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बाइक टूटने के विवाद में की थी युवक की हत्या
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बाइक टूटने के विवाद में की थी युवक की हत्या
लोनी। बाइक टूटने का विरोध करने पर पिता-पुत्र ने संजय (22) की गला दबाकर हत्या की थी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को सिरोली के जंगलों में पेड़ से लटका दिया था। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए बेटे कालीचरण निवासी जिला कासगंज को चिरोड़ी नहर से बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार किया है। आरोपी पिता फरार है।
एसपी देहात डॉ. इरज राजा ने बताया कि तीन मार्च को सिरोली गांव के जंगलों में संजय निवासी बनूपुर पुख्ता कासगंज की शव पेड़ से लटका हुआ मिला था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। शव का पोस्टमार्टम कराया तो पता चला कि युवक की गला दबाकर हत्या की गई है। मृतक के शरीर पर चोट के निशान भी थे। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए टीम गठित की थी। टीम ने संजय के एक साथी कालीचरण को चिरोड़ी नहर से गिरफ्तार किया था। काली चरण ने अपने पिता नत्थू के साथ मिलकर संजय को बेल्ट और लाठी डंडों से पीटा था। इसके बाद उसका गला दबाकर हत्या कर दी थी। पुलिस पिता नत्थू की तलाश कर रही है। पुलिस ने रस्सी और बेल्ट बरामद की है। हत्या के बाद से दोनों फरार चल रहे थे। काली चरण और संजय एक ही गांव के हैं। दोनों एक ही भट्टे में काम करते थे।
ऐसे दिया हत्या को अंजाम
पूछताछ में कालीचरण ने बताया कि 3 मार्च को उसने संजय से बाइक ली थी। वह बाइक लेकर मार्केट गया था। मार्केट में बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई थी। इस दौरान बाइक टूट गई थी। कालीचरण ने बाइक वापस की तो संजय आरोपी के घर बाइक तोड़ने की शिकायत करने पहुंचा। बाइक टूटने का विरोध करने पर दोनों में गाली-गलौज शुरू हो गई। इस दौरान पिता-पुत्र ने लाठी-डंडों और बेल्ट से संजय को पीटना शुरू कर दिया। तभी आसपास के लोग आ गए। लोगों के आने पर संजय वहां से बचकर एक झोपड़ी में जा पहुंचा। आरोप है कि वहां भी संजय गाली-गलौज कर रहा था। इस पर पिता पुत्र दोनों मृतक के पास पहुंचे और फिर से लाठी-डंडे और बेल्ट से पीटने लगे। इस दौरान पिता पुत्र ने संजय की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को नहर के पास एक पेड़ से रस्सी बांधकर लटका दिया था।
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इकलौता बेटा था संजय, पिता के साथ भट्टे पर काम करता था
बनवारी लाल निवासी बनूपुर पुख्ता कासगंज का संजय इकलौता बेटा था। बनवारी दो बेटियों की शादी कर चुके हैं। अगस्त में उनकी पत्नी विशना देवी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। पत्नी की मौत के बाद वह नवंबर में अपने बेटे के साथ लोनी के सिरोली गांव के एक ईंट भट्टा पर काम करने के लिए आए थे। घटना वाले दिन तीन मार्च को वह अपनी पत्नी की मौत का शौक उठाने अपने गांव गया था। अगले दिन उन्हें घटना के बारे में पता चला, वह वापस लोनी आए। बेटे की मौत के बाद वह शव को अपने गांव ले गए थे।
ऐसे हुआ गिरफ्तार
बनवारी लाल ने बताया कि मारपीट के बाद संजय ने अपने चाचा के लड़के धनश्याम को फोन कर मारपीट की जानकारी दी थी। जांच में संजय के साथ झगड़े के बारे में पुलिस को पता चला। हत्या के बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे। पुलिस को दोनों पर शक गहरा गया। कालीचरण ने गिरफ्तारी के बाद उसने अपना जुर्म कबूल किया।
