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लोहा पिघलाने के दौरान तेज धमाके के साथ फटी भट्टी, दो झुलसे
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लोहा पिघलाने के दौरान तेज धमाके के साथ फटी भट्टी, दो झुलसे
साहिबाबाद। औद्योगिक क्षेत्र साइट-चार की इंड्योर कंपनी में बृहस्पतिवार दोपहर 2:50 बजे अचानक तेज धमाके के साथ लोहा पिघलाने की भट्टी फट गई। इसमें बिहार के मधुबनी निवासी रामू उदगर और लखेंद्र झुलस गए। दोनों को तुरंत यूनियन के पदाधिकारियों ने मोहननगर के नरेंद्र मोहन अस्पताल में भर्ती कराया। वहां लखेंद्र को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी जबकि रामू की हालत चिंताजनक बनी है। सूचना पर पहुंचे अग्निशमन कर्मियों ने समय पर आग बुझा ली। यूनियन के पदाधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए सामान नहीं देने का आरोप लगाया है।
यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि कंपनी में लोहा पिघलाकर उसे पाइप, एलबो और दूसरे प्रकार में बदला जाता है। लोहा पिघलाने के लिए इलेक्ट्रिक भट्टी (इंडेक्शन थर्मल) पर रोजाना कई कर्मचारी काम करते हैं। भट्टी के अंदर एक बार में दो हजार किलोग्राम लोहा और एसेस डाला जाता है। इसको बिजली से चलाने पर अंदर 1500 डिग्री का तापमान रहता है। अचानक भट्टी फटने से आसपास काम कर रहे कर्मचारी दूर जाकर गिरे और इनमें से कई लोगों को काफी देर तक कुछ समझ नहीं आया। भट्टी फटने से उसके कई पार्ट्स भी दूर जाकर गिरे। गनीमत रही कि हादसे में अधिकांश कर्मचारियों की जान बच गई। आग लगने पर तुरंत कर्मचारियों ने अग्निशमन विभाग को सूचना दी। साहिबाबाद दमकल विभाग से एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। बताया गया कि भट्टी पर सहायक का काम करने वाले रामू उदगर चार दिन पहले ही कंपनी में आया था। वह ठेकेदार विकास मंडल की निगरानी में काम करता है। रामू के पैर की तीन अंगुली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं जबकि छाती और पेट व हाथ के अलावा मुंह भी झुलस गया। हादसे को लेकर कर्मचारियों में प्रबंधन के खिलाफ काफी गुस्सा भरा था। उनका आरोप था कि कई बार हादसे होने के बावजूद उन्हें सुरक्षा के उपकरण नहीं दिए जाते हैं। कंपनी के मैनेजर अशोक गर्ग का कहना है कि लोहा पिघलाने की भट्टी किस वजह से फटी इसकी जांच कराई जा रही है। झुलसे रामू को उपचार दिलाया जा रहा है। प्रबंधन द्वारा पूरी मदद दी जाएगी। परिवारजनों को सूचित कर दिया गया है।
झुलसे कर्मचारी के परिवारजनों के आने का इंतजार
इस हादसे के बाद लिंक रोड थाने से उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार और दमकल अधिकारी सतेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने तमाम पहलुओं पर जांच की। थाना प्रभारी बिजेश कुमार सिंह का कहना है कि झुलसे कर्मी रामू उदगर की हालत चिंताजनक बनी है। अभी मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। परिजनों का इंतजार किया जा रहा है। शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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साहिबाबाद। औद्योगिक क्षेत्र साइट-चार की इंड्योर कंपनी में बृहस्पतिवार दोपहर 2:50 बजे अचानक तेज धमाके के साथ लोहा पिघलाने की भट्टी फट गई। इसमें बिहार के मधुबनी निवासी रामू उदगर और लखेंद्र झुलस गए। दोनों को तुरंत यूनियन के पदाधिकारियों ने मोहननगर के नरेंद्र मोहन अस्पताल में भर्ती कराया। वहां लखेंद्र को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी जबकि रामू की हालत चिंताजनक बनी है। सूचना पर पहुंचे अग्निशमन कर्मियों ने समय पर आग बुझा ली। यूनियन के पदाधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए सामान नहीं देने का आरोप लगाया है।
यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि कंपनी में लोहा पिघलाकर उसे पाइप, एलबो और दूसरे प्रकार में बदला जाता है। लोहा पिघलाने के लिए इलेक्ट्रिक भट्टी (इंडेक्शन थर्मल) पर रोजाना कई कर्मचारी काम करते हैं। भट्टी के अंदर एक बार में दो हजार किलोग्राम लोहा और एसेस डाला जाता है। इसको बिजली से चलाने पर अंदर 1500 डिग्री का तापमान रहता है। अचानक भट्टी फटने से आसपास काम कर रहे कर्मचारी दूर जाकर गिरे और इनमें से कई लोगों को काफी देर तक कुछ समझ नहीं आया। भट्टी फटने से उसके कई पार्ट्स भी दूर जाकर गिरे। गनीमत रही कि हादसे में अधिकांश कर्मचारियों की जान बच गई। आग लगने पर तुरंत कर्मचारियों ने अग्निशमन विभाग को सूचना दी। साहिबाबाद दमकल विभाग से एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। बताया गया कि भट्टी पर सहायक का काम करने वाले रामू उदगर चार दिन पहले ही कंपनी में आया था। वह ठेकेदार विकास मंडल की निगरानी में काम करता है। रामू के पैर की तीन अंगुली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं जबकि छाती और पेट व हाथ के अलावा मुंह भी झुलस गया। हादसे को लेकर कर्मचारियों में प्रबंधन के खिलाफ काफी गुस्सा भरा था। उनका आरोप था कि कई बार हादसे होने के बावजूद उन्हें सुरक्षा के उपकरण नहीं दिए जाते हैं। कंपनी के मैनेजर अशोक गर्ग का कहना है कि लोहा पिघलाने की भट्टी किस वजह से फटी इसकी जांच कराई जा रही है। झुलसे रामू को उपचार दिलाया जा रहा है। प्रबंधन द्वारा पूरी मदद दी जाएगी। परिवारजनों को सूचित कर दिया गया है।
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झुलसे कर्मचारी के परिवारजनों के आने का इंतजार
इस हादसे के बाद लिंक रोड थाने से उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार और दमकल अधिकारी सतेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने तमाम पहलुओं पर जांच की। थाना प्रभारी बिजेश कुमार सिंह का कहना है कि झुलसे कर्मी रामू उदगर की हालत चिंताजनक बनी है। अभी मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। परिजनों का इंतजार किया जा रहा है। शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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