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निजी जमीन पर डाल दी पाइप लाइन, अटक गया प्रोजेक्ट
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निजी जमीन पर डाल दी पाइप लाइन, अटक गया गंगाजल प्रोजेक्ट
गाजियाबाद। नोएडा और टीएचए की कॉलोनियों में आपूर्ति के लिए सिद्धार्थ विहार में निर्माणाधीन गंगाजल वाटर प्लांट की लाइन अधिकारियों ने निजी जमीन पर डाल दी। जमीन के मालिक को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने मुआवजे की मांग के लिए कोर्ट में केस दाखिल कर दिया। इसकी वजह से गंगाजल प्रोजेक्ट फिलहाल अटक गया है। जल निगम के अधिकारी कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं। अब गंगाजल प्रोजेक्ट करीब दो महीने की दूरी से पूरा हो पाएगा।
जल निगम सिद्धार्थ विहार में 50 क्यूसेक गंगाजल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कर रहा है। 304.18 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में 75 फीसदी पैसा नोएडा अथॉरिटी और 25 फीसदी यूपी आवास विकास परिषद खर्च कर रहा है। इसी अनुपात में नोएडा और आवास विकास की सिद्धार्थ विहार कॉलोनी को गंगा वाटर की सप्लाई की जाएगी। मसूरी गंगनहर से सिद्धार्थ विहार स्थित प्लांट तक गंगाजल लाने के लिए जल निगम ने पाइप लाइन बिछाई है। जल निगम ने सड़क किनारे स्थित एक बड़े प्लाट की खुदाई करके उसके नीचे गंगाजल लाइन डाल दी। प्लाट मालिक को इसका पता चला तो उसने आपत्ति जताई। प्लॉट मालिक ने जल निगम के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
मई में शुरू हो पाएगा ट्रायल
गंगाजल प्लांट फरवरी के अंत तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अब यह प्रोजेक्ट करीब दो से ढाई माह लेट हो जाएगा। अप्रैल के अंत तक या मई में इसका ट्रायल शुरू हो पाएगा। ट्रायल के दौरान मिलने वाली खामियों को दूर करके नोएडा और आविप की कॉलोनियों में पानी की सप्लाई शुरू की जा सकेगी।
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सिविल वर्क 90 फीसदी हुआ पूरा
50 क्यूसेक क्षमता वाले निर्माणाधीन गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट का सिविल वर्क करीब 90 फीसदी पूरा हो चुका है। जल निगम के अधिकारियों का दावा है कि एक माह में बकाया कार्योें को पूरा कर लिया जाएगा। प्लांट में जल्द ही मशीनरी लगाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
बिजली कनेक्शन का आवेदन किया
जल निगम ने गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन को शुरू करने के लिए बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए विद्युत निगम में आवेदन कर दिया गया है। विद्युत निगम अलग फीडर तैयार कर प्लांट के लिए कनेक्शन देगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने में भी करीब दो माह लग जाएंगे। तब तक मशीनों को इंस्टाल करने के काम पूरा किया जाएगा।
आंकड़ों में प्लांट
कुल लागत 304.18 करोड़ रुपये
कुल क्षमता 50 क्यूसेक
हिस्सेदारी 37.5 क्यूसेक पानी नोएडा अथॉरिटी व 12.5 फीसदी आविप को
निर्माण की शुरूआत वर्ष 2018 में
पूरा होगा वर्ष 2022 में
रॉ वाटर लाइन की लंबाई 20 किलोमीटर
पाइप लाइन की चौड़ाई 1500 एमएम
क्लीयर वाटर पाइप लाइन 4.2 किलोमीटर
बयान....
पाइप लाइन को लेकर हुआ प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट का निर्णय आते ही पाइप लाइन का काम पूरा कराया जाएगा। प्लांट निर्माण का काम अंतिम चरण में है। जल्द ही इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। - डीपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, जल निगम
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गाजियाबाद। नोएडा और टीएचए की कॉलोनियों में आपूर्ति के लिए सिद्धार्थ विहार में निर्माणाधीन गंगाजल वाटर प्लांट की लाइन अधिकारियों ने निजी जमीन पर डाल दी। जमीन के मालिक को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने मुआवजे की मांग के लिए कोर्ट में केस दाखिल कर दिया। इसकी वजह से गंगाजल प्रोजेक्ट फिलहाल अटक गया है। जल निगम के अधिकारी कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं। अब गंगाजल प्रोजेक्ट करीब दो महीने की दूरी से पूरा हो पाएगा।
जल निगम सिद्धार्थ विहार में 50 क्यूसेक गंगाजल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कर रहा है। 304.18 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में 75 फीसदी पैसा नोएडा अथॉरिटी और 25 फीसदी यूपी आवास विकास परिषद खर्च कर रहा है। इसी अनुपात में नोएडा और आवास विकास की सिद्धार्थ विहार कॉलोनी को गंगा वाटर की सप्लाई की जाएगी। मसूरी गंगनहर से सिद्धार्थ विहार स्थित प्लांट तक गंगाजल लाने के लिए जल निगम ने पाइप लाइन बिछाई है। जल निगम ने सड़क किनारे स्थित एक बड़े प्लाट की खुदाई करके उसके नीचे गंगाजल लाइन डाल दी। प्लाट मालिक को इसका पता चला तो उसने आपत्ति जताई। प्लॉट मालिक ने जल निगम के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
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मई में शुरू हो पाएगा ट्रायल
गंगाजल प्लांट फरवरी के अंत तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अब यह प्रोजेक्ट करीब दो से ढाई माह लेट हो जाएगा। अप्रैल के अंत तक या मई में इसका ट्रायल शुरू हो पाएगा। ट्रायल के दौरान मिलने वाली खामियों को दूर करके नोएडा और आविप की कॉलोनियों में पानी की सप्लाई शुरू की जा सकेगी।
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सिविल वर्क 90 फीसदी हुआ पूरा
50 क्यूसेक क्षमता वाले निर्माणाधीन गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट का सिविल वर्क करीब 90 फीसदी पूरा हो चुका है। जल निगम के अधिकारियों का दावा है कि एक माह में बकाया कार्योें को पूरा कर लिया जाएगा। प्लांट में जल्द ही मशीनरी लगाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
बिजली कनेक्शन का आवेदन किया
जल निगम ने गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन को शुरू करने के लिए बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए विद्युत निगम में आवेदन कर दिया गया है। विद्युत निगम अलग फीडर तैयार कर प्लांट के लिए कनेक्शन देगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने में भी करीब दो माह लग जाएंगे। तब तक मशीनों को इंस्टाल करने के काम पूरा किया जाएगा।
आंकड़ों में प्लांट
कुल लागत 304.18 करोड़ रुपये
कुल क्षमता 50 क्यूसेक
हिस्सेदारी 37.5 क्यूसेक पानी नोएडा अथॉरिटी व 12.5 फीसदी आविप को
निर्माण की शुरूआत वर्ष 2018 में
पूरा होगा वर्ष 2022 में
रॉ वाटर लाइन की लंबाई 20 किलोमीटर
पाइप लाइन की चौड़ाई 1500 एमएम
क्लीयर वाटर पाइप लाइन 4.2 किलोमीटर
बयान....
पाइप लाइन को लेकर हुआ प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट का निर्णय आते ही पाइप लाइन का काम पूरा कराया जाएगा। प्लांट निर्माण का काम अंतिम चरण में है। जल्द ही इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। - डीपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, जल निगम