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फर्जी सेंटर खोलकर बना रहे थे आधार कार्ड
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फर्जी सेंटर खोलकर बना रहे थे आधार कार्ड
गाजियाबाद। फर्जी सेंटर खोलकर फर्जी आधार कार्ड और फर्जी श्रमिक कार्ड बनाने वाले गिरोह का लोनी पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया है। जिनके पास से आधार कार्ड बनाने में काम आने वाले फॉर्म, मशीन, लैपटॉप आदि सामान बरामद किया। वहीं आरोपी दिल्ली विधायक की फर्जी मुहर का इस्तेमाल कर नाम व पते के लिए फर्जी लेटरहैड बनाकर आधार कार्ड बनाते थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से लोनी में फर्जी आधार कार्ड बना रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने सेंटर पर छापा मारा। कार्ड में पता बदलने के लिए फर्जी फॉर्म प्रारूप तैयार कर रहे थे। मौके से आर्य नगर लोनी निवासी आशिफ उर्फ बिट्टू, खालिद और पुराना मुस्तफाबाद उत्तरी पूर्वी दिल्ली निवासी जावेद को गिरफ्तार किया है। आरोपी किसी भी जिले और राज्य के व्यक्ति का नया आधार कार्ड बनाने और नाम व पता बदलने में माहिर थे। जो आधार कार्ड बनाने के लिए दो हजार रुपये वसूल रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी जावेद अपने साले शहजाद के आधार कार्ड सेंटर की आईडी का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने शहजाद के अंगूठे के फिंगर प्रिंट का क्लोन और आंखों के रेटिना की हाई डेफिनेशन फोटो बनवाया था। पुलिस ने बताया कि इन लोगों ने अब तक कितने आधार कार्ड बनवाए हैं, यह जांच का विषय है। इसकी जांच की जा रही है।
किन लोगों के आधार बनाए, उन्हें चिन्हित किया जाएगा
आरोपी किसी भी व्यक्ति के आधार कार्ड बना सकते थे। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने किसी विदेशी नागरिक को आधार तो नहीं बनाया है। एसपी देहात ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर उन लोगों को चिन्हित किया जा रहा है कि आरोपियों ने किन लोगों के आधार कार्ड बनाए हैं।
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व्हॉट्सएप पर मंगवा लेते थे आवेदनकर्ता का फोटो
जिन लोगों के पास आधार कार्ड बनवाने के लिए कोई मूल दस्तावेज नहीं होते थे। वे लोग आरोपियों से संपर्क करते थे। जो केवल आवेदनकर्ता की फोटो व्हॉट्सएप पर मंगवाकर आधार कार्ड बनवा देते थे।
ऐसे करते थे आधार आईडी लॉगिन
आरोपियों ने जिसकी आधार आईडी ले रखी थी, उसके अंगूठे के निशान की मुहर और आंखों के रेटिना की छाया प्रति को स्वभाविक रूप से मशीन में दिखाकर आईडी लॉगिन करते थे। जिसके बाद आधार कार्ड के लिए आवेदन करते थे।
जावेद तीन साल कर चुका है आधार का काम
जावेद ने बताया कि वह तीन साल आधार कार्ड बनाने का काम कर चुका है। बाद वह अपने रिश्तेदार शहजाद की आईडी का इस्तेमाल करके अपना सेंटर खोल लिया। जहां फर्जी तरीके से आधार बनाने लगे।
ये सामान किया बरामद
एक लैपटॉप, क्रांस मेच की फिंगर डिवाइस, आईआरआईएस डिवाइस, वेब कैमरा, दो यूएसबी हब, पांच मुहरा, एक इंकपेड, निर्वाचन आयोग के प्रारूप 12 फॉर्म, 56 आवेदन फॉर्म, आंखो के रेटिनरा की छाया प्रति, 24 पहचान पत्र, तीन मोबाइल और 19,500 रुपये की नकदी बरामद की है।
बयान
फर्जी आधार कार्ड बनाना नियमों के खिलाफ है। गिरोह ने कितने अब तक कितने आधार कार्ड बनाए हैं, इसकी जांच की जा रही है। सुरक्षा की दृष्टि से जांच के लिए एटीएस समेत अन्य एजेंसियों से संपर्क किया है। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
