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कविनगर पुलिस की लापरवाही से हुआ था युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म
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कविनगर पुलिस की लापरवाही से हुआ था युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म
गाजियाबाद। लालकुआं क्षेत्र से 31 मार्च की रात 23 वर्षीय युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात में कविनगर थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने युवती को रात में अकेले ही घर भेज दिया था। थाने वापस आते समय उसका अपहरण हुआ था। पुलिस ने ठगी के मामले में युवती के भाई को शक के आधार पर हिरासत में लिया था। मां और बहन ने उसे छोड़ने के लिए कहा तो पुलिस ने उसका आधार कार्ड मांगा। पुलिस ने मां को थाने पर ही रखा और युवती को घर भेज दिया। जांच में इसकी पुष्टि होने पर एसएसपी मुनिराज जी. ने शुक्रवार को कविनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक आनंद प्रकाश मिश्रा और दुष्कर्म मामले में विवेचना अधिकारी रहे दरोगा गुडवीर सिंह व इच्छाराम को निलंबित कर दिया है।
युवती को लालकुआं से ही अगवा कर तीन युवक ऑटो से दादरी ले गए थे। वहां दुष्कर्म किया और दो दिन बंधक बनाकर रखा। मोबाइल छीने जाने से पहले ही युवती ने अपहरण की सूचना मां को दे दी थी। मां ने थाना प्रभारी निरीक्षक को बताया तो केस अपहरण का नहीं, बहला-फुसलाकर ले जाने का दर्ज किया गया। उसकी तलाश नहीं की। दो दिन बाद युवती के लौट आने पर मेडिकल परीक्षण के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई। अफसरों को इसकी सूचना नहीं दी।
जांच में पुष्टि होने पर कार्रवाई
युवती की मां ने एडीजी जोन से इसकी शिकायत की। इस बीच पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी बुलंदशहर के निवासी भूपेंद्र, दादरी के निवासी शिवम और रोहित को गिरफ्तार कर लिया, वे जेल चले गए। एडीजी ने हापुड़ के एएसपी को पूरे मामले की जांच दी। एसएसपी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
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20 दिन में दो बार निलंबित हुआ दरोगा
दरोगा गुडवीर सिंह को 20 दिन में दो बार निलंबित किया गया है। पहला मामला मॉडल के साथ दुष्कर्म का था। उसमें गुडवीर पर धारा में खेल करने का आरोप लगा था। दुष्कर्म की धारा हटाकर केस धोखाधड़ी की धारा में तरमीम कर दिया था। मॉडल की शिकायत पर कार्रवाई हुई थी। वह उसी दौरान युवती के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विवेचना अधिकारी था। निलंबित होने पर विवेचना इच्छाराम को दे दी गई। अब इस केस में जांच होने पर उसे फिर से निलंबित किया गया है।
बाज नहीं आ रहे पुलिसवाले
1. तीन जून - मनचले से परेशान युवती के जहर खा लेने पर सिहानी गेट थाने के एसएसआई प्रभाकर सिंह और बस अड्डा चौकी के इंचार्ज नागेंद्र सिंह को निलंबित किया गया । घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी।
2. चार जून - युवती के जहर खा लेने के मामले में लापरवाही बरतने पर सिहानी गेट थाने के एसएचओ सौरभ विक्त्रस्म सिंह को निलंबित किया गया।
3. 12 मई - लापता किशोरी की बरामदगी की कोशिश में ढिलाई बरतने पर मधुबन बापूधाम थाने के प्रभारी सुनील कुमार और सेक्टर - 23 चौकी प्रभारी रंजीत को निलंबित किया गया। किशोरी के पिता ने आत्मदाह का प्रयास किया था।
4. 09 अप्रैल - राकेश मार्ग पर सराफ को गोली मारने की घटना के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर दयानंद चौकी प्रभारी अभिमन सिंह को किया गया था निलंबित।
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गाजियाबाद। लालकुआं क्षेत्र से 31 मार्च की रात 23 वर्षीय युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात में कविनगर थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने युवती को रात में अकेले ही घर भेज दिया था। थाने वापस आते समय उसका अपहरण हुआ था। पुलिस ने ठगी के मामले में युवती के भाई को शक के आधार पर हिरासत में लिया था। मां और बहन ने उसे छोड़ने के लिए कहा तो पुलिस ने उसका आधार कार्ड मांगा। पुलिस ने मां को थाने पर ही रखा और युवती को घर भेज दिया। जांच में इसकी पुष्टि होने पर एसएसपी मुनिराज जी. ने शुक्रवार को कविनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक आनंद प्रकाश मिश्रा और दुष्कर्म मामले में विवेचना अधिकारी रहे दरोगा गुडवीर सिंह व इच्छाराम को निलंबित कर दिया है।
युवती को लालकुआं से ही अगवा कर तीन युवक ऑटो से दादरी ले गए थे। वहां दुष्कर्म किया और दो दिन बंधक बनाकर रखा। मोबाइल छीने जाने से पहले ही युवती ने अपहरण की सूचना मां को दे दी थी। मां ने थाना प्रभारी निरीक्षक को बताया तो केस अपहरण का नहीं, बहला-फुसलाकर ले जाने का दर्ज किया गया। उसकी तलाश नहीं की। दो दिन बाद युवती के लौट आने पर मेडिकल परीक्षण के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई। अफसरों को इसकी सूचना नहीं दी।
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जांच में पुष्टि होने पर कार्रवाई
युवती की मां ने एडीजी जोन से इसकी शिकायत की। इस बीच पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी बुलंदशहर के निवासी भूपेंद्र, दादरी के निवासी शिवम और रोहित को गिरफ्तार कर लिया, वे जेल चले गए। एडीजी ने हापुड़ के एएसपी को पूरे मामले की जांच दी। एसएसपी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
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20 दिन में दो बार निलंबित हुआ दरोगा
दरोगा गुडवीर सिंह को 20 दिन में दो बार निलंबित किया गया है। पहला मामला मॉडल के साथ दुष्कर्म का था। उसमें गुडवीर पर धारा में खेल करने का आरोप लगा था। दुष्कर्म की धारा हटाकर केस धोखाधड़ी की धारा में तरमीम कर दिया था। मॉडल की शिकायत पर कार्रवाई हुई थी। वह उसी दौरान युवती के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विवेचना अधिकारी था। निलंबित होने पर विवेचना इच्छाराम को दे दी गई। अब इस केस में जांच होने पर उसे फिर से निलंबित किया गया है।
बाज नहीं आ रहे पुलिसवाले
1. तीन जून - मनचले से परेशान युवती के जहर खा लेने पर सिहानी गेट थाने के एसएसआई प्रभाकर सिंह और बस अड्डा चौकी के इंचार्ज नागेंद्र सिंह को निलंबित किया गया । घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी।
2. चार जून - युवती के जहर खा लेने के मामले में लापरवाही बरतने पर सिहानी गेट थाने के एसएचओ सौरभ विक्त्रस्म सिंह को निलंबित किया गया।
3. 12 मई - लापता किशोरी की बरामदगी की कोशिश में ढिलाई बरतने पर मधुबन बापूधाम थाने के प्रभारी सुनील कुमार और सेक्टर - 23 चौकी प्रभारी रंजीत को निलंबित किया गया। किशोरी के पिता ने आत्मदाह का प्रयास किया था।
4. 09 अप्रैल - राकेश मार्ग पर सराफ को गोली मारने की घटना के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर दयानंद चौकी प्रभारी अभिमन सिंह को किया गया था निलंबित।