{"_id":"6196a90fa89cb8363d2ff54d","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd2295857191","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुठभेड़ के बाद से घर नहीं पहुंचा चश्मदीद, पिता भी डिप्रेशन में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुठभेड़ के बाद से घर नहीं पहुंचा चश्मदीद, पिता भी डिप्रेशन में
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुठभेड़ के बाद से घर नहीं पहुंचा चश्मदीद, पिता भी डिप्रेशन में
गाजियाबाद। 11 नवंबर को लोनी बॉर्डर पुलिस और पशु तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ का चश्मदीद गवाह व गोदाम मालिक आदिल मुठभेड़ के बाद से लापता है। वह घर नहीं पहुंचा है। यह बात खुद उसके परिजनों ने बताई है। साथ ही परिजनों का कहना है कि आदिल के पिता सलीम भी मुठभेड़ के बाद से डिप्रेशन में आ गए हैं, जिनका उपचार चल रहा है। पुलिस ने मुठभेड़ में आदिल को चश्मदीद दर्शाया तो वहीं, भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर का आरोप है कि आदिल के पिता सलीम की शह पर ही गोकशी हो रही थी।
दोनों तरफ से चलीं थी 23 राउंड गोलियां, खोखे सिर्फ 8 मिले
इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने मुठभेड़ के बाद तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। उसमें दर्शाया है कि तस्करों की तरफ से फायरिंग होने पर साहस का परिचय देते हुए उन्होंने सात गोलियां चलाईं, जबकि दरोगा ब्रजकिशोर गौतम ने 9 गोलियां चलाईं। वहीं, तस्करों की तरफ से 7 गोलियां चलानी दर्शाई हुई हैं। कुल मिलाकर मुठभेड़ में दोनों तरफ से 23 राउंड गोलियां चलीं, जबकि खोखे सिर्फ 8 बरामद हुए और वह भी पुलिस की तरफ से चलाई गोलियों के।
--------------
दरोगा से विवाद के बाद इंस्पेक्टर के मेसेज ने उड़ाए थे होश
जिस चौकी क्षेत्र में मुठभेड़ हुई, उस पर पूर्व में तैनात दरोगा लोकेश कुमार ने इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी को व्हॉट्सएप पर मेसेज किया था। उसमें लिखा था कोई भी पुलिसकर्मी इंस्पेक्टर से खुश नहीं है। इस मेसेज के बाद इंस्पेक्टर का दरोगा से विवाद भी हो गया था। विवाद के बाद इंस्पेक्टर ने थाने के व्हॉट्सएप ग्रुप पर एक मेसेज डाला था, जिसे पढ़कर पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। मेसेज में प्रतीत हो रहा था कि इंस्पेक्टर कोई अप्रिय कदम उठाने वाले हैं।
विज्ञापन
------------
फोटो सहित....
चार्ज लेते ही थाने में लगा दिया था पीए सिस्टम
इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने 26 सितंबर को लोनी बॉर्डर थाने का चार्ज लिया था। 30 सितंबर को उन्होंने थाने पर पीए (पब्लिक अड्रेसिंग) सिस्टम लगवा दिया था। जब भी वह किसी को डांट-फटकार लगाते, तो पूरा थाना सुनता था। वहीं, 13 नवंबर को चार्ज छोड़ने के बाद इंस्पेक्टर अपने साथ पीए सिस्टम को भी उखाड़कर ले गए।
-------------
फोटो सहित.....
