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रोडवेज और आरटीओ आमने-सामने, नहीं चल पाईं इलेक्ट्रिक बसें
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रोडवेज और आरटीओ आमने-सामने, नहीं चल पाईं इलेक्ट्रिक बसें
गाजियाबाद। संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) में पंजीकरण के अड़ंगे की वजह से मंगलवार से पांच इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया। नगर निगम सीमा क्षेत्र से बाहर मुरादनगर तक रूट तय किए जाने के कारण आरटीओ कार्यालय की ओर से इन बसों का रजिस्ट्रेशन सिटी बसों के रूप में किए जाने से इनकार कर दिया गया। विवाद न सुलझ पाने की वजह से मंगलवार तक इनका पंजीकरण नहीं हो पाया। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि इस समस्या का हल कर पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा। दो-तीन दिन में बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
पांच इलेक्ट्रिक बसें जनवरी माह से कौशांबी-मुरादनगर रूट पर संचालित की जा रही हैं। इनके अलावा गाजियाबाद के लिए पांच अन्य बसें करीब 10 दिन पहले ही मिल गई थीं। इनके पंजीकरण की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई। संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी पहले इन बसों के पंजीकरण के लिए अतिरिक्त कर (यात्री कर) की डिमांड करते रहे, जबकि सिटी बसों के लिए इसमें छूट है। रोडवेज के अधिकारियों ने लखनऊ से उन्हें लिखित आदेश मंगाकर दिखाया तो वह पंजीकरण में छूट देने पर राजी हुए। अब उन्होंने नगर निगम सीमा क्षेत्र से बाहर तक बसों का रूट तय किए जाने पर आपत्ति लगाकर नया अड़ंगा लगा दिया। संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों ने यह कहकर फाइल लौटा दी कि यात्री कर से छूट सिर्फ शहर के अंदर चलने वाली बसों के लिए है। शहर से बाहर बसों को चलाने पर शुल्क जमा कराना होगा।
इलेक्ट्रिक बसों के रूट रोडवेज के अधिकारियों ने नहीं बल्कि नगरायुक्त, एसपी ट्रैफिक, रोडवेज, संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी समेत कई अन्य अधिकारियों की कमेटी ने तय किए थे। ऐसे में अब रूट को दोबारा तय करना पड़ा तो मसले को दोबारा कमेटी के सामने ले जाना पड़ सकता है।
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रोडवेज निगम एआरएम ने कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया एक-दो दिन में पूरी हो जाएगी। इसके बाद इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। पंजीकरण में जो अड़चनें थीं उन्हें दूर कर लिया गया है।
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गाजियाबाद। संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) में पंजीकरण के अड़ंगे की वजह से मंगलवार से पांच इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया। नगर निगम सीमा क्षेत्र से बाहर मुरादनगर तक रूट तय किए जाने के कारण आरटीओ कार्यालय की ओर से इन बसों का रजिस्ट्रेशन सिटी बसों के रूप में किए जाने से इनकार कर दिया गया। विवाद न सुलझ पाने की वजह से मंगलवार तक इनका पंजीकरण नहीं हो पाया। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि इस समस्या का हल कर पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा। दो-तीन दिन में बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
पांच इलेक्ट्रिक बसें जनवरी माह से कौशांबी-मुरादनगर रूट पर संचालित की जा रही हैं। इनके अलावा गाजियाबाद के लिए पांच अन्य बसें करीब 10 दिन पहले ही मिल गई थीं। इनके पंजीकरण की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई। संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी पहले इन बसों के पंजीकरण के लिए अतिरिक्त कर (यात्री कर) की डिमांड करते रहे, जबकि सिटी बसों के लिए इसमें छूट है। रोडवेज के अधिकारियों ने लखनऊ से उन्हें लिखित आदेश मंगाकर दिखाया तो वह पंजीकरण में छूट देने पर राजी हुए। अब उन्होंने नगर निगम सीमा क्षेत्र से बाहर तक बसों का रूट तय किए जाने पर आपत्ति लगाकर नया अड़ंगा लगा दिया। संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों ने यह कहकर फाइल लौटा दी कि यात्री कर से छूट सिर्फ शहर के अंदर चलने वाली बसों के लिए है। शहर से बाहर बसों को चलाने पर शुल्क जमा कराना होगा।
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इलेक्ट्रिक बसों के रूट रोडवेज के अधिकारियों ने नहीं बल्कि नगरायुक्त, एसपी ट्रैफिक, रोडवेज, संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी समेत कई अन्य अधिकारियों की कमेटी ने तय किए थे। ऐसे में अब रूट को दोबारा तय करना पड़ा तो मसले को दोबारा कमेटी के सामने ले जाना पड़ सकता है।
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रोडवेज निगम एआरएम ने कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया एक-दो दिन में पूरी हो जाएगी। इसके बाद इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। पंजीकरण में जो अड़चनें थीं उन्हें दूर कर लिया गया है।