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बीए-बीकॉम में 12 गुना तो बीबीए-बीसीए में सीटों के बराबर पंजीकरण नहीं
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बीए-बीकॉम में 12 गुना तो बीबीए-बीसीए में सीटों के बराबर पंजीकरण नहीं
गाजियाबाद। शहर के डिग्री कॉलेजों में बीए, बीकॉम और बीएससी में प्रवेश का राह आसान नहीं है। सीसीएसयू से संबद्ध शहर के प्रमुख डिग्री कॉलेजों में बीए और बीकॉम में पंजीकरण का आंकड़ा 12 गुना को पार कर गया है। दूसरी ओर प्रोफेशनल कोर्सेज में शामिल बीबीए, बीसीए, बीएएलएलबी (पांच वर्षीय एकीकृत कोर्स) सहित अन्य में सीटों के बराबर पंजीकरण नहीं हुए हैं। प्रमुख एडेड कॉलेजों में शामिल एमएमएच, एसडी, वीएमएलजी, एलआर, गिन्नी देवी व एमएम कॉलेज मोदीनगर के साथ एकलौते राजकीय डिग्री कॉलेज में दाखिला पाना कठिन होगा। बीते साल के मुकाबले इस बार मेरिट में उछाल आना तय माना जा रहा है।
प्रोफेशनल कोर्सेज में पंजीकरण की स्थिति खराब
स्नातक परंपरागत कोर्सेज में जहां बंपर नामांकन हो रहे हैं, दूसरी ओर स्नातक प्रोफेशनल कोर्सेज में पंजीकरण के आंकड़े निराश करने वाले हैं। बीबीए की बात करें तो एमएम डिग्री कॉलेज मोदीनगर में 60 सीटों पर 59, सुंदरदीप कॉलेज में 180 सीटों पर 51, एचआर इंस्टीट्यूट में 120 सीटों पर 13, न्यूएरा इंस्टीट्यूट में 60 सीटों पर दो, एचएलएम में 180 सीटों पर 41, रिलाइबल इंस्टीट्यूट में 120 सीटों पर 26 हुए हैं। बीसीए की बात करें तो केवल एमएम कॉलेज में 60 सीटों पर 67 और सुंदरदीप में 120 सीटों पर 178 पंजीकरण हुए हैं। जबकि बाकी कॉलेजों में सीटों के मुकाबले काफी कम पंजीकरण हुए हैं। बीए एलएलबी में गाजियाबाद के आठ कॉलेजों में पंजीकरण का आंकड़ा 50 को भी पार नहीं कर सकता है, जबकि कॉलेजों में सीटें 120 से लेकर 300 तक हैं।
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कोट..
अधिकांश प्राइवेट कॉलेजों का करना होगा रुख
1. बंपर नामांकन और हाई मेरिट का सीधा असर कम अंक पाने वाले आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर पड़ना तय है। एडेड व राजकीय कॉलेजों में प्रवेश न मिलने पर उन्हें मजबूरी में प्राइवेट कॉलेजों का रुख करना होगा। -- डॉ. एमके जैन, प्राचार्य, एमएमएच कॉलेज
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मेरिट में आएगा उछाल:
2. 12वीं में विद्यार्थियों को मिली प्रोन्नति का असर स्नातक पंजीकरण में दिख रहा है। बड़ी संख्या पंजीकरण से मेरिट में उछाल आना तय है। प्रोन्नत पाकर आ रहे छात्र-छात्राओं को इस बार खुद को साबित करने का भी दवाब होगा। -- डॉ. अर्चना वर्मा, प्राचार्या, कांशीराम राजकीय डिग्री कॉलेज
एडेड व राजकीय कॉलेजों पर दबाव अधिक
3. विवि दाखिला प्रक्रिया में हर साल एडेड व राजकीय कॉलेजों पर पहले से ही दबाव रहता है। इस बार 12वीं में प्रोन्नति के कारण पंजीकरण की संख्या पहले से अधिक है। -- डॉ. वीएस राय, प्राचार्य, एसडी डिग्री कॉलेज
2020 में स्नातक कोर्सवार मेरिट:
कोर्स मेरिट
बीए 78.60 प्रतिशत
बीकॉम 92.60 प्रतिशत
बीएससी 86.60 प्रतिशत
कॉलेजों में विषय और सीटवार पंजीकरण का ब्यौरा:
बीए:
कॉलेज कुल सीटें अब तक नामांकन
एमएमएच 500 6387
एसडी 380 4442
वीएमएलजी 400 1671
कांशीराम राजकीय 140 592
एलआर कॉलेज 340 2236
--
बीकॉम:
एमएमएच 300 3593
एसडी 180 2369
वीएमएलजी 120 840
कांशीराम राजकीय 60 515
एलआर कॉलेज 120 1310
--
बीएससी गणित:
एमएमएच 240 1313
कांशीराम राजकीय 60 357
एलआर कॉलेज 120 681
