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एक समान मुआवजे को लेकर छह गांव के किसानों की हुंकार

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2020 07:22 PM IST
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एक समान मुआवजे को लेकर छह गांव के किसानों की हुंकार
मधुबन बापूधाम योजना से प्रभावित किसानों से बातचीत करते हुए एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह - फोटो : Amar Ujala
सबहेड- कलक्ट्रेट घेराव की सूचना पर सदरपुर गांव पहुंचा प्रशासनिक अमला, किसानों को जाने से रोका
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- एडीएम सिटी व एसपी सिटी ने दिया किसानों को जीडीए उपाध्यक्ष से वार्ता कर समाधान कराने का आश्वासन - सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ सदरपुर गांव पहुंचे थे प्रभावित छह गांव के किसान माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। एक समान बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर बीते चार माह से आंदोलनरत छह गांव के किसान ने सोमवार को हुंकार भरी। कलेक्ट्रेट घेराव के लिए सदरपुर प्राथमिक विद्यालय पर विभिन्न गांव के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ इकट्ठा हो गए। किसानों के कलेक्ट्रेट घेराव की सूचना मिलते एडीएम सिटी और एसपी सिटी मौके पर पहुंच गए। फिर एडीएम सिटी ने किसानों से लंबी बातचीत के बाद उन्हें जीडीए उपाध्यक्ष से बात कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। बातचीत में किसानों ने मांगें माने जाने और एक समान बड़ा मुआवजा मिलने तक मधुबन बापूधाम योजना में कोई निर्माण कार्य नहीं होने देने की चेतावनी दी है। धरना-प्रदर्शन में सदरपुर, मैनापुर, नंगलापाट, याकूबपुर, मोरटा और दुहाई के सैकड़ों की संख्या में किसानों के साथ महिलाओं ने भाग लिया। बीते एक सप्ताह से जनसंपर्क अभियान चलाने के बाद सोमवार सुबह मधुबन बापूधाम योजना से प्रभावित छह गांव के किसान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर कलेक्ट्रेट कुछ करने के लिए एकत्रित हुए। किसानों के आंदोलन की जैसे ही प्रशासनिक अमले को खबर लगी, वैसे ही एडीएम सिटी और एसपी सिटी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
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किसानों से बातचीत करते हुए एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन किसानों की हर संभव मदद के लिए तैयार है। जीडीए उपाध्यक्ष से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। एसपी सिटी ने कहा कि कोई भी झूठा आरोप अगर मधुबन बापूधाम योजना के किसानों पर लगाएगा तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। आंदोलन के अध्यक्ष व किसान नेता सुदीप शर्मा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों ने समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है। किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं। जब तक उन्हें एक समान बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक योजना में कोई भी निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर किसान नेता सुनील शेरावत, मनजीत सेहरावत, उमेद चौधरी, महेश चौधरी, गौरी शंकर, लोकदीप, प्रशांत कुमार सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
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----------------- किसान बोले, समझौते की अनदेखी कर रहा जीडीए बढ़े हुए मुआवजे की मांग कर रहे किसानों ने आरोप लगाया है कि प्राधिकरण अधिकारी अक्टूबर 2007 में किसानों के साथ हुए समझौते की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। किसानों के साथ हुए समझौते में साफ था कि अधिसूचना के तहत अधिग्रहित की गई भूमि का भविष्य में सहमति के आधार पर यदि उपरोक्त निर्धारण प्रतिकर से अधिक प्रतिकर सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित होता है तो बढ़े हुए प्रतिकार का लाभ इस करार में सम्मिलित भू-स्वामियों को भी देय होगा। लेकिन इससे समझौते का उल्लंघन करते हुए जीडीए अधिकारी किसानों की मांगों को अनदेखा कर रहे हैं।
------------- यह है विवाद मधुबन बापूधाम योजना के लिए जीडीए ने 1234.13 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी। प्राधिकरण की ओर से किसानों को भू-अर्जन अधिनियम के तहत उस वक्त जमीन का 1100 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया गया था। बाद में कई किसान बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर कोर्ट चले गए। फिर कोर्ट के आदेश पर विभिन्न गांव के 76 किसानों को नई भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जीरे की ओर से मुआवजा दिया गया। ऐसे में बाकी किसान भी एक समान बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। ----------- कांग्रेस और भारतीय किसान यूनियन ने किया किसानों का समर्थन सोमवार को सदरपुर प्राथमिक विद्यालय पर किसानों के धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के साथ भारतीय किसान यूनियन ने आंदोलनरत किसानों को समर्थन दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने कहा कि लिखित में समझौता होने के बावजूद किसानों के साथ नाइंसाफी की जा रही है। पूरे देश का पेट भरने वाला अन्नदाता दर-दर की ठोकरें खा रहा है। कांग्रेस पार्टी हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी हुई है। ---------------------- कोट्स: किसान 1. जीडीए के साथ हुए समझौते के बाद ही किसानों ने अपनी जमीन सौंपी थी। एक समान बढ़ा हुआ मुआवजा देने के समझौते की अब जीडीए अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं। समझौते के उल्लंघन लगातार विरोध किया जाएगा। -- महेंद्र सिंह, किसान ---- 2. मांगों को लेकर किसान लगातार चार महीने से आंदोलनरत हैं। लेकिन प्राधिकरण अधिकारी किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं है। एक समान मुआवजा मिलने तक योजना में कोई निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। -- सोनू शर्मा किसान
---- 3. प्राधिकरण के साथ हुए समझौते के तहत किसान अपना अधिकार मांग रहे हैं। किसानों की आवाज को हर मंच पर उठाया जाएगा।किसानों के साथ हुए लिखित समझौते को प्राधिकरण अधिकारी नकार नहीं सकते हैं। -- विशाल सिंह, महानगर अध्यक्ष, भाकीयू ---------------------
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