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दिनभर चला हंगामा, 15 फीसदी संपत्ति कर बढ़ाने पर लगी मुहर
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दिनभर चला हंगामा, 15 फीसदी
संपत्ति कर बढ़ाने पर लगी मुहर
गाजियाबाद। जनता पर 15 फीसदी संपत्ति कर का बोझ बढ़ाए जाने पर मंगलवार को नगर निगम के बोर्ड से भी मुहर लग गई। भाजपा के समर्थन और सपा-बसपा के मौन की वजह से टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया। कोरोना काल में राहत की उम्मीद कर रहे शहर के चार लाख भवन मालिकों को झटका लगा। इसके अलावा कुल पांच प्रस्ताव पास हुए हैं, जबकि अन्य प्रस्तावों पर चर्चा के लिए अब सोमवार को बोर्ड बैठक बुलाई गई है।
महापौर आशा शर्मा ने मंगलवार को लोहियानगर स्थित हिंदी भवन में बोर्ड बैठक बुलाई। इसमें नगर निगम के बजट समेत कुल 75 प्रस्ताव रखे गए थे। बैठक की शुरूआत से ही हाउस टैक्स बढ़ाने का मुद्दा गूंजता रहा। भाजपा पार्षद हिमांशु लव ने मेयर व नगरायुक्त को प्रतीक चिन्ह देकर उनका स्वागत कर टैक्स बढ़ाने का अनूठे अंदाज में विरोध किया। इस पर भाजपा के अन्य पार्षद भड़क गए। मामला शांत हुआ तो बैठक के पहले सत्र में निगम के अकाउंट ऑफिसर एके मिश्रा ने 1197.32 करोड़ का बजट पेश किया। लंबी चर्चा के बाद सदन ने कई संशोधनों के साथ उस पर मुहर लगा दी। लंच के बाद शाम करीब चार बजे शुरू हुई बैठक के दूसरे सत्र में संपत्ति कर में 15 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव पेश किया गया। इस पर कांग्रेस पार्षद जाकिर सैफी, भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल ने विरोध जताया, लेकिन सपा व बसपा के पार्षद मौन रहे। भाजपा के सभी पार्षद इस प्रस्ताव के पक्ष में खड़े हो गए। इससे विरोध कमजोर पड़ गया और हाउस टैक्स में 15 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव पास हो गया। इस प्रस्ताव के पास होने से शहर के करीब चार लाख भवन मालिकों की जेब पर बोझ पड़ेगा। शाम करीब साढ़े छह बजे तक चली निगम की बैठक में कुल पांच प्रस्ताव पास हो पाए।
मकनपुर में सरकारी अस्पताल बनने का रास्ता साफ, निगम ने जमीन दी
स्वास्थ्य विभाग ने इंदिरापुरम क्षेत्र में सरकारी अस्पताल बनाने का प्रस्ताव बनाया है। अस्पताल के लिए नगर निगम ने सैद्धांतिक रूप से तो जमीन देने के लिए सहमति दे दी थी, लेकिन इसका प्रस्ताव निगम सदन से पास कराया जाना अनिवार्य था। इसके लिए मंगलवार को हुई बैठक में महापौर आशा शर्मा ने सबसे पहले प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि न सिर्फ इंदिरापुरम में बल्कि हर जोन में अगर स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों के लिए जमीन मांगता है तो उसे दे दी जाए। इस पर सभी पार्षदों ने ध्वनिमत से सहमति दे दी। नगर निगम सदन से अस्पताल के लिए इंदिरापुरम के मकनपुर में एक एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव पास हो गया। सदन ने स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर सभी जोन में जमीन देने को भी सैद्धांतिक सहमति दे दी। हालांकि बसपा पार्षद नरेश जाटव और भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने सदन को बताया कि जिस जमीन को अस्पताल के लिए आवंटित किया जा रहा है, उसका पुनर्र्गहण 2017 में तत्कालीन डीएम रितु माहेश्वरी के कार्यकाल में हो चुका है। इस जमीन पर बालिका डिग्री कॉलेज बनाए जाने का निर्णय लिया गया था। निगम के संपत्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मकनपुर में इतनी जमीन बाकी है कि उस पर राजकीय डिग्री कॉलेज भी बनाया जा सके। यानी दोनों प्रस्तावों को यहां धरातल पर उतारा जा सकता है।
