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दस्तावेज नहीं, सिर्फ रकम दीजिए और बैंक खाता, सिम...जो चाहे लीजिए
सार
दस्तावेज नहीं, सिर्फ रकम दीजिए और बैंक खाता, सिम...जो चाहे लीजिएगाजियाबाद।शातिरों का कहना है कि वे किसी भी राज्य में और किसी भी बैंक में बगैर दस्तावेज लिए बैंक खाता खुलवा सकते हैं।खाता खुलवाने के बारे में बताते हैं कि उनकी बैंक में सेटिंग है।
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विस्तार
दस्तावेज नहीं, सिर्फ रकम दीजिए और बैंक खाता, सिम...जो चाहे लीजिए
गाजियाबाद। आपको बैंक खाता, सिम, आधार और पैन कार्ड में जो चाहिए, वो लीजिए... सब ऑनलाइन मिलेगा और आपको कोई दस्तावेज नहीं देना है। सिर्फ बताई गई रकम दीजिए, डिलीवरी आपके घर पर कर दी जाएगी। जी हां। कु छ इसी अंदाज में जालसाजों ने टेलीग्राम पर फर्जी दस्तावेज बनाने की दुकान सजा रखी है। ये शातिर फर्जी दस्तावेज से किसी भी बैंक में खाता खुलवाने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने हर काम का रेट तय कर रखा है। लोगों को जाल में फंसाने के लिए ऑफर भी दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यह भी ठगी करने का एक हथकंडा हो सकता है। जो झांसे में आएगा, बाद में पछताएगा।
टेलीग्राम पर शातिरों का विज्ञापन देखकर पड़ताल की गई तो कई चौंकाने वाले दावे मिले। शातिरों का कहना है कि वे किसी भी राज्य में और किसी भी बैंक में बगैर दस्तावेज लिए बैंक खाता खुलवा सकते हैं। अलग-अलग बैंक का अलग-अलग रेट है। उन्होंने फोन नंबर भी दे रखा है। बात करने पर बताते हैं कि उनके पास बड़ी संख्या में दस्तावेज हैं। इनमें नाम-पते बदलकर आधार कार्ड, पेन कार्ड बनवाते हैं। खाता खुलवाने के बारे में बताते हैं कि उनकी बैंक में सेटिंग है। उन्होंने कई लोगों के नाम-पते और मोबाइल नंबर दे रखे हैं। उनके बारे में दावा है कि वे फर्जी दस्तावेज बनवा चुके हैं। उनसे बात करके कोई भी तसल्ली कर सकता है।
क्यूआर कोड से करना होगा भुगतान
टेलीग्राम पर आपका विज्ञापन देखा? क्या यह सही है?
हां, बिल्कुल सही है। काम बताओ, आपको क्या चाहिए?
हमें बैंक खाता खुलवाना है? क्या आप खुलवा सकते हैं?
हां, खुल जाएगा। बैंक का नाम बताओ।
क्या एसबीआई का खुलवा सकते हो?
हां, इसके 14 हजार रुपये लगेंगे।
हमें कोई दस्तावेज तो नहीं देना होगा?
नहीं, आपको सिर्फ 14 हजार रुपये देने हैं।
भुगतान करने के लिए कोई बैंक खाता है?