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लोनी। बाइक टूटने का विरोध करने पर पिता-पुत्र ने संजय (22) की गला दबाकर हत्या की थी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को सिरोली के जंगलों में पेड़ से लटका दिया था। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए बेटे कालीचरण निवासी जिला कासगंज को चिरोड़ी नहर से बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार किया है। आरोपी पिता फरार है।
एसपी देहात डॉ. इरज राजा ने बताया कि तीन मार्च को सिरोली गांव के जंगलों में संजय निवासी बनूपुर पुख्ता कासगंज की शव पेड़ से लटका हुआ मिला था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। शव का पोस्टमार्टम कराया तो पता चला कि युवक की गला दबाकर हत्या की गई है। मृतक के शरीर पर चोट के निशान भी थे। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए टीम गठित की थी। टीम ने संजय के एक साथी कालीचरण को चिरोड़ी नहर से गिरफ्तार किया था। काली चरण ने अपने पिता नत्थू के साथ मिलकर संजय को बेल्ट और लाठी डंडों से पीटा था। इसके बाद उसका गला दबाकर हत्या कर दी थी। पुलिस पिता नत्थू की तलाश कर रही है। पुलिस ने रस्सी और बेल्ट बरामद की है। हत्या के बाद से दोनों फरार चल रहे थे। काली चरण और संजय एक ही गांव के हैं। दोनों एक ही भट्टे में काम करते थे।
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ऐसे दिया हत्या को अंजाम
पूछताछ में कालीचरण ने बताया कि 3 मार्च को उसने संजय से बाइक ली थी। वह बाइक लेकर मार्केट गया था। मार्केट में बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई थी। इस दौरान बाइक टूट गई थी। कालीचरण ने बाइक वापस की तो संजय आरोपी के घर बाइक तोड़ने की शिकायत करने पहुंचा। बाइक टूटने का विरोध करने पर दोनों में गाली-गलौज शुरू हो गई। इस दौरान पिता-पुत्र ने लाठी-डंडों और बेल्ट से संजय को पीटना शुरू कर दिया। तभी आसपास के लोग आ गए। लोगों के आने पर संजय वहां से बचकर एक झोपड़ी में जा पहुंचा। आरोप है कि वहां भी संजय गाली-गलौज कर रहा था। इस पर पिता पुत्र दोनों मृतक के पास पहुंचे और फिर से लाठी-डंडे और बेल्ट से पीटने लगे। इस दौरान पिता पुत्र ने संजय की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को नहर के पास एक पेड़ से रस्सी बांधकर लटका दिया था।
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इकलौता बेटा था संजय, पिता के साथ भट्टे पर काम करता था
बनवारी लाल निवासी बनूपुर पुख्ता कासगंज का संजय इकलौता बेटा था। बनवारी दो बेटियों की शादी कर चुके हैं। अगस्त में उनकी पत्नी विशना देवी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। पत्नी की मौत के बाद वह नवंबर में अपने बेटे के साथ लोनी के सिरोली गांव के एक ईंट भट्टा पर काम करने के लिए आए थे। घटना वाले दिन तीन मार्च को वह अपनी पत्नी की मौत का शौक उठाने अपने गांव गया था। अगले दिन उन्हें घटना के बारे में पता चला, वह वापस लोनी आए। बेटे की मौत के बाद वह शव को अपने गांव ले गए थे।
ऐसे हुआ गिरफ्तार
बनवारी लाल ने बताया कि मारपीट के बाद संजय ने अपने चाचा के लड़के धनश्याम को फोन कर मारपीट की जानकारी दी थी। जांच में संजय के साथ झगड़े के बारे में पुलिस को पता चला। हत्या के बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे। पुलिस को दोनों पर शक गहरा गया। कालीचरण ने गिरफ्तारी के बाद उसने अपना जुर्म कबूल किया।