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शिक्षकों का हल्ला बोल हापुड़ रोड किया जाम
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 27 Sep 2016 12:14 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बीएलओ ड्यूटी से नाम कटवाने और एसडीएम मोदीनगर के निलंबन की मांग पर अड़े शिक्षकों ने सोमवार को कलक्ट्रेट के बाहर जमकर हंगामा किया। स्कूलों की तालाबंदी कर गाजियाबाद के सरकारी स्कूलों के सभी शिक्षक प्रदर्शन में पहुंचे। शिक्षकों की भीड़ के कारण कलक्ट्रेट के सामने हापुड़ रोड पर कई घंटे तक जाम की स्थिति रही।
बता दें कि बीते 23 सितंबर को बीएलओ ड्यूटी न उठाने पर एसडीएम मोदीनगर के आदेश पर पुलिस दो शिक्षिकाओं को स्कूल से जिप्सी में बैठाकर ले गई और थाने में कई घंटे तक रखा।
इसके विरोध में ही शिक्षक संघ के बैनर तले गाजियाबाद के सभी शिक्षकों ने बीएलओ ड्यूटी का बहिष्कार कर दिया और एसडीएम के साथ ही आरोपी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग की है। साथ ही शिक्षकों के खिलाफ हुई एफआईआर को भी निरस्त करने की मांग की है।
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शिक्षक संघ ने जिला प्रशासन को अपनी मांगे पूरी करने को तीन अक्तूबर तक का समय दिया है। मांगें पूरी न होने पर शिक्षक संघ ने 4 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
कई घंटे चले इस प्रदर्शन के बाद दोपहर दो बजे एडीएम प्रशासन और बीएसए शिक्षकों का ज्ञापन लेने पहुंचे। इस दौरान एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी हर हाल में करने को कहा तो शिक्षकों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया।
ऐसे में नाराज एडीएम शिक्षकों का ज्ञापन लेकर वहां से लौट गए। विरोध प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष रविंद्र राणा, नगर अध्यक्ष अमित त्यागी, प्रांतीय मंत्री अनुज त्यागी, लईक अहमद, अमित वशिष्ट, मनोज त्यागी, प्रवीण कुमार, दुष्यंत, मनोज डागर, पुष्पेंद्र, देवेंद्र कुमार आदि बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे।
बेहोश हो गई शिक्षिका
प्रदर्शन में शामिल सुराना प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका अनुराधा यादव बेहोश होकर गिर पड़ीं और उनकी हार्ट बीट तेज हो गई। आनन-फानन में अनुराधा यादव को पुलिस की गाड़ी में सर्वोदय अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में शिक्षिका को करीब चार घंटे तक इमरजेंसी में रखा गया। इसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज करा कर किसी अन्य अस्पताल में ले गए।
छात्रों की स्मृति में निकाला जुलूस, बाजार रहे बंद
1990 में आरक्षण विरोधी आंदोलन में मारे गए एमएम डिग्री कालेज के दो छात्रों की स्मृति में छात्रों ने सोमवार को नगर में जुलूस निकाला। छात्रों ने ट्रेनी एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपकर राज चौैराहा को शहीद चौक बनाने की मांग की । इस मौके पर नगर के समस्त बाजार बंद रहे। जुलूस के कारण हाईवे पर करीब दो घंटे जाम लगा।
सोमवार सुबह छात्रों ने सबसे पहले एमएम डिग्री कालेज परिसर स्थित छात्र युवराज की प्रतिमा स्थल पुष्प अर्पित किए। इसके बाद छात्र जुलूस के रूप में गोविंदपुरी स्थित एक अन्य छात्र संजय कौशिक की प्रतिमा स्थल पर पहुंचे। यहां छात्रों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
यहां से लौटकर छात्र जुलूस के रूप में राज चौराहा पहुंचे। छात्रों ने यहां ट्रेनी एसडीएम गजेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। छात्र नेता पिंकल गुर्जर, अनुराग प्रधान, बबली गुर्जर और सुनील चौधरी ने एसडीएम से राजचौैराहे को शहीद चौक बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा छात्रों की इस मांग को प्रशासन 26 वर्षों से अनसुना करता आ रहा है। इसके बाद छात्रों का यह जुलूस पुन: एमएम डिग्री कालेज पहुंचकर संपन्न हो गया। जुलूस में अजून ढिंडाला, रवि अमराला, विक्रांत सांगवान, सहदेव मलिक, श्रीओम अमराला, रुपेश पुनिया, अखिल, योगेश तिवारी, सनी नेहरा, सुमित, आदि शामिल रहे।