नहीं, आपको क्यूआर कोड भेजा जाएगा, उसके जरिए करना है।
अगर काम नहीं हुआ तो हमारी रकम तो फंस जाएगी।
नहीं, ऐसा नहीं होगा, काम नहीं हुआ तो रकम वापस होगी।
आप पर यकीन कैसे करें? कहीं रकम फंस न जाए।
हमारे ग्रुप पर उन लोगों के नंबर है जिनके काम कराए हैं, उनसे बात कर लो।
( ग्राहक बनकर की गई बातचीत के अंश )
साइबर सेल ने जनवरी में पकड़ा था गिरोह
साइबर सेल ने इसी साल जनवरी में क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के चार शातिरों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 120 सक्रिय सिम बरामद किए थे जो एक कागज पर चिपके हुए थे। जांच में पता चला कि वह बिहार से भेजे गए थे। शातिरों ने फर्जी दस्तावेज पर सौ रुपये प्रति सिम के हिसाब से खरीदे थे।
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सेना भर्ती में पकड़े गए फर्जी दस्तावेज
हाल ही में मुजफ्फरनगर और आगरा में सेना भर्ती चल रही है। इसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के दस्तावेज फर्जी मिले हैं। बुलंदशहर, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह पूर्व में पकड़े जा चुके हैं।
ठगी का हथकंडा हो सकता है
एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा का कहना है कि साइबर क्राइम टीम इस तरह के ग्रुप को चलाने वालों को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। फर्जी तरीके से सिम निकलवाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सिम लेने वालों के सत्यापन के लिए सिम कंपनियों से संपर्क किया जाएगा। हालांकि इस तरह से ग्रुप के जरिये ठगी भी हो सकती है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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गाजियाबाद। आपको बैंक खाता, सिम, आधार और पैन कार्ड में जो चाहिए, वो लीजिए... सब ऑनलाइन मिलेगा और आपको कोई दस्तावेज नहीं देना है। सिर्फ बताई गई रकम दीजिए, डिलीवरी आपके घर पर कर दी जाएगी। जी हां। कु छ इसी अंदाज में जालसाजों ने टेलीग्राम पर फर्जी दस्तावेज बनाने की दुकान सजा रखी है। ये शातिर फर्जी दस्तावेज से किसी भी बैंक में खाता खुलवाने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने हर काम का रेट तय कर रखा है। लोगों को जाल में फंसाने के लिए ऑफर भी दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यह भी ठगी करने का एक हथकंडा हो सकता है। जो झांसे में आएगा, बाद में पछताएगा।
टेलीग्राम पर शातिरों का विज्ञापन देखकर पड़ताल की गई तो कई चौंकाने वाले दावे मिले। शातिरों का कहना है कि वे किसी भी राज्य में और किसी भी बैंक में बगैर दस्तावेज लिए बैंक खाता खुलवा सकते हैं। अलग-अलग बैंक का अलग-अलग रेट है। उन्होंने फोन नंबर भी दे रखा है। बात करने पर बताते हैं कि उनके पास बड़ी संख्या में दस्तावेज हैं। इनमें नाम-पते बदलकर आधार कार्ड, पेन कार्ड बनवाते हैं। खाता खुलवाने के बारे में बताते हैं कि उनकी बैंक में सेटिंग है। उन्होंने कई लोगों के नाम-पते और मोबाइल नंबर दे रखे हैं। उनके बारे में दावा है कि वे फर्जी दस्तावेज बनवा चुके हैं। उनसे बात करके कोई भी तसल्ली कर सकता है।
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क्यूआर कोड से करना होगा भुगतान
टेलीग्राम पर आपका विज्ञापन देखा? क्या यह सही है?
हां, बिल्कुल सही है। काम बताओ, आपको क्या चाहिए?
हमें बैंक खाता खुलवाना है? क्या आप खुलवा सकते हैं?
हां, खुल जाएगा। बैंक का नाम बताओ।
क्या एसबीआई का खुलवा सकते हो?
हां, इसके 14 हजार रुपये लगेंगे।
हमें कोई दस्तावेज तो नहीं देना होगा?
नहीं, आपको सिर्फ 14 हजार रुपये देने हैं।
भुगतान करने के लिए कोई बैंक खाता है?
नहीं, आपको क्यूआर कोड भेजा जाएगा, उसके जरिए करना है।
अगर काम नहीं हुआ तो हमारी रकम तो फंस जाएगी।
नहीं, ऐसा नहीं होगा, काम नहीं हुआ तो रकम वापस होगी।
आप पर यकीन कैसे करें? कहीं रकम फंस न जाए।
हमारे ग्रुप पर उन लोगों के नंबर है जिनके काम कराए हैं, उनसे बात कर लो।
( ग्राहक बनकर की गई बातचीत के अंश )
साइबर सेल ने जनवरी में पकड़ा था गिरोह
साइबर सेल ने इसी साल जनवरी में क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के चार शातिरों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 120 सक्रिय सिम बरामद किए थे जो एक कागज पर चिपके हुए थे। जांच में पता चला कि वह बिहार से भेजे गए थे। शातिरों ने फर्जी दस्तावेज पर सौ रुपये प्रति सिम के हिसाब से खरीदे थे।
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सेना भर्ती में पकड़े गए फर्जी दस्तावेज
हाल ही में मुजफ्फरनगर और आगरा में सेना भर्ती चल रही है। इसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के दस्तावेज फर्जी मिले हैं। बुलंदशहर, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह पूर्व में पकड़े जा चुके हैं।
ठगी का हथकंडा हो सकता है
एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा का कहना है कि साइबर क्राइम टीम इस तरह के ग्रुप को चलाने वालों को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। फर्जी तरीके से सिम निकलवाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सिम लेने वालों के सत्यापन के लिए सिम कंपनियों से संपर्क किया जाएगा। हालांकि इस तरह से ग्रुप के जरिये ठगी भी हो सकती है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।