एमएम कॉलेज 120 443
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गाजियाबाद। शहर के डिग्री कॉलेजों में बीए, बीकॉम और बीएससी में प्रवेश का राह आसान नहीं है। सीसीएसयू से संबद्ध शहर के प्रमुख डिग्री कॉलेजों में बीए और बीकॉम में पंजीकरण का आंकड़ा 12 गुना को पार कर गया है। दूसरी ओर प्रोफेशनल कोर्सेज में शामिल बीबीए, बीसीए, बीएएलएलबी (पांच वर्षीय एकीकृत कोर्स) सहित अन्य में सीटों के बराबर पंजीकरण नहीं हुए हैं। प्रमुख एडेड कॉलेजों में शामिल एमएमएच, एसडी, वीएमएलजी, एलआर, गिन्नी देवी व एमएम कॉलेज मोदीनगर के साथ एकलौते राजकीय डिग्री कॉलेज में दाखिला पाना कठिन होगा। बीते साल के मुकाबले इस बार मेरिट में उछाल आना तय माना जा रहा है।
प्रोफेशनल कोर्सेज में पंजीकरण की स्थिति खराब
स्नातक परंपरागत कोर्सेज में जहां बंपर नामांकन हो रहे हैं, दूसरी ओर स्नातक प्रोफेशनल कोर्सेज में पंजीकरण के आंकड़े निराश करने वाले हैं। बीबीए की बात करें तो एमएम डिग्री कॉलेज मोदीनगर में 60 सीटों पर 59, सुंदरदीप कॉलेज में 180 सीटों पर 51, एचआर इंस्टीट्यूट में 120 सीटों पर 13, न्यूएरा इंस्टीट्यूट में 60 सीटों पर दो, एचएलएम में 180 सीटों पर 41, रिलाइबल इंस्टीट्यूट में 120 सीटों पर 26 हुए हैं। बीसीए की बात करें तो केवल एमएम कॉलेज में 60 सीटों पर 67 और सुंदरदीप में 120 सीटों पर 178 पंजीकरण हुए हैं। जबकि बाकी कॉलेजों में सीटों के मुकाबले काफी कम पंजीकरण हुए हैं। बीए एलएलबी में गाजियाबाद के आठ कॉलेजों में पंजीकरण का आंकड़ा 50 को भी पार नहीं कर सकता है, जबकि कॉलेजों में सीटें 120 से लेकर 300 तक हैं।
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कोट..
अधिकांश प्राइवेट कॉलेजों का करना होगा रुख
1. बंपर नामांकन और हाई मेरिट का सीधा असर कम अंक पाने वाले आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर पड़ना तय है। एडेड व राजकीय कॉलेजों में प्रवेश न मिलने पर उन्हें मजबूरी में प्राइवेट कॉलेजों का रुख करना होगा। -- डॉ. एमके जैन, प्राचार्य, एमएमएच कॉलेज
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मेरिट में आएगा उछाल:
2. 12वीं में विद्यार्थियों को मिली प्रोन्नति का असर स्नातक पंजीकरण में दिख रहा है। बड़ी संख्या पंजीकरण से मेरिट में उछाल आना तय है। प्रोन्नत पाकर आ रहे छात्र-छात्राओं को इस बार खुद को साबित करने का भी दवाब होगा। -- डॉ. अर्चना वर्मा, प्राचार्या, कांशीराम राजकीय डिग्री कॉलेज
एडेड व राजकीय कॉलेजों पर दबाव अधिक
3. विवि दाखिला प्रक्रिया में हर साल एडेड व राजकीय कॉलेजों पर पहले से ही दबाव रहता है। इस बार 12वीं में प्रोन्नति के कारण पंजीकरण की संख्या पहले से अधिक है। -- डॉ. वीएस राय, प्राचार्य, एसडी डिग्री कॉलेज
2020 में स्नातक कोर्सवार मेरिट:
कोर्स मेरिट
बीए 78.60 प्रतिशत
बीकॉम 92.60 प्रतिशत
बीएससी 86.60 प्रतिशत
कॉलेजों में विषय और सीटवार पंजीकरण का ब्यौरा:
बीए:
कॉलेज कुल सीटें अब तक नामांकन
एमएमएच 500 6387
एसडी 380 4442
वीएमएलजी 400 1671
कांशीराम राजकीय 140 592
एलआर कॉलेज 340 2236
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बीकॉम:
एमएमएच 300 3593
एसडी 180 2369
वीएमएलजी 120 840
कांशीराम राजकीय 60 515
एलआर कॉलेज 120 1310
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बीएससी गणित:
एमएमएच 240 1313
कांशीराम राजकीय 60 357
एलआर कॉलेज 120 681
एमएम कॉलेज 120 443
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