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विजयनगर में बिना पत्थर डाले बना दी सड़क, वसुंधरा में बिना काम भुगतान की फाइल
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विजयनगर में बिना पत्थर डाले बना दी सड़क, वसुंधरा में बिना काम भुगतान की फाइल
गाजियाबाद। आर्थिक संकट से जूझ रहा नगर निगम ठेकेदारों को भुगतान नहीं कर पा रहा है लेकिन भ्रष्टाचार फिर भी नहीं थम रहा। विजयनगर में इंजीनियर की साठगांठ से ठेकेदार ने बिना एसडीबीसी (सेमी डेंस बिटुमिनियस कंक्रीट) डाले ही सड़क बना दी। एस्टिमेट में एसडीबीसी को भी शामिल किया गया था। दूसरी ओर, वसुंधरा में निगम की महिला अवर अभियंता ने बिना काम किए ही एक फर्म को भुगतान के लिए फाइल बना दी। दोनों मामलों में अधिशासी अभियंता ने ठेकेदार और जूनियर इंजीनियरों को नोटिस जारी कर जांच सहायक अभियंता को दी है।
1.13 करोड़ की सड़क बनाने में किया घोटाला
निर्माण विभाग ने बीते साल दिसंबर में वार्ड-55 में सम्राट चौक से गोल्डन पब्लिक स्कूल तक सड़क निर्माण के लिए बालाजी इंफ्रास्ट्रक्चर इंजी. प्रा.लि. नाम की फर्म को कार्यादेश जारी किया था। 1.13 करोड़ की लागत से बनने वाली इस सड़क के एस्टिमेट में एसडीबीसी यानी तारकोल मिक्स मोटी गिट्टियों की परत बिछाने के काम को भी शामिल किया था। नगर निगम से कार्यादेश जारी होने के बाद ठेकेदार ने सड़क बनाने का काम शुरू किया लेकिन इससे एसडीबीसी की एक परत ही गायब कर दी। ठेकेदार ने मोटे पत्थर डालने के बाद सीधे तारकोल मिक्स छोटी गिट्टियों की परत डालकर काम खत्म कर दिया। इससे सड़क कमजोर हो गई और बनते ही जगह-जगह से टूटने भी लगी है। इस मामले में अब निगम के अधिशासी अभियंता ने अवर अभियंता गणेशी लाल और फर्म संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह काम बालाजी फर्म के संचालक ने एक पेटी ठेकेदार को सौंप दिया था।
काम किया भारत इंटरप्राइजेज ने, बिल बनाया प्रधान कांट्रेक्टर का
इंजीनियरों और ठेकेदार की मिलीभगत का दूसरा मामला वसुंधरा जोन में सामने आया है। यहां नगर निगम वार्ड-36 के प्रहलादगढ़ी की जाटव वाली गली में बल्लेराम से राजकुमार के मकान तक नाली और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का ठेका भारत इंटरप्राइजेज नाम की फर्म को दिया था। इस फर्म ने काम पूरा भी कर दिया लेकिन अवर अभियंता पूजा सिंह ने भुगतान के लिए बिल मैसर्स प्रधान कंस्ट्रक्शन के नाम पर बना दिया। यह फाइल भुगतान के लिए नगर निगम मुख्यालय में भी पहुंच गई थी। मामला पकड़ में आया तो अधिशासी अभियंता देशराज सिंह ने अवर अभियंता पूजा सिंह को नोटिस जारी कर जांच सहायक अभियंता अनूप कुमार को सौंपी है। उन्होंने माना कि यह वित्तीय अनियमितता की गई है। उन्होंने अवर अभियंता से स्पष्टीकरण भी मांगा है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पूजा सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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दोनों मामलों में जांच कराई जा रही है। ठेकेदार ने एसडीबीसी क्यों नहीं डाली, उससे जवाब भी मांगा गया है। दोनों ही प्रकरणों में अवर अभियंताओं को भी नोटिस जारी किया गया है। जांच रिपोर्ट आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। अवर अभियंताओं की मिलीभगत पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। - एनके चौधरी, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