इस मौके नगर के समस्त प्रमुख बाजार भी बंद रहे। बता दें कि 26 सितंबर 1990 को देशव्यापी आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान मोदीनगर में पुलिस की गोली से एमएम डिग्री कॉलेज के छात्र युवराज सिंह निवासी गांव भदौला और गोविंदपुरी निवासी संजय कौशिक की मौत हो गई थी। कालेज के छात्र तभी से इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं।
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बता दें कि बीते 23 सितंबर को बीएलओ ड्यूटी न उठाने पर एसडीएम मोदीनगर के आदेश पर पुलिस दो शिक्षिकाओं को स्कूल से जिप्सी में बैठाकर ले गई और थाने में कई घंटे तक रखा।
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इसके विरोध में ही शिक्षक संघ के बैनर तले गाजियाबाद के सभी शिक्षकों ने बीएलओ ड्यूटी का बहिष्कार कर दिया और एसडीएम के साथ ही आरोपी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग की है। साथ ही शिक्षकों के खिलाफ हुई एफआईआर को भी निरस्त करने की मांग की है।
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शिक्षक संघ ने जिला प्रशासन को अपनी मांगे पूरी करने को तीन अक्तूबर तक का समय दिया है। मांगें पूरी न होने पर शिक्षक संघ ने 4 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
कई घंटे चले इस प्रदर्शन के बाद दोपहर दो बजे एडीएम प्रशासन और बीएसए शिक्षकों का ज्ञापन लेने पहुंचे। इस दौरान एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी हर हाल में करने को कहा तो शिक्षकों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया।
ऐसे में नाराज एडीएम शिक्षकों का ज्ञापन लेकर वहां से लौट गए। विरोध प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष रविंद्र राणा, नगर अध्यक्ष अमित त्यागी, प्रांतीय मंत्री अनुज त्यागी, लईक अहमद, अमित वशिष्ट, मनोज त्यागी, प्रवीण कुमार, दुष्यंत, मनोज डागर, पुष्पेंद्र, देवेंद्र कुमार आदि बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे।
बेहोश हो गई शिक्षिका
प्रदर्शन में शामिल सुराना प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका अनुराधा यादव बेहोश होकर गिर पड़ीं और उनकी हार्ट बीट तेज हो गई। आनन-फानन में अनुराधा यादव को पुलिस की गाड़ी में सर्वोदय अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में शिक्षिका को करीब चार घंटे तक इमरजेंसी में रखा गया। इसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज करा कर किसी अन्य अस्पताल में ले गए।
छात्रों की स्मृति में निकाला जुलूस, बाजार रहे बंद
1990 में आरक्षण विरोधी आंदोलन में मारे गए एमएम डिग्री कालेज के दो छात्रों की स्मृति में छात्रों ने सोमवार को नगर में जुलूस निकाला। छात्रों ने ट्रेनी एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपकर राज चौैराहा को शहीद चौक बनाने की मांग की । इस मौके पर नगर के समस्त बाजार बंद रहे। जुलूस के कारण हाईवे पर करीब दो घंटे जाम लगा।
सोमवार सुबह छात्रों ने सबसे पहले एमएम डिग्री कालेज परिसर स्थित छात्र युवराज की प्रतिमा स्थल पुष्प अर्पित किए। इसके बाद छात्र जुलूस के रूप में गोविंदपुरी स्थित एक अन्य छात्र संजय कौशिक की प्रतिमा स्थल पर पहुंचे। यहां छात्रों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
यहां से लौटकर छात्र जुलूस के रूप में राज चौराहा पहुंचे। छात्रों ने यहां ट्रेनी एसडीएम गजेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। छात्र नेता पिंकल गुर्जर, अनुराग प्रधान, बबली गुर्जर और सुनील चौधरी ने एसडीएम से राजचौैराहे को शहीद चौक बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा छात्रों की इस मांग को प्रशासन 26 वर्षों से अनसुना करता आ रहा है। इसके बाद छात्रों का यह जुलूस पुन: एमएम डिग्री कालेज पहुंचकर संपन्न हो गया। जुलूस में अजून ढिंडाला, रवि अमराला, विक्रांत सांगवान, सहदेव मलिक, श्रीओम अमराला, रुपेश पुनिया, अखिल, योगेश तिवारी, सनी नेहरा, सुमित, आदि शामिल रहे।
इस मौके नगर के समस्त प्रमुख बाजार भी बंद रहे। बता दें कि 26 सितंबर 1990 को देशव्यापी आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान मोदीनगर में पुलिस की गोली से एमएम डिग्री कॉलेज के छात्र युवराज सिंह निवासी गांव भदौला और गोविंदपुरी निवासी संजय कौशिक की मौत हो गई थी। कालेज के छात्र तभी से इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं।