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दुष्कर्म होने पर युवती से शादी करने से किया इनकार
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दुष्कर्म होने पर युवती से शादी करने से किया इनकार
गाजियाबाद। सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई लालकुआं क्षेत्र की युवती पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। मेरठ के जिस युवक से उसकी 20 अप्रैल को शादी होनी थी, 31 मार्च को वारदात हो जाने के बाद उसने और उसके परिवार ने रिश्ता तोड़ दिया। युवती की मां का कहना है कि बेटी की शादी के लिए जो रकम जोड़ी थी, वह उसके इलाज में खर्च हो चुकी है। हर तरफ अंधकार नजर आ रहा है और प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही।
उन्होंने बताया कि शादी पहले 20 मार्च को होनी थी। यह एक महीने के लिए टल गई। इसी बीच 30 मार्च को पुलिस उन्हें और उनके बेटे को कविनगर थाने ले गई। वहां ठगी के मामले में दो दिन तक हिरासत में रखा। इसके बाद उन्हें छोड़ने के लिए बेटी को रात के एक बजे घर से परिचय पत्र लाने के लिए भेज दिया। वापसी में ऑटो चालक और उसके दो दोस्तों ने बेटी का अपहरण कर लिया और दादरी ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। मुसीबत की इस घड़ी में लड़के वालों की तरफ से कोई नहीं आया। बेटी की हालत कुछ ठीक होने पर उनसे बात की तो उन्होंने रिश्ता ही तोड़ दिया।
पुलिस ने दी जेल भेजने की धमकी
युवती की मां का कहना है कि बेटी के अपहरण को पुलिस ने बहला-फुसलाकर ले जाने की धारा में दर्ज किया। जब उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म का पता चला तो पुलिसवालों को उन पर कार्रवाई हो जाने का डर लगा। इससे बचने के लिए उन्होंने दबाव बनाया कि वह बेटी के खुद चले जाने की बात लिखकर दें, उन्होंने इनकार किया तो धमकी दी कि उन्हें धोखाधड़ी के जिस केस में दो दिन हिरासत में रखकर छोड़ा है, उसी में जेल भेज देंगे।
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सीबीआई से कराई जाए जांच
युवती को मां ने बताया कि थाना और जिलाधिकारी स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने एडीजी से न्याय की गुहार लगाई और सीबीआई जांच की मांग की। इस पर एडीजी ने खुद जांच कराई। इसके बाद कविनगर थाने के एसएचओ और दो दरोगा निलंबित हुए। वह चार बार सीएम दफ्तर जा चुकी हैं। अब फिर से जाएंगी और सीबीआई जांच की मांग करेंगी। जिन पुलिसवालों की लापरवाही से बेटी की जिंदगी बर्बाद हुई है, उन्हें भी आरोपी बनाया जाए।
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गाजियाबाद। सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई लालकुआं क्षेत्र की युवती पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। मेरठ के जिस युवक से उसकी 20 अप्रैल को शादी होनी थी, 31 मार्च को वारदात हो जाने के बाद उसने और उसके परिवार ने रिश्ता तोड़ दिया। युवती की मां का कहना है कि बेटी की शादी के लिए जो रकम जोड़ी थी, वह उसके इलाज में खर्च हो चुकी है। हर तरफ अंधकार नजर आ रहा है और प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही।
उन्होंने बताया कि शादी पहले 20 मार्च को होनी थी। यह एक महीने के लिए टल गई। इसी बीच 30 मार्च को पुलिस उन्हें और उनके बेटे को कविनगर थाने ले गई। वहां ठगी के मामले में दो दिन तक हिरासत में रखा। इसके बाद उन्हें छोड़ने के लिए बेटी को रात के एक बजे घर से परिचय पत्र लाने के लिए भेज दिया। वापसी में ऑटो चालक और उसके दो दोस्तों ने बेटी का अपहरण कर लिया और दादरी ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। मुसीबत की इस घड़ी में लड़के वालों की तरफ से कोई नहीं आया। बेटी की हालत कुछ ठीक होने पर उनसे बात की तो उन्होंने रिश्ता ही तोड़ दिया।
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पुलिस ने दी जेल भेजने की धमकी
युवती की मां का कहना है कि बेटी के अपहरण को पुलिस ने बहला-फुसलाकर ले जाने की धारा में दर्ज किया। जब उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म का पता चला तो पुलिसवालों को उन पर कार्रवाई हो जाने का डर लगा। इससे बचने के लिए उन्होंने दबाव बनाया कि वह बेटी के खुद चले जाने की बात लिखकर दें, उन्होंने इनकार किया तो धमकी दी कि उन्हें धोखाधड़ी के जिस केस में दो दिन हिरासत में रखकर छोड़ा है, उसी में जेल भेज देंगे।
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सीबीआई से कराई जाए जांच
युवती को मां ने बताया कि थाना और जिलाधिकारी स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने एडीजी से न्याय की गुहार लगाई और सीबीआई जांच की मांग की। इस पर एडीजी ने खुद जांच कराई। इसके बाद कविनगर थाने के एसएचओ और दो दरोगा निलंबित हुए। वह चार बार सीएम दफ्तर जा चुकी हैं। अब फिर से जाएंगी और सीबीआई जांच की मांग करेंगी। जिन पुलिसवालों की लापरवाही से बेटी की जिंदगी बर्बाद हुई है, उन्हें भी आरोपी बनाया जाए।