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गाजियाबाद। आर्थिक संकट से जूझ रहा नगर निगम ठेकेदारों को भुगतान नहीं कर पा रहा है लेकिन भ्रष्टाचार फिर भी नहीं थम रहा। विजयनगर में इंजीनियर की साठगांठ से ठेकेदार ने बिना एसडीबीसी (सेमी डेंस बिटुमिनियस कंक्रीट) डाले ही सड़क बना दी। एस्टिमेट में एसडीबीसी को भी शामिल किया गया था। दूसरी ओर, वसुंधरा में निगम की महिला अवर अभियंता ने बिना काम किए ही एक फर्म को भुगतान के लिए फाइल बना दी। दोनों मामलों में अधिशासी अभियंता ने ठेकेदार और जूनियर इंजीनियरों को नोटिस जारी कर जांच सहायक अभियंता को दी है।
1.13 करोड़ की सड़क बनाने में किया घोटाला
निर्माण विभाग ने बीते साल दिसंबर में वार्ड-55 में सम्राट चौक से गोल्डन पब्लिक स्कूल तक सड़क निर्माण के लिए बालाजी इंफ्रास्ट्रक्चर इंजी. प्रा.लि. नाम की फर्म को कार्यादेश जारी किया था। 1.13 करोड़ की लागत से बनने वाली इस सड़क के एस्टिमेट में एसडीबीसी यानी तारकोल मिक्स मोटी गिट्टियों की परत बिछाने के काम को भी शामिल किया था। नगर निगम से कार्यादेश जारी होने के बाद ठेकेदार ने सड़क बनाने का काम शुरू किया लेकिन इससे एसडीबीसी की एक परत ही गायब कर दी। ठेकेदार ने मोटे पत्थर डालने के बाद सीधे तारकोल मिक्स छोटी गिट्टियों की परत डालकर काम खत्म कर दिया। इससे सड़क कमजोर हो गई और बनते ही जगह-जगह से टूटने भी लगी है। इस मामले में अब निगम के अधिशासी अभियंता ने अवर अभियंता गणेशी लाल और फर्म संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह काम बालाजी फर्म के संचालक ने एक पेटी ठेकेदार को सौंप दिया था।
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काम किया भारत इंटरप्राइजेज ने, बिल बनाया प्रधान कांट्रेक्टर का
इंजीनियरों और ठेकेदार की मिलीभगत का दूसरा मामला वसुंधरा जोन में सामने आया है। यहां नगर निगम वार्ड-36 के प्रहलादगढ़ी की जाटव वाली गली में बल्लेराम से राजकुमार के मकान तक नाली और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का ठेका भारत इंटरप्राइजेज नाम की फर्म को दिया था। इस फर्म ने काम पूरा भी कर दिया लेकिन अवर अभियंता पूजा सिंह ने भुगतान के लिए बिल मैसर्स प्रधान कंस्ट्रक्शन के नाम पर बना दिया। यह फाइल भुगतान के लिए नगर निगम मुख्यालय में भी पहुंच गई थी। मामला पकड़ में आया तो अधिशासी अभियंता देशराज सिंह ने अवर अभियंता पूजा सिंह को नोटिस जारी कर जांच सहायक अभियंता अनूप कुमार को सौंपी है। उन्होंने माना कि यह वित्तीय अनियमितता की गई है। उन्होंने अवर अभियंता से स्पष्टीकरण भी मांगा है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पूजा सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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दोनों मामलों में जांच कराई जा रही है। ठेकेदार ने एसडीबीसी क्यों नहीं डाली, उससे जवाब भी मांगा गया है। दोनों ही प्रकरणों में अवर अभियंताओं को भी नोटिस जारी किया गया है। जांच रिपोर्ट आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। अवर अभियंताओं की मिलीभगत पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। - एनके चौधरी, चीफ इंजीनियर, नगर निगम