- डॉ. ईरज राजा, एसपी ग्रामीण
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गाजियाबाद। फर्जी सेंटर खोलकर फर्जी आधार कार्ड और फर्जी श्रमिक कार्ड बनाने वाले गिरोह का लोनी पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया है। जिनके पास से आधार कार्ड बनाने में काम आने वाले फॉर्म, मशीन, लैपटॉप आदि सामान बरामद किया। वहीं आरोपी दिल्ली विधायक की फर्जी मुहर का इस्तेमाल कर नाम व पते के लिए फर्जी लेटरहैड बनाकर आधार कार्ड बनाते थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से लोनी में फर्जी आधार कार्ड बना रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने सेंटर पर छापा मारा। कार्ड में पता बदलने के लिए फर्जी फॉर्म प्रारूप तैयार कर रहे थे। मौके से आर्य नगर लोनी निवासी आशिफ उर्फ बिट्टू, खालिद और पुराना मुस्तफाबाद उत्तरी पूर्वी दिल्ली निवासी जावेद को गिरफ्तार किया है। आरोपी किसी भी जिले और राज्य के व्यक्ति का नया आधार कार्ड बनाने और नाम व पता बदलने में माहिर थे। जो आधार कार्ड बनाने के लिए दो हजार रुपये वसूल रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी जावेद अपने साले शहजाद के आधार कार्ड सेंटर की आईडी का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने शहजाद के अंगूठे के फिंगर प्रिंट का क्लोन और आंखों के रेटिना की हाई डेफिनेशन फोटो बनवाया था। पुलिस ने बताया कि इन लोगों ने अब तक कितने आधार कार्ड बनवाए हैं, यह जांच का विषय है। इसकी जांच की जा रही है।
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किन लोगों के आधार बनाए, उन्हें चिन्हित किया जाएगा
आरोपी किसी भी व्यक्ति के आधार कार्ड बना सकते थे। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने किसी विदेशी नागरिक को आधार तो नहीं बनाया है। एसपी देहात ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर उन लोगों को चिन्हित किया जा रहा है कि आरोपियों ने किन लोगों के आधार कार्ड बनाए हैं।
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व्हॉट्सएप पर मंगवा लेते थे आवेदनकर्ता का फोटो
जिन लोगों के पास आधार कार्ड बनवाने के लिए कोई मूल दस्तावेज नहीं होते थे। वे लोग आरोपियों से संपर्क करते थे। जो केवल आवेदनकर्ता की फोटो व्हॉट्सएप पर मंगवाकर आधार कार्ड बनवा देते थे।
ऐसे करते थे आधार आईडी लॉगिन
आरोपियों ने जिसकी आधार आईडी ले रखी थी, उसके अंगूठे के निशान की मुहर और आंखों के रेटिना की छाया प्रति को स्वभाविक रूप से मशीन में दिखाकर आईडी लॉगिन करते थे। जिसके बाद आधार कार्ड के लिए आवेदन करते थे।
जावेद तीन साल कर चुका है आधार का काम
जावेद ने बताया कि वह तीन साल आधार कार्ड बनाने का काम कर चुका है। बाद वह अपने रिश्तेदार शहजाद की आईडी का इस्तेमाल करके अपना सेंटर खोल लिया। जहां फर्जी तरीके से आधार बनाने लगे।
ये सामान किया बरामद
एक लैपटॉप, क्रांस मेच की फिंगर डिवाइस, आईआरआईएस डिवाइस, वेब कैमरा, दो यूएसबी हब, पांच मुहरा, एक इंकपेड, निर्वाचन आयोग के प्रारूप 12 फॉर्म, 56 आवेदन फॉर्म, आंखो के रेटिनरा की छाया प्रति, 24 पहचान पत्र, तीन मोबाइल और 19,500 रुपये की नकदी बरामद की है।
बयान
फर्जी आधार कार्ड बनाना नियमों के खिलाफ है। गिरोह ने कितने अब तक कितने आधार कार्ड बनाए हैं, इसकी जांच की जा रही है। सुरक्षा की दृष्टि से जांच के लिए एटीएस समेत अन्य एजेंसियों से संपर्क किया है। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
- डॉ. ईरज राजा, एसपी ग्रामीण