एसपी ग्रामीण ईमानदार, इंस्पेक्टर का बयान दंडनीय है : एसएसपी
इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने मंगलवार को एसएसपी के व्हॉट्सएप पर मेसेज भेजा था। उसमें कहा था कि एसएसपी जब भी बुलाएंगे, वह आ जाएंगे। वहीं, इंस्पेक्टर ने कहा था कि उन्हें एसपी ग्रामीण पर भरोसा नहीं है। इंस्पेक्टर के इस बयान पर एसएसपी पवन कुमार ने ऐतराज जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा की खुलकर तारीफ की। कहा कि एसपी ग्रामीण बेहतरीन, मेहनती व ईमानदार अधिकारी हैं। इंस्पेक्टर राजेंद्र का बयान अनुशासनहीनता है और दंडनीय है।
विज्ञापन
गाजियाबाद। 11 नवंबर को लोनी बॉर्डर पुलिस और पशु तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ का चश्मदीद गवाह व गोदाम मालिक आदिल मुठभेड़ के बाद से लापता है। वह घर नहीं पहुंचा है। यह बात खुद उसके परिजनों ने बताई है। साथ ही परिजनों का कहना है कि आदिल के पिता सलीम भी मुठभेड़ के बाद से डिप्रेशन में आ गए हैं, जिनका उपचार चल रहा है। पुलिस ने मुठभेड़ में आदिल को चश्मदीद दर्शाया तो वहीं, भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर का आरोप है कि आदिल के पिता सलीम की शह पर ही गोकशी हो रही थी।
दोनों तरफ से चलीं थी 23 राउंड गोलियां, खोखे सिर्फ 8 मिले
इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने मुठभेड़ के बाद तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। उसमें दर्शाया है कि तस्करों की तरफ से फायरिंग होने पर साहस का परिचय देते हुए उन्होंने सात गोलियां चलाईं, जबकि दरोगा ब्रजकिशोर गौतम ने 9 गोलियां चलाईं। वहीं, तस्करों की तरफ से 7 गोलियां चलानी दर्शाई हुई हैं। कुल मिलाकर मुठभेड़ में दोनों तरफ से 23 राउंड गोलियां चलीं, जबकि खोखे सिर्फ 8 बरामद हुए और वह भी पुलिस की तरफ से चलाई गोलियों के।
विज्ञापन
--------------
दरोगा से विवाद के बाद इंस्पेक्टर के मेसेज ने उड़ाए थे होश
जिस चौकी क्षेत्र में मुठभेड़ हुई, उस पर पूर्व में तैनात दरोगा लोकेश कुमार ने इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी को व्हॉट्सएप पर मेसेज किया था। उसमें लिखा था कोई भी पुलिसकर्मी इंस्पेक्टर से खुश नहीं है। इस मेसेज के बाद इंस्पेक्टर का दरोगा से विवाद भी हो गया था। विवाद के बाद इंस्पेक्टर ने थाने के व्हॉट्सएप ग्रुप पर एक मेसेज डाला था, जिसे पढ़कर पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। मेसेज में प्रतीत हो रहा था कि इंस्पेक्टर कोई अप्रिय कदम उठाने वाले हैं।
विज्ञापन
------------
फोटो सहित....
चार्ज लेते ही थाने में लगा दिया था पीए सिस्टम
इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने 26 सितंबर को लोनी बॉर्डर थाने का चार्ज लिया था। 30 सितंबर को उन्होंने थाने पर पीए (पब्लिक अड्रेसिंग) सिस्टम लगवा दिया था। जब भी वह किसी को डांट-फटकार लगाते, तो पूरा थाना सुनता था। वहीं, 13 नवंबर को चार्ज छोड़ने के बाद इंस्पेक्टर अपने साथ पीए सिस्टम को भी उखाड़कर ले गए।
-------------
फोटो सहित.....
एसपी ग्रामीण ईमानदार, इंस्पेक्टर का बयान दंडनीय है : एसएसपी
इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने मंगलवार को एसएसपी के व्हॉट्सएप पर मेसेज भेजा था। उसमें कहा था कि एसएसपी जब भी बुलाएंगे, वह आ जाएंगे। वहीं, इंस्पेक्टर ने कहा था कि उन्हें एसपी ग्रामीण पर भरोसा नहीं है। इंस्पेक्टर के इस बयान पर एसएसपी पवन कुमार ने ऐतराज जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा की खुलकर तारीफ की। कहा कि एसपी ग्रामीण बेहतरीन, मेहनती व ईमानदार अधिकारी हैं। इंस्पेक्टर राजेंद्र का बयान अनुशासनहीनता है और दंडनीय है।