हो चुकी है। शनिवार को आरडीएसएस और बिजनेस प्लान के कार्यों की अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की।
अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर जर्जर हो चुका है खंभा
ऊर्जा निगम की ओर से पूरे शहर में खंभों को दुरुस्त किया गया है, लेकिन अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर यह खंभा कुछ और ही बयां कर रहा है। यह खंभा नीचे से पूरी तरह से जंग खाकर सड़ चुका है। इसी मार्ग से ऊर्जा निगम के अधिकारियों का आना जाना भी होता है। लेकिन उसके बाद भी यह दुरुस्त नहीं हो सका है।
एक दूसरे के सहारे बिजली के पोल
शहर के मुख्य इलाकों में से एक नेहरू नगर में यह खंभे एक दूसरे के सहारे टीके हुए हैं। कुछ दिन पहले आई आंधी के समय भी यहां फॉल्ट होने की वजह से करीब आठ घंटे तक बिजली गुल रही। तेज हवाओं के कारण तारों के आपस में टकराकर शॉर्ट करने का खतरा बना रहता है। उसके बाद भी इस ओर किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं जा रहा है।
विज्ञापन
तारों का जंजाल
शहर में 100 स्थानों पर लटकते तारों के जंजाल को दुरुस्त किया जाना था। लेकिन उसके बाद भी शहर में हर जगह लटकते तारों का जंजाल देखने को मिल जाएगा। रामनगर स्थित यह गली योजनाओं और ऊर्जा निगम के दावों की हकीकत जानने के लिए पर्याप्त है। यहां छह से सात फिट पर तारों का जंजाल लटका हुआ है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है।
अधीक्षण अभियंता जोन एक से एके सिंह ने कहा कि आरडीएसएस के तहत कई स्थानों पर नए खंभे लगाए गए और कई को बदला गया। योजना के तहत कार्य पूरा हो चुका है, अब यह खंभे क्यों ऐसे हैं, इसकी जानकारी कराई जाएगी।
विज्ञापन
अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर जर्जर हो चुका है खंभा
ऊर्जा निगम की ओर से पूरे शहर में खंभों को दुरुस्त किया गया है, लेकिन अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर यह खंभा कुछ और ही बयां कर रहा है। यह खंभा नीचे से पूरी तरह से जंग खाकर सड़ चुका है। इसी मार्ग से ऊर्जा निगम के अधिकारियों का आना जाना भी होता है। लेकिन उसके बाद भी यह दुरुस्त नहीं हो सका है।
विज्ञापन
एक दूसरे के सहारे बिजली के पोल
शहर के मुख्य इलाकों में से एक नेहरू नगर में यह खंभे एक दूसरे के सहारे टीके हुए हैं। कुछ दिन पहले आई आंधी के समय भी यहां फॉल्ट होने की वजह से करीब आठ घंटे तक बिजली गुल रही। तेज हवाओं के कारण तारों के आपस में टकराकर शॉर्ट करने का खतरा बना रहता है। उसके बाद भी इस ओर किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं जा रहा है।
विज्ञापन
तारों का जंजाल
शहर में 100 स्थानों पर लटकते तारों के जंजाल को दुरुस्त किया जाना था। लेकिन उसके बाद भी शहर में हर जगह लटकते तारों का जंजाल देखने को मिल जाएगा। रामनगर स्थित यह गली योजनाओं और ऊर्जा निगम के दावों की हकीकत जानने के लिए पर्याप्त है। यहां छह से सात फिट पर तारों का जंजाल लटका हुआ है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है।
अधीक्षण अभियंता जोन एक से एके सिंह ने कहा कि आरडीएसएस के तहत कई स्थानों पर नए खंभे लगाए गए और कई को बदला गया। योजना के तहत कार्य पूरा हो चुका है, अब यह खंभे क्यों ऐसे हैं, इसकी जानकारी कराई जाएगी।