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अंबेडकर पार्क में नहीं बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग, बदलेगी जगह
नवयुग मार्केट के अंबेडकर पार्क में मल्टीलेवल पार्किंग बनाए जाने का विरोध मंगलवार को सड़क से लेकर निगम सदन तक में हुआ। डॉ. अंबेडकर जन संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ता मंगलवार को विरोध करते हुए हिंदी भवन तक पहुंच गए। यहां नगर निगम की बोर्ड बैठक चल रही थी, लिहाजा पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और विरोध कर रहे लोग सड़क पर बैठक गए। सदन में पार्षदों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। पार्षदों और डॉ. अंबेडकर जन संघर्ष मोर्चा के विरोध के चलते नगर निगम अधिकारी बैकफुट पर आ गए। नगर निगम बोर्ड ने इस पर रोक लगा दी है। अब नवयुग मार्केट स्थित अंबेडकर पार्क में पार्किंग नहीं बनाई जाएगी। सभी पार्षदों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर अधिकारियों को शासन को सूचना भेजने के निर्देश दिए हैं। बसपा पार्षद आनंद चौधरी, नरेश जाटव ने सबसे पहले सदन में पार्क में पार्किंग का विरोध किया। इसके बाद भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने भी विरोध कर कहा कि शासन ने पार्किंग बनाने को कहा है, लेकिन यह नहीं कहा कि अंबेडकर पार्क में ही बनाई जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम अंबेडकर पार्क तो क्या किसी भी पार्क में पार्किंग न बनाए, इसके लिए निगम के पास कई अन्य विकल्प हैं। निगम अधिकारी अब मल्टीलेवल पार्किंग के लिए दूसरे स्थल का चयन कर शासन को जानकारी देंगे।
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संपत्ति कर बढ़ाने पर लगी मुहर
गाजियाबाद। जनता पर 15 फीसदी संपत्ति कर का बोझ बढ़ाए जाने पर मंगलवार को नगर निगम के बोर्ड से भी मुहर लग गई। भाजपा के समर्थन और सपा-बसपा के मौन की वजह से टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया। कोरोना काल में राहत की उम्मीद कर रहे शहर के चार लाख भवन मालिकों को झटका लगा। इसके अलावा कुल पांच प्रस्ताव पास हुए हैं, जबकि अन्य प्रस्तावों पर चर्चा के लिए अब सोमवार को बोर्ड बैठक बुलाई गई है।
महापौर आशा शर्मा ने मंगलवार को लोहियानगर स्थित हिंदी भवन में बोर्ड बैठक बुलाई। इसमें नगर निगम के बजट समेत कुल 75 प्रस्ताव रखे गए थे। बैठक की शुरूआत से ही हाउस टैक्स बढ़ाने का मुद्दा गूंजता रहा। भाजपा पार्षद हिमांशु लव ने मेयर व नगरायुक्त को प्रतीक चिन्ह देकर उनका स्वागत कर टैक्स बढ़ाने का अनूठे अंदाज में विरोध किया। इस पर भाजपा के अन्य पार्षद भड़क गए। मामला शांत हुआ तो बैठक के पहले सत्र में निगम के अकाउंट ऑफिसर एके मिश्रा ने 1197.32 करोड़ का बजट पेश किया। लंबी चर्चा के बाद सदन ने कई संशोधनों के साथ उस पर मुहर लगा दी। लंच के बाद शाम करीब चार बजे शुरू हुई बैठक के दूसरे सत्र में संपत्ति कर में 15 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव पेश किया गया। इस पर कांग्रेस पार्षद जाकिर सैफी, भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल ने विरोध जताया, लेकिन सपा व बसपा के पार्षद मौन रहे। भाजपा के सभी पार्षद इस प्रस्ताव के पक्ष में खड़े हो गए। इससे विरोध कमजोर पड़ गया और हाउस टैक्स में 15 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव पास हो गया। इस प्रस्ताव के पास होने से शहर के करीब चार लाख भवन मालिकों की जेब पर बोझ पड़ेगा। शाम करीब साढ़े छह बजे तक चली निगम की बैठक में कुल पांच प्रस्ताव पास हो पाए।
