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घरों से ई-कचरा उठवाएगा निगम, रुपये भी देगा
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घरों से ई-कचरा उठवाएगा निगम, रुपये भी देगा
गाजियाबाद। टूटे-फूटे फोन, बिजली के पुराने तार, बेकार हो चुके कंप्यूटर समेत ई-कचरा अब कूड़ेदान में नहीं फेंकना पड़ेगा। नगर निगम एक प्राइवेट फर्म के माध्यम से इसे घरों से उठवाएगा। यह फर्म लोगों को ई-कचरे के बदले में रुपये भी देगी। निगम के स्वास्थ्य विभाग ने पांचों जोन में फर्म तय करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की तर्ज पर ई-कचरे को उठवाने की यह योजना तैयार की गई है। इससे पहले गाजियाबाद में यह सुविधा नहीं थी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार का कहना है कि इसके लिए पहले चरण में आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) जारी किया है। इसमें शामिल होने वाली फर्मों के प्रस्ताव लेकर फिर टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। उनका कहना है कि अपने प्रस्ताव में फर्म संचालक बताएंगे कि वह ई-कचरे के लिए जनता को अधिकतम मूल्य कितना देंगे और नगर निगम को उसमें कितनी हिस्सेदारी मिलेगी। सबसे बेहतर प्रस्ताव देने वाली फर्म को टेंडर के माध्यम से ठेका दिया जाएगा।
एक कॉल पर कचरा उठाने आएंगे कर्मचारी
ई-कचरा कलेक्शन करने की यह प्रक्रिया पूरी तरह मोबाइल एप पर आधारित होगी। निगम सीमा में रहने वाले लोग एप के माध्यम से या कॉल करके ई-कचरे की जानकारी फर्म को दे सकेंगे। फर्म के कर्मचारी उनके घर जाकर कचरा एकत्रित करेंगे और वहीं पर उसकी कीमत भी अदा कर देंगे।
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गाजियाबाद। टूटे-फूटे फोन, बिजली के पुराने तार, बेकार हो चुके कंप्यूटर समेत ई-कचरा अब कूड़ेदान में नहीं फेंकना पड़ेगा। नगर निगम एक प्राइवेट फर्म के माध्यम से इसे घरों से उठवाएगा। यह फर्म लोगों को ई-कचरे के बदले में रुपये भी देगी। निगम के स्वास्थ्य विभाग ने पांचों जोन में फर्म तय करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की तर्ज पर ई-कचरे को उठवाने की यह योजना तैयार की गई है। इससे पहले गाजियाबाद में यह सुविधा नहीं थी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार का कहना है कि इसके लिए पहले चरण में आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) जारी किया है। इसमें शामिल होने वाली फर्मों के प्रस्ताव लेकर फिर टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। उनका कहना है कि अपने प्रस्ताव में फर्म संचालक बताएंगे कि वह ई-कचरे के लिए जनता को अधिकतम मूल्य कितना देंगे और नगर निगम को उसमें कितनी हिस्सेदारी मिलेगी। सबसे बेहतर प्रस्ताव देने वाली फर्म को टेंडर के माध्यम से ठेका दिया जाएगा।
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एक कॉल पर कचरा उठाने आएंगे कर्मचारी
ई-कचरा कलेक्शन करने की यह प्रक्रिया पूरी तरह मोबाइल एप पर आधारित होगी। निगम सीमा में रहने वाले लोग एप के माध्यम से या कॉल करके ई-कचरे की जानकारी फर्म को दे सकेंगे। फर्म के कर्मचारी उनके घर जाकर कचरा एकत्रित करेंगे और वहीं पर उसकी कीमत भी अदा कर देंगे।
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