{"_id":"614b879e8ebc3e054d6926d9","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd226404814","type":"story","status":"publish","title_hn":"भैंस चोरी हुईं तो गांव की हर गली-हर चौराहे पर लगवाए सीसीटीवी कैमरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भैंस चोरी हुईं तो गांव की हर गली-हर चौराहे पर लगवाए सीसीटीवी कैमरे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भैंस चोरी हुईं तो गांव की हर गली-हर चौराहे पर लगवाए सीसीटीवी कैमरे
गाजियाबाद। 12 हजार की आबादी वाले गांव भोजपुर में हर दूसरे दिन एक भैंस चोरी होनी लगी और पुलिस इसे रोक नहीं पाई तो गांव वालों ने तीसरी आंख की मदद ली। ग्राम पंचायत की निधि से हर गली-हर चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगवा लिए। 32 कैमरे लगने का नतीजा यह हुआ कि एक महीने में भैंस चौरी की कोई वारदात नहीं हुई। इतना ही नहीं, बाइक और साइकिल चोर फुटेज की मदद से हाथ आ गए। रास्ता भटके एक बच्चे को घर पहुंचाने में भी मदद मिली। भोजपुर का यह आइडिया प्रशासन को इतना पसंद आया कि जिले के सभी 160 गांवों में लागू कराने की योजना बना ली।
जून, जुलाई में भैंस चोरों ने गांव वालों की नींद हराम कर दी थी। लोग पहरा लगाने पर मजबूर थे। इसके बावजूद चोरियां थम नहीं रहीं थीं। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करती, लेकिन न चोर पकड़े जाते और न ही भैंस बरामद होती। लोगों ने प्रधान शाहिद चौधरी से कहा कि हमें ही कुछ करना होगा। योजना बनी की सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं ताकि चोर आएं तो पहचान हो जाए। आइडिया काम कर गया। शाहिद ने बताया कि एक महीना पहले कैमरे लगे थे, उसके बाद से भैंस चोरी की घटना नहीं हुई। चौराहों के बीच में भी कैमरे लगवाने की योजना है। जल्द ही 32 कैमरे और लगवाए जाएंगे। पंचायत घर में कंट्रोल रूम बनाया।
1. भोजपुर मॉडल बन गया है
भोजपुर गांव ने सुरक्षा का सीसीटीवी मॉडल अपनाया है। यह कमाल का है। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भोजपुर को मॉडल गांव माना गया है। अन्य सभी गांवों के प्रधानों से कहा है कि वे भोजपुर की तरह सीसीटीवी कैमरे लगवाएं
विज्ञापन
- अस्मिता लाल, मुख्य विकास अधिकारी
2. फुटेज से पहचान लेते हैं चोर
पहले बाइक या साइकिल चोरी होने पर लोग सीधे थाने जाते थे। अब पंचायत घर पहुंचते हैं। यहां घटना वाले समय की सीसीटीवी फुटेज देखते हैं। दो वारदात में इसी से चोर पहचाने गए। पुलिस से शिकायत करके उन्हें पकड़वाया गया।
- शाहरुख
3. सुरक्षा का अहसास होता है
कैमरों से लोगों को सुरक्षा का अहसास होता है। दूसरी ओर चोर हों या मनचले, उन्हें डर रहता है कि कुछ गलत किया तो कैमरे में कैद हो जाएंगे। आसपास के गांवों के लोग आते हैं तो हमारी हाईटेक सुरक्षा देख चौंक जाते हैं।
- साजिद
विज्ञापन
गाजियाबाद। 12 हजार की आबादी वाले गांव भोजपुर में हर दूसरे दिन एक भैंस चोरी होनी लगी और पुलिस इसे रोक नहीं पाई तो गांव वालों ने तीसरी आंख की मदद ली। ग्राम पंचायत की निधि से हर गली-हर चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगवा लिए। 32 कैमरे लगने का नतीजा यह हुआ कि एक महीने में भैंस चौरी की कोई वारदात नहीं हुई। इतना ही नहीं, बाइक और साइकिल चोर फुटेज की मदद से हाथ आ गए। रास्ता भटके एक बच्चे को घर पहुंचाने में भी मदद मिली। भोजपुर का यह आइडिया प्रशासन को इतना पसंद आया कि जिले के सभी 160 गांवों में लागू कराने की योजना बना ली।
जून, जुलाई में भैंस चोरों ने गांव वालों की नींद हराम कर दी थी। लोग पहरा लगाने पर मजबूर थे। इसके बावजूद चोरियां थम नहीं रहीं थीं। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करती, लेकिन न चोर पकड़े जाते और न ही भैंस बरामद होती। लोगों ने प्रधान शाहिद चौधरी से कहा कि हमें ही कुछ करना होगा। योजना बनी की सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं ताकि चोर आएं तो पहचान हो जाए। आइडिया काम कर गया। शाहिद ने बताया कि एक महीना पहले कैमरे लगे थे, उसके बाद से भैंस चोरी की घटना नहीं हुई। चौराहों के बीच में भी कैमरे लगवाने की योजना है। जल्द ही 32 कैमरे और लगवाए जाएंगे। पंचायत घर में कंट्रोल रूम बनाया।
विज्ञापन
1. भोजपुर मॉडल बन गया है
भोजपुर गांव ने सुरक्षा का सीसीटीवी मॉडल अपनाया है। यह कमाल का है। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भोजपुर को मॉडल गांव माना गया है। अन्य सभी गांवों के प्रधानों से कहा है कि वे भोजपुर की तरह सीसीटीवी कैमरे लगवाएं
विज्ञापन
- अस्मिता लाल, मुख्य विकास अधिकारी
2. फुटेज से पहचान लेते हैं चोर
पहले बाइक या साइकिल चोरी होने पर लोग सीधे थाने जाते थे। अब पंचायत घर पहुंचते हैं। यहां घटना वाले समय की सीसीटीवी फुटेज देखते हैं। दो वारदात में इसी से चोर पहचाने गए। पुलिस से शिकायत करके उन्हें पकड़वाया गया।
- शाहरुख
3. सुरक्षा का अहसास होता है
कैमरों से लोगों को सुरक्षा का अहसास होता है। दूसरी ओर चोर हों या मनचले, उन्हें डर रहता है कि कुछ गलत किया तो कैमरे में कैद हो जाएंगे। आसपास के गांवों के लोग आते हैं तो हमारी हाईटेक सुरक्षा देख चौंक जाते हैं।
- साजिद