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मकनपुर में सरकारी अस्पताल बनने का रास्ता साफ, निगम ने जमीन दी
स्वास्थ्य विभाग ने इंदिरापुरम क्षेत्र में सरकारी अस्पताल बनाने का प्रस्ताव बनाया है। अस्पताल के लिए नगर निगम ने सैद्धांतिक रूप से तो जमीन देने के लिए सहमति दे दी थी, लेकिन इसका प्रस्ताव निगम सदन से पास कराया जाना अनिवार्य था। इसके लिए मंगलवार को हुई बैठक में महापौर आशा शर्मा ने सबसे पहले प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि न सिर्फ इंदिरापुरम में बल्कि हर जोन में अगर स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों के लिए जमीन मांगता है तो उसे दे दी जाए। इस पर सभी पार्षदों ने ध्वनिमत से सहमति दे दी। नगर निगम सदन से अस्पताल के लिए इंदिरापुरम के मकनपुर में एक एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव पास हो गया। सदन ने स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर सभी जोन में जमीन देने को भी सैद्धांतिक सहमति दे दी। हालांकि बसपा पार्षद नरेश जाटव और भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने सदन को बताया कि जिस जमीन को अस्पताल के लिए आवंटित किया जा रहा है, उसका पुनर्र्गहण 2017 में तत्कालीन डीएम रितु माहेश्वरी के कार्यकाल में हो चुका है। इस जमीन पर बालिका डिग्री कॉलेज बनाए जाने का निर्णय लिया गया था। निगम के संपत्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मकनपुर में इतनी जमीन बाकी है कि उस पर राजकीय डिग्री कॉलेज भी बनाया जा सके। यानी दोनों प्रस्तावों को यहां धरातल पर उतारा जा सकता है।
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अंबेडकर पार्क में नहीं बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग, बदलेगी जगह
नवयुग मार्केट के अंबेडकर पार्क में मल्टीलेवल पार्किंग बनाए जाने का विरोध मंगलवार को सड़क से लेकर निगम सदन तक में हुआ। डॉ. अंबेडकर जन संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ता मंगलवार को विरोध करते हुए हिंदी भवन तक पहुंच गए। यहां नगर निगम की बोर्ड बैठक चल रही थी, लिहाजा पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और विरोध कर रहे लोग सड़क पर बैठक गए। सदन में पार्षदों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। पार्षदों और डॉ. अंबेडकर जन संघर्ष मोर्चा के विरोध के चलते नगर निगम अधिकारी बैकफुट पर आ गए। नगर निगम बोर्ड ने इस पर रोक लगा दी है। अब नवयुग मार्केट स्थित अंबेडकर पार्क में पार्किंग नहीं बनाई जाएगी। सभी पार्षदों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर अधिकारियों को शासन को सूचना भेजने के निर्देश दिए हैं। बसपा पार्षद आनंद चौधरी, नरेश जाटव ने सबसे पहले सदन में पार्क में पार्किंग का विरोध किया। इसके बाद भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने भी विरोध कर कहा कि शासन ने पार्किंग बनाने को कहा है, लेकिन यह नहीं कहा कि अंबेडकर पार्क में ही बनाई जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम अंबेडकर पार्क तो क्या किसी भी पार्क में पार्किंग न बनाए, इसके लिए निगम के पास कई अन्य विकल्प हैं। निगम अधिकारी अब मल्टीलेवल पार्किंग के लिए दूसरे स्थल का चयन कर शासन को जानकारी देंगे।